बेंगलुरु। कर्नाटक में आयुध पूजा और विजयादशमी के पर्व को लेकर धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में राज्यपाल डॉ. सुधा यादव ने सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु स्थित लोक भवन में विशेष पूजा-अर्चना की। उन्होंने मां दुर्गा की आराधना करते हुए कर्नाटक की जनता के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर राज्यपाल ने लोक भवन के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं तथा सभी को शुभकामनाएं दीं।
लोक भवन में विधि-विधान से की पूजा-अर्चना
आयुध पूजा और विजयादशमी के अवसर पर राज्यपाल सुधा यादव ने लोक भवन में आयोजित विशेष धार्मिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा-अर्चना की और मां दुर्गा से राज्य के कल्याण की प्रार्थना की।राज्यपाल ने कर्नाटक में शांति, प्रगति और समृद्धि बनी रहने की कामना की। उन्होंने कहा कि त्योहार समाज में सकारात्मकता, एकता और सद्भाव का संदेश देते हैं।इस अवसर पर लोक भवन में उत्सव का वातावरण रहा। राज्यपाल ने अधिकारियों और कर्मचारियों को त्योहार की बधाई देते हुए उनके सुखद और समृद्ध जीवन की कामना की।
मां दुर्गा की विशेष आराधना में हुईं शामिल
राज्यपाल सुधा यादव ने दुर्गा देवी की विशेष पूजा में भी भाग लिया। इस दौरान उन्होंने राज्य की जनता के कल्याण और विकास के लिए प्रार्थना की।नवरात्रि और विजयादशमी हिंदू धार्मिक परंपराओं के महत्वपूर्ण पर्व हैं। इन अवसरों पर मां दुर्गा की आराधना के साथ शक्ति, साहस और सकारात्मक ऊर्जा के महत्व को याद किया जाता है।विजयादशमी को बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व भगवान राम की रावण पर विजय और मां दुर्गा द्वारा महिषासुर के वध की पौराणिक कथाओं से जुड़ा है।
अधिकारियों और कर्मचारियों को दी शुभकामनाएं
लोक भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने वहां कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ भी त्योहार की खुशियां साझा कीं।उन्होंने सभी को आयुध पूजा और विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए प्रदेश में खुशहाली और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की कामना की।इस तरह के आयोजन सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखने और सामूहिक उत्सव की भावना को बढ़ावा देने का अवसर प्रदान करते हैं।
16 अक्टूबर को संभाला था राज्यपाल का पद
डॉ. सुधा यादव ने हाल ही में 16 अक्टूबर 2026 को कर्नाटक की राज्यपाल के रूप में शपथ ली थी। बेंगलुरु के लोक भवन में आयोजित समारोह में कर्नाटक उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति विभु बखरू ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई थी।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने 12 अक्टूबर को उनकी नियुक्ति की घोषणा की थी। सुधा यादव कर्नाटक की राज्यपाल बनने वाली दूसरी महिला हैं। उनसे पहले वीएस रमादेवी इस पद पर रह चुकी हैं।
नवरात्रि पर बच्चियों के साथ किया था कन्या पूजन
इससे एक दिन पहले, 18 अक्टूबर को भी राज्यपाल सुधा यादव ने लोक भवन में नवरात्रि के अवसर पर विशेष कन्या पूजन कार्यक्रम आयोजित किया था।इस कार्यक्रम में बेंगलुरु के गांधीनगर क्षेत्र की नागम्मानगर बस्ती से जरूरतमंद बच्चियों को आमंत्रित किया गया था।राज्यपाल ने पारंपरिक रीति से कन्या पूजन किया और बच्चियों के साथ भोजन भी किया। इस अवसर पर उन्होंने बच्चियों को स्कूल बैग, किताबें और अन्य शैक्षणिक सामग्री भेंट की।उन्होंने बालिकाओं की शिक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य के महत्व पर भी जोर दिया।
कर्नाटक में आयुध पूजा का विशेष महत्व
कर्नाटक में आयुध पूजा दशहरा उत्सव का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस दिन लोग अपने कार्यों में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों, मशीनों, वाहनों और अन्य साधनों की पूजा करते हैं।यह परंपरा श्रम, कौशल और आजीविका के साधनों के प्रति सम्मान व्यक्त करने से जुड़ी है।राज्य के विभिन्न हिस्सों में लोग अपने घरों, दुकानों, कार्यालयों और प्रतिष्ठानों में पूजा-अर्चना करते हैं। मैसूर का दशहरा उत्सव विशेष रूप से अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक परंपराओं के लिए प्रसिद्ध है।
शांति और समृद्धि का दिया संदेश
राज्यपाल सुधा यादव ने अपने पूजा कार्यक्रम के माध्यम से कर्नाटक के लोगों के लिए शांति, प्रगति और कल्याण की कामना की।हाल ही में राज्यपाल का पद संभालने के बाद नवरात्रि, आयुध पूजा और विजयादशमी से जुड़े कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी चर्चा में रही है।लोक भवन में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम के जरिए राज्यपाल ने प्रदेशवासियों को त्योहार की शुभकामनाएं दीं और सभी के सुखद भविष्य की प्रार्थना की।