VTU का निर्देश: संबद्ध कॉलेजों में छात्रों की HIV स्क्रीनिंग होगी

Update: 2026-07-29 09:22 GMT

बेंगलुरु। विश्वेश्वरैया टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (VTU) ने अपने सभी संबद्ध कॉलेजों को छात्रों की स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए HIV स्क्रीनिंग और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। यूनिवर्सिटी ने कॉलेजों को इंटीग्रेटेड हेल्थ कैंप और काउंसलिंग सत्र आयोजित कर छात्रों की जांच कराने को कहा है।

VTU की ओर से जारी सर्कुलर में बताया गया है कि HIV टेस्टिंग को ‘मोबिलाइजेशन फॉर एड्स सुरक्षा’ (MAS) कार्यक्रम के तहत कराया जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य HIV, हेपेटाइटिस B और सिफलिस जैसी बीमारियों के प्रसार को नियंत्रित करना और इनके संक्रमण को शून्य स्तर तक लाने के प्रयासों को मजबूत करना है।

यूनिवर्सिटी ने कहा है कि छात्रों की स्क्रीनिंग के लिए आयोजित किए जाने वाले स्वास्थ्य शिविरों को संबंधित जिला एड्स नियंत्रण अधिकारियों के सहयोग से संचालित किया जाना चाहिए। साथ ही, इस पूरी प्रक्रिया को संवेदनशीलता और सावधानी के साथ पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

स्वास्थ्य जांच के साथ होगी काउंसलिंग

VTU ने कॉलेजों को केवल HIV जांच तक सीमित न रहने, बल्कि छात्रों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और परामर्श उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया है। यूनिवर्सिटी का मानना है कि जागरूकता और समय पर जांच के माध्यम से संक्रमण को रोकने में मदद मिल सकती है।

इंटीग्रेटेड हेल्थ कैंप में छात्रों को HIV संक्रमण के कारणों, बचाव के उपायों और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा, छात्रों की मानसिक चिंताओं और सवालों के समाधान के लिए काउंसलिंग की व्यवस्था भी की जाएगी।

गोपनीयता बनाए रखने के निर्देश

VTU ने कॉलेजों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि HIV स्क्रीनिंग जैसे संवेदनशील विषय में छात्रों की निजता और गोपनीयता का पूरा ध्यान रखा जाए। यूनिवर्सिटी ने कहा है कि जांच से जुड़ी किसी भी जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया जाना चाहिए और छात्रों के सम्मान तथा अधिकारों की रक्षा की जानी चाहिए।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, HIV से जुड़ी जांच और परामर्श के दौरान गोपनीयता बनाए रखना बेहद जरूरी है, ताकि लोग बिना किसी डर या सामाजिक दबाव के जांच और उपचार की प्रक्रिया में शामिल हो सकें।

जिला एड्स नियंत्रण अधिकारियों की होगी भूमिका

यूनिवर्सिटी ने निर्देश दिया है कि स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन में जिला एड्स नियंत्रण अधिकारियों की मदद ली जाए। उनके सहयोग से जांच प्रक्रिया को वैज्ञानिक तरीके से संचालित किया जा सकेगा और छात्रों को सही जानकारी भी मिल पाएगी।

जिला स्तर की स्वास्थ्य एजेंसियां HIV जांच, परामर्श और जागरूकता अभियानों को संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। VTU ने कॉलेजों से कहा है कि वे संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर कार्यक्रमों को सफल बनाएं।

HIV और अन्य संक्रमणों को रोकने का प्रयास

VTU ने कहा है कि MAS कार्यक्रम का उद्देश्य केवल HIV की पहचान करना नहीं, बल्कि समाज में संक्रमण को रोकने के लिए जागरूकता बढ़ाना भी है। HIV के साथ-साथ हेपेटाइटिस B और सिफलिस जैसी बीमारियों की रोकथाम पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

यूनिवर्सिटी का कहना है कि युवाओं में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने से भविष्य में संक्रमण के मामलों को कम करने में मदद मिल सकती है। कॉलेज छात्रों के बीच जागरूकता कार्यक्रम इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

कॉलेजों को तैयारियां पूरी करने के निर्देश

VTU ने सभी संबद्ध कॉलेजों से कहा है कि वे जल्द से जल्द स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन की योजना तैयार करें। कॉलेज प्रशासन को छात्रों तक सही जानकारी पहुंचाने और जांच प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा कराने की जिम्मेदारी दी गई है।

यूनिवर्सिटी ने यह भी कहा है कि छात्रों को जांच के लिए प्रेरित करते समय किसी तरह का दबाव नहीं बनाया जाना चाहिए। पूरी प्रक्रिया छात्रों की सहमति, सम्मान और गोपनीयता के आधार पर संचालित की जानी चाहिए।

छात्रों की स्वास्थ्य सुरक्षा पर जोर

उच्च शिक्षा संस्थानों में छात्रों के स्वास्थ्य को लेकर लगातार जागरूकता बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। VTU का यह कदम भी इसी दिशा में उठाया गया प्रयास माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि HIV जैसी बीमारियों को लेकर जागरूकता और समय पर जांच संक्रमण रोकने के सबसे प्रभावी उपायों में शामिल हैं। यदि छात्र सही जानकारी और समय पर स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बना पाते हैं तो इससे व्यक्तिगत और सामाजिक स्तर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

VTU के इस निर्देश के बाद अब संबद्ध कॉलेजों को जिला स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ मिलकर स्क्रीनिंग कैंप और काउंसलिंग कार्यक्रम आयोजित करने होंगे। यूनिवर्सिटी ने दोहराया है कि इस पूरी प्रक्रिया में छात्रों की गोपनीयता और गरिमा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।

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