बांदीपुर टाइगर रिजर्व में अवैध प्रवेश पर दो लोगों पर 25 हजार रुपये जुर्माना
चामराजनगर : कर्नाटक के चामराजनगर जिले में बांदीपुर टाइगर रिजर्व (BTR) के अधिकारियों ने जंगल क्षेत्र में कथित रूप से अवैध प्रवेश करने के मामले में दो लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है। वन विभाग ने दोनों लोगों पर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। अधिकारियों के अनुसार, दोनों व्यक्ति बिना अनुमति रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र में प्रवेश कर गए थे।
मामला उस समय सामने आया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें दोनों लोगों ने खुद स्वीकार किया कि वे बांदीपुर चेक पोस्ट के पास से गुजरते समय जंगल क्षेत्र की ओर चले गए थे। बताया जा रहा है कि दोनों लोग थेप्पाकाडू से कोयंबटूर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान उन्होंने सड़क के पास एक सफारी वाहन को जंगल की दिशा में जाते देखा।
वीडियो में दोनों व्यक्तियों ने बताया कि सफारी वाहन को देखकर वे भी उसके पीछे जंगल क्षेत्र की ओर चले गए। वे लगभग 30 से 40 फीट तक अंदर गए और फिर वापस लौट आए। हालांकि, वन विभाग के कर्मचारियों ने इसे रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र में अनधिकृत प्रवेश माना और उनके खिलाफ कार्रवाई की।
बांदीपुर टाइगर रिजर्व प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों लोगों पर जुर्माना लगाया। अधिकारियों का कहना है कि जंगल क्षेत्र में बिना अनुमति प्रवेश करना वन्यजीवों और पर्यावरण की सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक हो सकता है। ऐसे क्षेत्रों में मानवीय गतिविधियों को नियंत्रित किया जाता है, ताकि वन्यजीवों को किसी तरह की परेशानी न हो।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, टाइगर रिजर्व और संरक्षित वन क्षेत्रों में प्रवेश के लिए निर्धारित नियमों का पालन करना जरूरी है। पर्यटकों और यात्रियों को केवल अधिकृत रास्तों और अनुमति प्राप्त क्षेत्रों में ही जाने की इजाजत होती है। नियमों का उल्लंघन करने पर वन कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
बांदीपुर टाइगर रिजर्व देश के प्रमुख बाघ अभयारण्यों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में बाघों के अलावा हाथी, तेंदुआ, हिरण और कई अन्य वन्यजीव पाए जाते हैं। रिजर्व क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने के लिए सख्त निगरानी रखी जाती है।
अधिकारियों का कहना है कि जंगल के अंदर अनधिकृत प्रवेश से कई तरह के खतरे पैदा हो सकते हैं। एक ओर जहां इससे वन्यजीवों के व्यवहार में बदलाव आ सकता है, वहीं दूसरी ओर इंसानों के लिए भी खतरा उत्पन्न हो सकता है। जंगल क्षेत्र में अचानक किसी जंगली जानवर के सामने आने की स्थिति में गंभीर हादसा हो सकता है।
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे संरक्षित वन क्षेत्रों में नियमों का पालन करें और किसी भी परिस्थिति में प्रतिबंधित इलाकों में प्रवेश न करें। अधिकारियों ने कहा कि सोशल मीडिया या किसी अन्य माध्यम से वन्यजीव क्षेत्रों से जुड़े वीडियो बनाने के लिए नियमों का उल्लंघन करना उचित नहीं है।
इस घटना के बाद वन विभाग ने निगरानी और सतर्कता बढ़ाने पर भी जोर दिया है। चेक पोस्ट और संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखें और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करें।
बांदीपुर टाइगर रिजर्व प्रशासन का कहना है कि वन संरक्षण के लिए आम लोगों का सहयोग बेहद जरूरी है। पर्यटकों और यात्रियों को यह समझना होगा कि जंगल केवल घूमने की जगह नहीं है, बल्कि यह वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास है। इसलिए यहां किसी भी तरह की मानवीय दखल को नियंत्रित रखना आवश्यक है।
मामले में दोनों लोगों द्वारा अपनी गलती स्वीकार किए जाने के बाद वन विभाग ने जुर्माने की कार्रवाई पूरी की। अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि इस तरह की कार्रवाई से अन्य लोगों को भी नियमों का पालन करने की सीख मिलेगी।
बांदीपुर टाइगर रिजर्व में अवैध प्रवेश का यह मामला एक बार फिर यह संदेश देता है कि संरक्षित क्षेत्रों में सावधानी और नियमों का पालन कितना महत्वपूर्ण है। वन विभाग लगातार लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई कर रहा है, ताकि जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।