बल्लारी। कर्नाटक के बल्लारी शहर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने शुक्रवार, 30 अक्टूबर को कई होटलों में औचक छापेमारी की। इस दौरान अधिकारियों को होटलों में सड़ा हुआ मांस, खराब सब्जियां और एक्सपायरी डेट पार कर चुके खाद्य पदार्थ मिले। जांच में खाद्य सामग्री के भंडारण और साफ-सफाई की व्यवस्था में भी गंभीर खामियां सामने आईं। विभाग ने नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर दो होटलों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इस तरह कुल 50 हजार रुपये की आर्थिक कार्रवाई की गई। यह अभियान शहर के होटलों में अस्वच्छ परिस्थितियों में भोजन तैयार करने और ग्राहकों को खराब गुणवत्ता वाला खाना परोसने की शिकायतों के बाद चलाया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बल्लारी शहर में कुछ होटलों द्वारा खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किए जाने की शिकायतें प्रशासन को मिल रही थीं। शिकायतों में आरोप लगाया गया था कि कई प्रतिष्ठानों में खाना तैयार करने के दौरान साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। इसके अलावा कुछ स्थानों पर खराब गुणवत्ता वाली सामग्री इस्तेमाल किए जाने की आशंका भी जताई गई थी। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग और राजस्व विभाग ने संयुक्त रूप से औचक निरीक्षण करने का निर्णय लिया।
सहायक आयुक्त राजेश एच.डी. के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम शुक्रवार सुबह शहर के विभिन्न होटलों में पहुंची। अधिकारियों ने रसोईघर, खाद्य सामग्री रखने वाले स्थानों और भोजन तैयार करने की व्यवस्था का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई होटलों में खराब और असुरक्षित खाद्य सामग्री मिलने से अधिकारी भी चिंतित नजर आए।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को सड़ा हुआ मांस मिला। इसके अलावा कुछ होटलों में ऐसी सब्जियां पाई गईं, जो खराब हो चुकी थीं और भोजन बनाने के लिए उपयुक्त नहीं थीं। जांच में एक्सपायरी डेट पार कर चुके खाद्य पदार्थ भी मिले। अधिकारियों ने इसे खाद्य सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन माना।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, होटल और रेस्टोरेंट संचालकों की जिम्मेदारी है कि वे ग्राहकों को सुरक्षित और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराएं। भोजन तैयार करने से पहले सामग्री की गुणवत्ता जांचना और उसे उचित तापमान पर सुरक्षित रखना आवश्यक है। यदि सड़े हुए मांस या खराब सब्जियों का इस्तेमाल किया जाता है तो इससे ग्राहकों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने खाद्य सामग्री के भंडारण की व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया। यह देखा गया कि मांस, सब्जियां और अन्य खाद्य पदार्थ किस स्थिति में रखे गए हैं। साथ ही रसोईघर की साफ-सफाई और भोजन तैयार करने वाले स्थानों की स्वच्छता की भी जांच की गई।
अधिकारियों ने खराब गुणवत्ता वाली सामग्री मिलने पर संबंधित होटल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की। दो होटलों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। हालांकि जिन दोनों होटलों पर जुर्माना लगाया गया, उनके नाम और जब्त सामग्री की कुल मात्रा का विस्तृत विवरण फिलहाल उपलब्ध नहीं है।
इस कार्रवाई का उद्देश्य होटल संचालकों को खाद्य सुरक्षा नियमों के पालन के प्रति जिम्मेदार बनाना और आम नागरिकों को असुरक्षित भोजन से बचाना बताया गया है। अधिकारियों ने खाद्य कारोबारियों को साफ-सफाई और गुणवत्ता संबंधी मानकों का पालन सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
