बेलगावी: कर्नाटक में मतदाता सूची के पुनरीक्षण (SIR) का बचाव करके लोक निर्माण मंत्री सतीश जारकीहोली ने कांग्रेस नेतृत्व को एक असहज स्थिति में डाल दिया है, जबकि पार्टी ने इस पूरी प्रक्रिया का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में SIR प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से पूरी की गई और राज्य में इस प्रक्रिया को लेकर पार्टी को कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस को पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और बिहार में SIR को लेकर आपत्तियां थीं।
उन्होंने कहा, "कर्नाटक में यह पुनरीक्षण ठीक ढंग से किया गया। कर्मचारियों को उचित प्रशिक्षण दिया गया, जिससे यह सुनिश्चित हुआ कि पूरी प्रक्रिया व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो।" सतीश ने कहा कि उन मतदाताओं की पहचान करने के लिए SIR जरूरी था, जिन्होंने अपना निवास स्थान बदल लिया है या जिनकी मृत्यु हो चुकी है, साथ ही उन लोगों की पहचान के लिए भी जिनके नाम एक से अधिक जगहों पर दर्ज थे।
उनके ये बयान इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि कांग्रेस ने राष्ट्रीय स्तर पर SIR प्रक्रिया को लेकर गंभीर चिंताएं जताई हैं। पार्टी का आरोप है कि इस प्रक्रिया के कारण बड़ी संख्या में पात्र मतदाता सूची से बाहर हो सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कांग्रेस ने पहले इस प्रक्रिया पर आपत्तियां जताई थीं और विरोध प्रदर्शन भी किए थे, जिसके बाद यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए गए कि अधिकारियों को सही प्रशिक्षण मिले और वे पुनरीक्षण कार्य को सही ढंग से पूरा करें।