हासन। कर्नाटक के प्रसिद्ध हसनम्बा देवी मंदिर में वार्षिक दर्शन उत्सव की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को मंदिर के गर्भगृह के कपाट विधि-विधान के साथ खोले जाएंगे। इस वर्ष हसनम्बा देवी महोत्सव 29 अक्टूबर से 11 नवंबर तक कुल 14 दिनों तक आयोजित किया जाएगा। हालांकि, आम श्रद्धालुओं को देवी के दर्शन 30 अक्टूबर से 10 नवंबर तक कुल 12 दिनों के लिए उपलब्ध होंगे। हासन जिले के प्रभारी मंत्री के.एम. शिवलिंगेगौड़ा ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक गोल्ड पास पर केवल एक व्यक्ति को ही दर्शन करने की अनुमति मिलेगी। इस बार श्रद्धालुओं के लिए कतार व्यवस्था, विशेष दर्शन, प्रसाद वितरण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी व्यवस्था की गई है।
29 अक्टूबर को खुलेंगे देवी मंदिर के कपाट
हासन शहर स्थित प्रसिद्ध हसनम्बा देवी मंदिर के गर्भगृह के दरवाजे गुरुवार को खोले जाएंगे।
मंदिर की विशेष परंपरा के अनुसार, श्रद्धालुओं को वर्ष में केवल एक निश्चित अवधि के दौरान ही देवी के दर्शन का अवसर मिलता है।
इस बार मंदिर के कपाट 29 अक्टूबर को खोले जाएंगे और 11 नवंबर को बंद होंगे।
पहले दिन गर्भगृह में पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे।
इस कारण आम श्रद्धालुओं को 29 अक्टूबर को दर्शन की अनुमति नहीं होगी।
सार्वजनिक दर्शन की शुरुआत शुक्रवार, 30 अक्टूबर से होगी और यह व्यवस्था 10 नवंबर तक जारी रहेगी।
गोल्ड पास से केवल एक व्यक्ति को मिलेगा प्रवेश
जिला प्रभारी मंत्री के.एम. शिवलिंगेगौड़ा ने स्पष्ट किया कि गोल्ड पास के माध्यम से दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं के लिए नियम निर्धारित किए गए हैं।
एक गोल्ड पास पर केवल एक व्यक्ति को ही मंदिर में प्रवेश और दर्शन की अनुमति होगी।
इस व्यवस्था का उद्देश्य विशेष दर्शन के दौरान भीड़ को नियंत्रित करना है।
मंत्री के अनुसार, गोल्ड पास धारकों के लिए सुबह 8 बजे से 10 बजे तक दर्शन का समय निर्धारित किया गया है।
इसके अतिरिक्त प्रोटोकॉल के अंतर्गत आने वाले अतिथियों के लिए सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक अलग व्यवस्था की गई है।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से निर्धारित नियमों का पालन करने की अपील की है।
300 और 1000 रुपये के विशेष दर्शन टिकट
हसनम्बा देवी महोत्सव में सामान्य दर्शन के अतिरिक्त विशेष दर्शन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
जिला प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं के लिए 300 रुपये और 1,000 रुपये की टिकट व्यवस्था की जानकारी दी गई है।
कर्नाटक पर्यटन विभाग के अनुसार, पर्यटन पैकेज के अंतर्गत 1,000 रुपये का विशेष दर्शन टिकट 30 अक्टूबर से 10 नवंबर तक उपलब्ध रहेगा।
इस व्यवस्था का उद्देश्य श्रद्धालुओं को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार दर्शन की सुविधा प्रदान करना है।
श्रद्धालु टिकट संबंधी जानकारी आधिकारिक मंदिर वेबसाइट तथा संबंधित पर्यटन और परिवहन संस्थानों के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं।
लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद
हसनम्बा देवी मंदिर कर्नाटक के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है।
हर वर्ष मंदिर के वार्षिक दर्शन उत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं।
पिछले वर्ष 23 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के दर्शन करने की जानकारी सामने आई थी।
इस बार भी बड़ी संख्या में भक्तों के पहुंचने की संभावना है।
इसी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया है।
श्रद्धालुओं को लंबी कतारों में अधिक परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन द्वारा विभिन्न विभागों के कर्मचारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष इंतजाम
हासन जिला प्रशासन ने उत्सव के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।
मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा रही है।
कतारों को व्यवस्थित रखने के लिए बैरिकेड लगाए जाएंगे।
इसके अतिरिक्त पेयजल, साफ-सफाई, प्रसाद वितरण और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
जिला प्रशासन ने पुलिस और राजस्व विभाग के कर्मचारियों को भीड़ नियंत्रण की जिम्मेदारी दी है।
अधिकारियों का प्रयास है कि दूरदराज से आने वाले श्रद्धालुओं को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
बार-बार बंद नहीं होंगे गर्भगृह के दरवाजे
मंत्री शिवलिंगेगौड़ा ने बताया कि इस बार मंदिर प्रशासन से गर्भगृह के कपाट बार-बार बंद नहीं करने का अनुरोध किया गया है।
उन्होंने कहा कि लंबे समय तक कपाट बंद रहने से श्रद्धालुओं को कतारों में अधिक प्रतीक्षा करनी पड़ती है।
इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए मंदिर के प्रधान पुजारी से बातचीत की गई है।
