बेंगलुरु। टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में कर्नाटक सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य सरकार ने 'Tathyakosh.in' नाम से एक नया ओपन डेटा पोर्टल आधिकारिक रूप से लॉन्च किया है। इस पोर्टल का उद्देश्य देशभर में अलग-अलग जगहों पर उपलब्ध पब्लिक डेटा को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाना है, जिससे शोधकर्ताओं, स्टार्टअप्स, छात्रों और AI टेक्नोलॉजी डेवलपर्स को आसानी से डेटा उपलब्ध हो सके।

इस महत्वाकांक्षी डिजिटल पहल की शुरुआत बेंगलुरु के विकास सौधा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान की गई। राज्य के मंत्री प्रियांक खड़गे ने इस पोर्टल को लॉन्च किया। उन्होंने कहा कि डेटा आज के डिजिटल युग में विकास, नीति निर्माण और नई तकनीकों के लिए बेहद महत्वपूर्ण संसाधन बन चुका है।

Tathyakosh.in को एक नॉन-प्रॉफिट डिजिटल पब्लिक गुड के रूप में विकसित किया गया है। इसका मकसद सार्वजनिक डेटा तक लोगों की पहुंच आसान बनाना है। पोर्टल पर आसान सर्च सुविधा के लिए करीब 15 लाख पब्लिक डेटा सेट को इंडेक्स किया जाएगा।

भारत में अभी बड़ी मात्रा में सरकारी और सार्वजनिक डेटा अलग-अलग वेबसाइटों, विभागों, संस्थानों और रिसर्च प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। लेकिन कई बार लोगों को अपनी जरूरत के अनुसार डेटा खोजने में परेशानी होती है। इसी समस्या को दूर करने के लिए Tathyakosh.in को एक केंद्रीकृत डेटा प्लेटफॉर्म के रूप में तैयार किया गया है।

इस पोर्टल के जरिए उपयोगकर्ता विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े डेटा तक पहुंच सकेंगे। इसमें सरकारी योजनाओं, सामाजिक विकास, अर्थव्यवस्था, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और अन्य क्षेत्रों से जुड़े डेटा शामिल हो सकते हैं। इससे शोध कार्यों और नई तकनीकों के विकास को गति मिलने की उम्मीद है।

कर्नाटक सरकार का मानना है कि सार्वजनिक डेटा को आसानी से उपलब्ध कराने से देश में इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा। खासतौर पर स्टार्टअप कंपनियों और AI आधारित तकनीक विकसित करने वाले डेवलपर्स को इससे काफी फायदा हो सकता है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विकास में डेटा की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। बेहतर और अधिक डेटा उपलब्ध होने से AI मॉडल को विकसित करने, रिसर्च करने और नई डिजिटल सेवाएं तैयार करने में मदद मिलती है। Tathyakosh.in इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

मंत्री प्रियांक खड़गे ने कहा कि डिजिटल युग में डेटा केवल जानकारी नहीं, बल्कि विकास का आधार है। सरकार का प्रयास है कि सार्वजनिक डेटा को अधिक पारदर्शी और उपयोगी बनाया जाए, ताकि इसका लाभ समाज के अलग-अलग वर्गों तक पहुंच सके।

यह पोर्टल छात्रों के लिए भी उपयोगी साबित हो सकता है। रिसर्च करने वाले विद्यार्थी और अकादमिक संस्थान विभिन्न विषयों पर अध्ययन के लिए यहां से डेटा प्राप्त कर सकेंगे। इससे शोध कार्यों की गुणवत्ता बेहतर होने की संभावना है।

स्टार्टअप्स के लिए भी यह प्लेटफॉर्म नए अवसर पैदा कर सकता है। कई नई कंपनियां डेटा के आधार पर सेवाएं और समाधान विकसित करती हैं। सार्वजनिक डेटा आसानी से उपलब्ध होने से उन्हें अपने उत्पादों और सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

कर्नाटक पहले से ही देश के प्रमुख टेक्नोलॉजी हब के रूप में जाना जाता है। बेंगलुरु में बड़ी संख्या में IT कंपनियां, स्टार्टअप्स और रिसर्च संस्थान मौजूद हैं। ऐसे में राज्य सरकार की यह पहल टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि खुले डेटा की व्यवस्था से सरकार और नागरिकों के बीच पारदर्शिता बढ़ती है। इसके अलावा डेटा आधारित नीतियां बनाने में भी मदद मिलती है।

हालांकि, ऐसे प्लेटफॉर्म की सफलता के लिए डेटा की गुणवत्ता, नियमित अपडेट और सुरक्षा भी महत्वपूर्ण होगी। सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि पोर्टल पर उपलब्ध डेटा विश्वसनीय और उपयोगी बना रहे।

Tathyakosh.in के लॉन्च के साथ कर्नाटक ने डिजिटल गवर्नेंस और डेटा आधारित विकास की दिशा में एक नई पहल शुरू की है। आने वाले समय में यह पोर्टल भारत के डिजिटल इकोसिस्टम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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