जन विश्वास अभियान की शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर नाराज हुए कलेक्टर
मध्य प्रदेश: मुख्यमंत्री के ‘जन विश्वास अभियान’ के दौरान आम लोगों से प्राप्त शिकायतों के समाधान को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अभियान के तहत सामने आईं सभी शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित किया जाए। शिकायतों के निस्तारण में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि आम लोगों की समस्याओं का समय पर समाधान करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने सोमवार को आयोजित समय-सीमा की बैठक में मुख्यमंत्री के ‘जन विश्वास अभियान’ के तहत आयोजित किए जाने वाले कैंपों में समाधान के लिए चिह्नित शिकायतों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने विभागवार लंबित मामलों की जानकारी ली और अधिकारियों से पूछा कि अब तक कितनी शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है और कितने मामले अभी लंबित हैं।
लंबे समय से लंबित मामलों पर जताई नाराजगी
बैठक के दौरान कलेक्टर ने लंबे समय से लंबित शिकायतों को लेकर अधिकारियों पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जिन मामलों के समाधान में अनावश्यक देरी हो रही है, उनके कारणों की समीक्षा की जानी चाहिए। आम लोगों की समस्याओं को लगातार लंबित रखना प्रशासनिक कार्यप्रणाली के प्रति गंभीर लापरवाही है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाए और संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ उनका निराकरण करें। उन्होंने यह भी कहा कि किसी शिकायत के समाधान में यदि किसी दूसरे विभाग की भूमिका है तो संबंधित अधिकारी आपस में समन्वय स्थापित कर समस्या का समाधान सुनिश्चित करें।
तय समय-सीमा में करना होगा शिकायतों का निपटारा
कलेक्टर मिश्रा ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री के ‘जन विश्वास अभियान’ के तहत चिह्नित शिकायतों का निराकरण तय समय-सीमा में किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों को केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रखा जाए, बल्कि वास्तविक रूप से लोगों की समस्या का समाधान होना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक शिकायत की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए। शिकायतकर्ता को समस्या के समाधान की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए, ताकि उसे बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि समय-सीमा में शिकायतों का निराकरण नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जिम्मेदारी तय की जाएगी और लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारी को जवाबदेह बनाया जाएगा।
कैंपों में चिह्नित शिकायतों पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री के ‘जन विश्वास अभियान’ के तहत आयोजित होने वाले कैंपों में आम लोगों की समस्याएं सुनी जाती हैं। इन कैंपों में सामने आने वाली शिकायतों और समस्याओं को संबंधित विभागों के पास समाधान के लिए भेजा जाता है। कलेक्टर ने बैठक में इन्हीं शिकायतों की स्थिति की समीक्षा की।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कैंपों में प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए। जिन मामलों का मौके पर समाधान संभव है, उनका तत्काल निराकरण किया जाए। वहीं जिन मामलों में जांच या अन्य विभागीय प्रक्रिया की आवश्यकता है, उनमें निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्रवाई पूरी की जाए।
आम लोगों को नहीं लगाना पड़े कार्यालयों के चक्कर
कलेक्टर ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य आम लोगों को बेहतर और त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराना है। यदि किसी व्यक्ति को अपनी समस्या के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं तो यह व्यवस्था की कमी को दर्शाता है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बनाया जाए। लोगों को उनकी शिकायत की स्थिति के बारे में जानकारी मिलती रहे और समस्या का समाधान होने के बाद इसकी पुष्टि भी की जाए।
विभागवार समीक्षा कर तय की जिम्मेदारी
समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर ने विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से लंबित मामलों के संबंध में जानकारी लेते हुए यह समझने का प्रयास किया कि किन कारणों से शिकायतों का निस्तारण नहीं हो पाया है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक लंबित शिकायत की समीक्षा कर उसके समाधान की कार्ययोजना तैयार की जाए। जिन मामलों में मौके पर जाकर जांच की जरूरत है, वहां संबंधित अधिकारी टीम भेजकर आवश्यक कार्रवाई करें।
कलेक्टर ने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में केवल संख्या कम करना पर्याप्त नहीं है। समाधान ऐसा होना चाहिए जिससे शिकायतकर्ता वास्तव में संतुष्ट हो और उसकी समस्या का स्थायी निराकरण हो सके।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने बैठक में अधिकारियों को साफ संदेश दिया कि मुख्यमंत्री के जन विश्वास अभियान से जुड़ी शिकायतों के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए तय समय-सीमा में काम पूरा करना होगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि जो अधिकारी निर्धारित समय में आम लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। लंबित मामलों की लगातार निगरानी की जाएगी और प्रगति की समीक्षा भी की जाएगी।
प्रशासन की प्राथमिकता में शिकायतों का समाधान
बैठक में कलेक्टर ने कहा कि आम जनता की समस्याओं का समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री के ‘जन विश्वास अभियान’ का उद्देश्य भी लोगों की समस्याओं को सुनना और उनका प्रभावी समाधान करना है। ऐसे में अभियान के तहत सामने आई शिकायतों को लंबित रखना अभियान की मूल भावना के विपरीत है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे शिकायतों के निराकरण को गंभीरता से लें और अपने-अपने विभाग में लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करें। जरूरत पड़ने पर वरिष्ठ अधिकारियों को भी मामले की जानकारी देकर समाधान की प्रक्रिया तेज की जाए।
कलेक्टर के सख्त निर्देशों के बाद अब संबंधित विभागों पर लंबित शिकायतों के शीघ्र निस्तारण का दबाव बढ़ गया है। प्रशासन की ओर से आने वाले दिनों में शिकायतों की प्रगति की दोबारा समीक्षा किए जाने की संभावना है। अधिकारियों को उम्मीद के मुताबिक समय पर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मुख्यमंत्री के ‘जन विश्वास अभियान’ के जरिए आम लोगों को त्वरित राहत मिल सके।