बेंगलुरु: कर्नाटक की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से जुड़े कथित स्टिंग ऑपरेशन को लेकर विवाद तेज हो गया है। केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने शनिवार को बेंगलुरु में जनता दल (सेक्युलर) यानी जेडी(एस) के पैदल मार्च का नेतृत्व किया। पार्टी ने कथित स्टिंग ऑपरेशन के पीछे शामिल लोगों को गिरफ्तार करने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई।यह मार्च शेषाद्रिपुरम स्थित जेडी(एस) मुख्यालय जेपी भवन से शुरू हुआ और डीजीपी कार्यालय की ओर बढ़ा। कुमारस्वामी के साथ पार्टी के कई नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि सिद्धारमैया को निशाना बनाकर प्रसारित किए गए कथित वीडियो की जांच की जाए और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई हो।मार्च के दौरान पुलिस ने कई बार प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी आगे बढ़ते रहे। बाद में फ्रीडम पार्क के पास पुलिस ने बसें और बैरिकेड्स लगाकर रास्ता रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने फ्रीडम पार्क में ही अपना विरोध जारी रखा।
जेपी भवन से शुरू हुआ मार्च, फ्रीडम पार्क में जारी रहा प्रदर्शन
जेडी(एस) का यह पैदल मार्च बेंगलुरु स्थित पार्टी मुख्यालय जेपी भवन से शुरू हुआ। प्रदर्शनकारी नृपतुंगा रोड पर स्थित पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कार्यालय की ओर बढ़ रहे थे। मार्च का उद्देश्य कथित स्टिंग ऑपरेशन को लेकर पुलिस से कार्रवाई की मांग करना था।मार्च में एचडी कुमारस्वामी के साथ पार्टी के नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने रास्ते में कई बार मार्च को रोकने की कोशिश की। बाद में फ्रीडम पार्क के पास बसों और बैरिकेड्स के जरिए रास्ता बंद कर दिया गया। इसके बाद प्रदर्शनकारी वहीं रुक गए और फ्रीडम पार्क में अपना विरोध जारी रखा।पार्टी की ओर से मांग की गई कि कथित स्टिंग ऑपरेशन के पीछे शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए। इसके साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने पर भी जोर दिया गया।
क्या है सिद्धारमैया से जुड़ा स्टिंग ऑपरेशन विवाद?
यह विवाद सोशल मीडिया और कुछ स्थानीय समाचार चैनलों पर प्रसारित कथित स्टिंग वीडियो से जुड़ा है। वीडियो में पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से संबंधित होने का दावा किया गया है। हालांकि, वीडियो की सामग्री और उससे जुड़े आरोपों को लेकर विवाद बना हुआ है।जेडी(एस) ने आरोप लगाया है कि वीडियो को संपादित करके सिद्धारमैया की छवि खराब करने के उद्देश्य से प्रसारित किया गया। पार्टी ने इस मामले में स्वतंत्र जांच की मांग की है। वहीं, सिद्धारमैया ने भी वीडियो के प्रसार को लेकर जांच की आवश्यकता जताई है।इस मामले में बेंगलुरु पुलिस की केंद्रीय अपराध शाखा ने भी कार्रवाई की है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, कथित वीडियो से संबंधित मामले में कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था। पुलिस की जांच का उद्देश्य वीडियो के प्रसार और उससे संबंधित आरोपों के तथ्यों का पता लगाना है।
कुमारस्वामी की पार्टी ने उठाई गिरफ्तारी की मांग
कुमारस्वामी के नेतृत्व में हुए मार्च के जरिए जेडी(एस) ने सवाल उठाया कि कथित स्टिंग ऑपरेशन के पीछे कौन लोग हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई कब होगी। पार्टी का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कदम उठाए जाने चाहिए।कुमारस्वामी पहले भी इस मामले में स्वतंत्र जांच की मांग कर चुके हैं। विवाद के बीच उन्होंने जेडी(एस) के सोशल मीडिया से जुड़े कार्यकर्ताओं को निशाना बनाए जाने का आरोप भी लगाया है। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्षों के बयानों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।फिलहाल, बेंगलुरु में हुए इस पैदल मार्च ने कर्नाटक की राजनीति में कथित स्टिंग ऑपरेशन को लेकर चल रहे विवाद को फिर सुर्खियों में ला दिया है। जेडी(एस) की प्रमुख मांग है कि मामले की जांच कर वीडियो तैयार करने और प्रसारित करने में कथित रूप से शामिल लोगों की पहचान की जाए। अब इस मामले में पुलिस की आगे की कार्रवाई और जांच से सामने आने वाले तथ्यों पर नजर रहेगी।
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