बल्लारी में हुई यह कार्रवाई ऐसे समय सामने आई है, जब कर्नाटक सरकार खाद्य सुरक्षा को लेकर प्रदेशभर में निरीक्षण अभियान चला रही है। इससे पहले बेंगलुरु के कई बड़े होटलों और रेस्टोरेंटों में भी खाद्य सुरक्षा विभाग ने छापेमारी की थी। अगस्त 2026 में पांच सितारा होटलों के निरीक्षण के दौरान एक्सपायरी दूध, सड़ा हुआ मांस, फफूंद लगी सब्जियां और अन्य खराब खाद्य पदार्थ मिले थे। इसके बाद विभाग ने खाद्य कारोबारियों के लिए स्वच्छता संबंधी निर्देश जारी किए थे।
खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों के अनुसार, होटल संचालकों को अपने परिसर में साफ-सफाई बनाए रखना जरूरी है। खाना बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले बर्तन और उपकरण नियमित रूप से साफ होने चाहिए। मांसाहारी तथा शाकाहारी खाद्य पदार्थों को आवश्यकतानुसार अलग-अलग और सुरक्षित तरीके से संग्रहित करना चाहिए। इसके अलावा खराब और एक्सपायरी सामग्री को भोजन तैयार करने में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
राज्य सरकार ने अगस्त में जारी दिशा-निर्देशों में खाद्य कारोबारियों को कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल, रसोईघर की सफाई, खाद्य पदार्थों के उचित भंडारण और कीट नियंत्रण संबंधी नियमों का पालन करने को कहा था। इन निर्देशों में खाद्य सुरक्षा लाइसेंस को प्रतिष्ठान में स्पष्ट स्थान पर प्रदर्शित करने की आवश्यकता भी बताई गई है।
विशेषज्ञों के अनुसार, सड़ा हुआ मांस और खराब खाद्य पदार्थों का सेवन करने से फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ सकता है। दूषित भोजन के कारण पेट दर्द, उल्टी, दस्त और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों के लिए असुरक्षित भोजन अधिक जोखिम पैदा कर सकता है।
होटलों में भोजन करने वाले ग्राहक आमतौर पर यह मानकर चलते हैं कि उन्हें निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुसार तैयार किया गया खाना मिलेगा। लेकिन जब किसी प्रतिष्ठान में सड़ी हुई सामग्री या एक्सपायरी सामान मिलता है तो भोजन की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।
बल्लारी में हुई छापेमारी ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य की आवश्यकता है। किसी भी प्रतिष्ठान में लापरवाही के कारण दूषित भोजन ग्राहकों तक पहुंच सकता है। इसलिए नियमित निरीक्षण और नियमों का प्रभावी पालन महत्वपूर्ण है।
विभागीय कार्रवाई के बाद होटल संचालकों के लिए भी यह संदेश है कि सामग्री की खरीद से लेकर भंडारण और भोजन परोसने तक प्रत्येक चरण में स्वच्छता का ध्यान रखा जाना चाहिए। रसोईघर में रखी सामग्री की एक्सपायरी तारीख की नियमित जांच करनी चाहिए। साथ ही लंबे समय तक रखे गए खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना आवश्यक है।
ग्राहकों को भी होटल और रेस्टोरेंट में भोजन करते समय स्वच्छता संबंधी सावधानियां बरतनी चाहिए। यदि किसी खाद्य पदार्थ से असामान्य गंध आ रही हो, उसका रंग बदला हुआ दिखाई दे या वह खराब प्रतीत हो तो उसका सेवन करने से बचना चाहिए। जरूरत पड़ने पर संबंधित खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को शिकायत दी जा सकती है।
फिलहाल बल्लारी में दो होटलों पर जुर्माना लगाए जाने के बाद अन्य प्रतिष्ठानों को भी खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता है। शुक्रवार की इस कार्रवाई में किसी होटल को सील किए जाने या किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी की पुष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
प्रशासन की इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को रोकना है। शहर के होटलों में सड़ा मांस, खराब सब्जियां और एक्सपायरी सामान मिलने की घटना ने नियमित निरीक्षण की आवश्यकता को एक बार फिर सामने रखा है। खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित होने पर ही ग्राहकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जा सकेगा।