भोपाल: भोपाल नगर निगम (BMC) ने रिहायशी इलाकों में नियमों के खिलाफ संचालित किए जा रहे गैर-कानूनी कमर्शियल प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। नगर निगम ने शनिवार को सीलिंग अभियान चलाते हुए ऐसे प्रतिष्ठानों को बंद करना शुरू किया, जो आवासीय संपत्तियों से बिना जरूरी अनुमति के व्यावसायिक गतिविधियां संचालित कर रहे थे।
यह कार्रवाई उन प्रॉपर्टी मालिकों को दिए गए 24 घंटे के नोटिस की समय सीमा पूरी होने के बाद की गई, जिन्हें पहले ही नियमों का पालन करने और अवैध गतिविधियां बंद करने के निर्देश दिए गए थे।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, अभियान का उद्देश्य रिहायशी क्षेत्रों में बढ़ रही अनधिकृत व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगाना और शहर में भूमि उपयोग से जुड़े नियमों को लागू करना है।
रोहित नगर में पहली कार्रवाई
सीलिंग अभियान की शुरुआत रोहित नगर क्षेत्र से की गई। यहां रुद्राक्ष स्क्वायर के पास संचालित एक टैटू और स्किन क्लिनिक को नगर निगम की टीम ने सील कर दिया।
नगर निगम का आरोप है कि यह क्लिनिक आवासीय संपत्ति में बिना आवश्यक अनुमति और स्वीकृति के चलाया जा रहा था। अधिकारियों ने बताया कि संबंधित संपत्ति मालिक और संचालक को पहले नियमों का पालन करने के लिए समय दिया गया था, लेकिन निर्धारित अवधि में जरूरी प्रक्रिया पूरी नहीं की गई।
इसके बाद नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और प्रतिष्ठान को सील कर दिया।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत कार्रवाई
BMC अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में चलाया जा रहा है। रिहायशी क्षेत्रों में बिना अनुमति के चल रही व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं।
नगर निगम का कहना है कि आवासीय क्षेत्रों का उपयोग तय नियमों के अनुसार ही किया जाना चाहिए। यदि किसी संपत्ति का उपयोग व्यावसायिक उद्देश्य के लिए किया जाना है तो इसके लिए संबंधित विभागों से अनुमति लेना जरूरी है।
अधिकारियों ने कहा कि बिना अनुमति चल रहे प्रतिष्ठानों से क्षेत्र की व्यवस्था प्रभावित होती है और कई बार स्थानीय निवासियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
24 घंटे के नोटिस के बाद कार्रवाई
नगर निगम ने अभियान शुरू करने से पहले संबंधित संपत्ति मालिकों को नोटिस जारी किए थे। इन नोटिस में अवैध व्यावसायिक गतिविधियों को बंद करने या जरूरी अनुमतियां लेने के लिए समय दिया गया था।
अधिकारियों के अनुसार, जिन लोगों ने नोटिस के बाद भी नियमों का पालन नहीं किया, उनके खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई की जा रही है।
नगर निगम की टीम ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान केवल किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि शहर के अन्य रिहायशी इलाकों में भी जांच और कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों की शिकायतों पर भी नजर
BMC अधिकारियों के अनुसार, रिहायशी क्षेत्रों में चल रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को लेकर स्थानीय नागरिकों की ओर से कई शिकायतें मिली थीं।
लोगों ने पार्किंग की समस्या, बढ़ती भीड़, शोर और अन्य असुविधाओं को लेकर आपत्ति जताई थी। नगर निगम का कहना है कि नियमों के विरुद्ध चलने वाली गतिविधियों पर कार्रवाई करके आम नागरिकों को राहत देने की कोशिश की जा रही है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
नगर निगम ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में ऐसे प्रतिष्ठानों की पहचान कर कार्रवाई जारी रखी जाएगी। टीम द्वारा अलग-अलग क्षेत्रों में निरीक्षण किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने कहा कि जिन प्रतिष्ठानों के पास वैध अनुमति और जरूरी दस्तावेज होंगे, उन्हें नियमों के अनुसार संचालन की अनुमति दी जाएगी। लेकिन बिना मंजूरी के चल रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
शहर में व्यवस्थित विकास पर जोर
भोपाल जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहर में रिहायशी और व्यावसायिक क्षेत्रों का संतुलन बनाए रखना नगर निगम के लिए बड़ी चुनौती है। अधिकारियों का कहना है कि नियमों का पालन होने से शहर में बेहतर योजना, यातायात व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं को बनाए रखने में मदद मिलेगी।
BMC की इस कार्रवाई के बाद अवैध रूप से संचालित अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के संचालकों में भी सतर्कता बढ़ गई है। नगर निगम ने साफ कर दिया है कि आवासीय क्षेत्रों में नियमों के खिलाफ चल रही गतिविधियों को किसी भी स्थिति में अनुमति नहीं दी जाएगी।