पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा की पत्नी चेन्नम्मा का निधन, 85 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस
Karnataka कर्नाटक: पूर्व प्रधानमंत्री और जनता दल (सेक्युलर) (JDS) के प्रमुख नेता एचडी देवेगौड़ा की पत्नी चेन्नम्मा का निधन हो गया है। वह 85 वर्ष की थीं। चेन्नम्मा पिछले कुछ समय से उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं और बेंगलुरु के मणिपाल अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी। बताया जा रहा है कि मंगलवार शाम करीब 4:30 बजे दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया।
चेन्नम्मा पिछले चार दिनों से अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई (ICU) में भर्ती थीं। डॉक्टरों की विशेष टीम लगातार उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रख रही थी। हालांकि, इलाज के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका और उन्होंने अंतिम सांस ले ली। उनके निधन की खबर सामने आते ही राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई।
चेन्नम्मा के निधन से पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के परिवार और समर्थकों में गहरा दुख है। परिवार के करीबी लोगों के अनुसार, चेन्नम्मा लंबे समय से देवेगौड़ा परिवार की मजबूत आधार स्तंभ रही थीं। उन्होंने राजनीतिक जीवन में भी अपने परिवार का हमेशा साथ दिया और कठिन परिस्थितियों में परिवार को मजबूती प्रदान की।
एचडी देवेगौड़ा भारतीय राजनीति के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं और उन्होंने देश के प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी भी संभाली है। उनके लंबे राजनीतिक सफर में चेन्नम्मा ने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हालांकि वह खुद सक्रिय राजनीति में नहीं रहीं, लेकिन परिवार और सामाजिक जीवन में उनका योगदान हमेशा उल्लेखनीय रहा।
चेन्नम्मा का जन्म कर्नाटक के एक सामान्य परिवार में हुआ था। उनका विवाह एचडी देवेगौड़ा से हुआ और इसके बाद उन्होंने परिवार की जिम्मेदारियों को संभाला। देवेगौड़ा के राजनीतिक संघर्ष के शुरुआती दौर से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनने तक चेन्नम्मा उनके साथ रहीं। उन्होंने परिवार को संभालते हुए देवेगौड़ा के राजनीतिक सफर में महत्वपूर्ण सहयोग दिया।
जनता दल (सेक्युलर) से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चेन्नम्मा के निधन पर शोक व्यक्त किया है। पार्टी नेताओं ने उन्हें एक सरल, शांत और सहयोगी व्यक्तित्व वाली महिला बताया। उन्होंने कहा कि चेन्नम्मा ने हमेशा परिवार और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को प्राथमिकता दी।
कर्नाटक के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र के कई प्रमुख लोगों ने उनके निधन पर संवेदना व्यक्त की है। नेताओं ने कहा कि चेन्नम्मा का जीवन सादगी और समर्पण का उदाहरण रहा। उन्होंने देवेगौड़ा परिवार को मजबूती देने के साथ-साथ सामाजिक मूल्यों को भी महत्व दिया।
चेन्नम्मा के निधन की सूचना मिलने के बाद उनके समर्थक और शुभचिंतक अस्पताल के बाहर भी जुटने लगे। परिवार की ओर से अंतिम संस्कार से जुड़ी जानकारी जल्द जारी किए जाने की संभावना है। उनके अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।
एचडी देवेगौड़ा परिवार के लिए यह समय बेहद भावुक है। देवेगौड़ा और चेन्नम्मा का साथ कई दशकों तक रहा। दोनों ने पारिवारिक जीवन के साथ-साथ सार्वजनिक जीवन की चुनौतियों का भी सामना किया। चेन्नम्मा हमेशा परिवार के पीछे एक मजबूत सहारे के रूप में खड़ी रहीं।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि चेन्नम्मा भले ही प्रत्यक्ष रूप से राजनीति में सक्रिय नहीं थीं, लेकिन कर्नाटक के एक प्रमुख राजनीतिक परिवार की सदस्य के रूप में उनका स्थान विशेष रहा। देवेगौड़ा परिवार के सामाजिक और राजनीतिक सफर में उनकी भूमिका को हमेशा याद किया जाएगा।
85 वर्ष की उम्र में चेन्नम्मा के निधन से एक युग का अंत हुआ है। उनके निधन से परिवार, पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में शोक व्याप्त है। देश और कर्नाटक की राजनीति से जुड़े कई लोग उनके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं और उनके योगदान को याद कर रहे हैं।