मंत्री के अनुसार, इस बार धार्मिक अनुष्ठानों के संचालन के लिए अधिक पुजारियों की सेवाएं ली जाएंगी।
इससे पूजा संबंधी कार्य व्यवस्थित तरीके से पूरे किए जा सकेंगे और भक्तों को दर्शन के लिए अधिक अवसर मिल सकेगा।
हालांकि, सभी धार्मिक अनुष्ठान मंदिर की परंपराओं के अनुसार ही संपन्न होंगे।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों से सजेगा हासन शहर
इस बार हसनम्बा देवी महोत्सव को केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रखा गया है।
प्रशासन ने इसे राज्यस्तरीय सांस्कृतिक उत्सव के रूप में आयोजित करने की योजना बनाई है।
कार्यक्रम के दौरान रंगोली प्रतियोगिता, खेलकूद, लोकनृत्य, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और विभिन्न प्रदर्शनियां आयोजित की जाएंगी।
इसके अतिरिक्त पशुधन प्रदर्शनी, फल-फूल प्रदर्शनी और स्थानीय उत्पादों के बिक्री केंद्र भी महोत्सव का हिस्सा होंगे।
मंत्री ने बताया कि शहर के प्रदर्शनी मैदान में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारियां की गई हैं।
प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार भी दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री भी करेंगे दर्शन
हसनम्बा देवी महोत्सव में कर्नाटक के कई प्रमुख नेताओं और जनप्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है।
जिला प्रभारी मंत्री के अनुसार, मुख्यमंत्री एक से छह नवंबर के बीच देवी के दर्शन के लिए आ सकते हैं।
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के छह नवंबर को मंदिर पहुंचने का कार्यक्रम बताया गया है।
हालांकि, इन यात्राओं के अंतिम कार्यक्रम में बदलाव संभव है।
मंत्री ने सभी जनप्रतिनिधियों से राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर इस धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन में सहयोग करने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि हसनम्बा महोत्सव पूरे राज्य का उत्सव है और इसके सफल आयोजन में सभी की भागीदारी महत्वपूर्ण है।
साल में केवल कुछ दिनों के लिए खुलता है मंदिर
हसनम्बा देवी मंदिर की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसके गर्भगृह के कपाट वर्ष में केवल सीमित दिनों के लिए खोले जाते हैं।
इसी परंपरा के कारण मंदिर का वार्षिक दर्शन उत्सव श्रद्धालुओं के बीच विशेष महत्व रखता है।
हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माता हसनम्बा को शक्ति स्वरूपा माना जाता है।
मंदिर की स्थापत्य शैली में दक्षिण भारतीय और द्रविड़ परंपरा की विशेषताएं दिखाई देती हैं।
हासन क्षेत्र के इतिहास और स्थानीय धार्मिक मान्यताओं में इस मंदिर का महत्वपूर्ण स्थान है।
दर्शन उत्सव के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु परिवार के साथ देवी का आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं।
12 दिन मिलेगा आम श्रद्धालुओं को दर्शन का अवसर
इस वर्ष महोत्सव की कुल अवधि 14 दिन निर्धारित की गई है।
लेकिन श्रद्धालुओं के लिए नियमित सार्वजनिक दर्शन केवल 12 दिन उपलब्ध रहेंगे।
29 अक्टूबर को मंदिर के कपाट खोलने के धार्मिक अनुष्ठान होंगे।
इसके बाद 30 अक्टूबर से आम भक्त दर्शन कर सकेंगे।
10 नवंबर सार्वजनिक दर्शन का अंतिम दिन होगा, जबकि 11 नवंबर को मंदिर के कपाट बंद करने की धार्मिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
इसलिए दर्शन की योजना बनाने वाले श्रद्धालुओं को निर्धारित तारीखों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हेल्पलाइन जारी
हसनम्बा देवी महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन ने आधिकारिक संपर्क माध्यम जारी किए हैं।
कर्नाटक पर्यटन विभाग की ओर से श्रद्धालुओं के लिए सहायता नंबर उपलब्ध कराए गए हैं।
इनके माध्यम से दर्शन, टिकट और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
श्रद्धालु मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट श्री हसनम्बा मंदिर की वेबसाइट पर भी जानकारी देख सकते हैं।
अधिकारियों ने श्रद्धालुओं को अनधिकृत एजेंटों से सावधान रहने और टिकट संबंधी जानकारी विश्वसनीय माध्यमों से ही प्राप्त करने की सलाह दी है।
हसनम्बा महोत्सव को भव्य बनाने की तैयारी पूरी
कर्नाटक के हासन में आयोजित होने वाला हसनम्बा देवी महोत्सव धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं का महत्वपूर्ण आयोजन है।
जिला प्रशासन ने इस वर्ष श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम दर्शन और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए आवश्यक तैयारियां की हैं।
गोल्ड पास पर एक व्यक्ति को प्रवेश देने का नियम भीड़ प्रबंधन को बेहतर बनाने के उद्देश्य से लागू किया गया है।
गुरुवार, 29 अक्टूबर को मंदिर के कपाट खुलेंगे और 30 अक्टूबर से लाखों श्रद्धालुओं के लिए देवी दर्शन का सिलसिला शुरू होगा।