झाबुआ : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आदिवासी क्षेत्रों में धर्म परिवर्तन के मुद्दे पर बड़ा बयान दिया है। झाबुआ जिले में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि प्रदेश सरकार जबरन, धोखे या प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति या संगठन को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कदम उठाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार आदिवासी समाज की परंपराओं, संस्कृति और धार्मिक आस्था की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सभी लोगों को अपने धर्म और आस्था के अनुसार जीवन जीने का अधिकार है, लेकिन किसी भी व्यक्ति को लालच, दबाव या गलत तरीके से किसी का धर्म बदलने का अधिकार नहीं है।
उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सरकार उनके अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति या संस्था कानून के खिलाफ जाकर धर्म परिवर्तन कराने का प्रयास करती है तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सीएम ने कहा कि मध्य प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि ऐसे मामलों में पूरी गंभीरता के साथ कार्रवाई की जाए और किसी भी शिकायत की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि समाज में किसी भी तरह का तनाव फैलाने या लोगों को भ्रमित करने वाली गतिविधियों को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब प्रदेश के कई आदिवासी इलाकों में धर्म परिवर्तन को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज है। आदिवासी बहुल क्षेत्रों में विभिन्न संगठनों की ओर से समय-समय पर धर्म परिवर्तन के आरोप लगाए जाते रहे हैं। सरकार ने ऐसे मामलों में निगरानी बढ़ाने और दोषियों पर कार्रवाई करने की बात कही है।
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ-साथ समाज की सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखने के लिए भी काम कर रही है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय की शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। सरकार का उद्देश्य है कि आदिवासी समाज को मुख्यधारा से जोड़ते हुए उनकी परंपराओं और संस्कृति को संरक्षित रखा जाए।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे क्षेत्र में लोगों के बीच जागरूकता फैलाएं और किसी भी तरह की अफवाह या भ्रम की स्थिति को दूर करें। उन्होंने कहा कि कानून के दायरे में रहकर सभी को अपने धार्मिक विश्वासों का पालन करने की स्वतंत्रता है, लेकिन किसी पर दबाव बनाकर या लालच देकर धर्म परिवर्तन कराना पूरी तरह गलत है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार की योजनाओं और आदिवासी समाज के लिए किए जा रहे कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के हर वर्ग के विकास के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी समुदाय के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने दोहराया कि मध्य प्रदेश में कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। धर्म परिवर्तन के मामलों में भी सरकार पूरी सख्ती के साथ कार्रवाई करेगी ताकि किसी भी व्यक्ति के अधिकारों का उल्लंघन न हो और प्रदेश में शांति एवं सामाजिक सौहार्द बना रहे।