जबलपुर। जबलपुर मुख्य रेलवे स्टेशन पर मंगलवार सुबह अचानक उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब प्लेटफार्म नंबर-6 के पास बॉम्बे होटल की ओर बने वीआईपी गेट के नजदीक खड़े रेलवे के जीएम केआरए कोच में आग भड़क उठी। देखते ही देखते कोच के अंदर से तेज लपटें उठने लगीं। आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि वह ऊपर से गुजर रही ओवरहेड इलेक्ट्रिक (ओएचई) लाइन तक दिखाई देने लगीं। घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया और मौके पर मौजूद यात्रियों तथा कर्मचारियों को सुरक्षित रखने के लिए तत्काल कार्रवाई शुरू की गई।

आग लगने की सूचना मिलते ही स्टेशन परिसर में मौजूद रेलवे कर्मचारी सक्रिय हो गए। आग के बढ़ने की आशंका को देखते हुए संबंधित विभागों को सूचना दी गई। कुछ ही समय में फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने की कार्रवाई शुरू की गई।

कोच से उठने लगीं तेज लपटें

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मंगलवार सुबह रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर-6 के पास स्थित वीआईपी गेट के नजदीक रेलवे का जीएम केआरए कोच खड़ा था। अचानक कोच के अंदर से धुआं निकलता दिखाई दिया। कुछ ही देर में धुआं तेज लपटों में बदल गया।

आग की लपटें तेजी से ऊपर उठने लगीं। स्टेशन परिसर में मौजूद लोगों ने जब कोच से आग की ऊंची लपटें उठती देखीं तो वहां अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। आसपास मौजूद रेलवे कर्मचारी भी तत्काल मौके की ओर दौड़े।

ओएचई तक दिखाई दीं लपटें

आग की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कोच के अंदर से उठती लपटें ऊपर ओएचई तक दिखाई दे रही थीं। रेलवे स्टेशन पर ओएचई लाइन होने के कारण आग की स्थिति को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती गई।

ओएचई लाइन रेलवे के विद्युत संचालन से जुड़ी महत्वपूर्ण व्यवस्था है। ऐसे में आग की लपटों के उसके करीब पहुंचने की स्थिति में सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा पैदा हो सकता था। रेलवे कर्मचारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाए।

यात्रियों और कर्मचारियों में मची अफरा-तफरी

आग लगने की घटना से स्टेशन परिसर में मौजूद यात्रियों में भी हड़कंप मच गया। अचानक आग की लपटें दिखाई देने के बाद लोग सुरक्षित स्थान की ओर जाने लगे। रेलवे कर्मचारियों ने भी लोगों को घटनास्थल से दूर रखने का प्रयास किया।

स्टेशन जैसे व्यस्त स्थान पर आग लगने के कारण किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने स्थिति को गंभीरता से लिया। आसपास के क्षेत्र को खाली कराया गया और आग बुझाने की प्रक्रिया शुरू की गई।

फायर ब्रिगेड ने संभाला मोर्चा

आग की सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड को मौके पर बुलाया गया। दमकल कर्मियों ने पहुंचते ही आग बुझाने का काम शुरू किया। कोच में लगी आग को नियंत्रित करने के लिए पानी की बौछार की गई।

फायर ब्रिगेड और रेलवे कर्मचारियों की तत्परता से आग को फैलने से रोकने का प्रयास किया गया। स्टेशन परिसर में मौजूद अन्य रेल संपत्तियों और आसपास खड़े उपकरणों को भी सुरक्षित रखने पर ध्यान दिया गया।

आग लगने के कारणों की जांच जरूरी

फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। रेलवे प्रशासन की ओर से यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि कोच में आग किस वजह से लगी। इसके लिए कोच के अंदर मौजूद उपकरणों और विद्युत व्यवस्था की जांच की जा सकती है।

यह भी देखा जाएगा कि आग लगने के समय कोच में कोई कर्मचारी मौजूद था या नहीं और आग सबसे पहले कोच के किस हिस्से में लगी थी। जांच के बाद ही घटना के कारणों की स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।

स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठे सवाल

मुख्य रेलवे स्टेशन जैसे संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले स्थान पर रेलवे के कोच में आग लगने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि आग लगने के बाद रेलवे और दमकल विभाग ने तत्काल कार्रवाई की, लेकिन ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा मानकों की समीक्षा जरूरी है।

रेलवे के अलग-अलग विभागों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले कोच और उपकरणों की नियमित जांच की जाती है। ऐसे में आग लगने की घटना के बाद संबंधित कोच की तकनीकी स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच महत्वपूर्ण होगी।

समय रहते स्थिति पर पाया गया काबू

घटना के बाद रेलवे कर्मचारियों और दमकल कर्मियों की सक्रियता से आग को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया। इससे आग को स्टेशन के अन्य हिस्सों तक फैलने से रोकने में मदद मिली। आग की लपटों को देखकर यात्रियों में भले ही कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बना, लेकिन स्थिति को संभालने के लिए संबंधित विभागों ने तेजी से कदम उठाए।

रेलवे प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती ओएचई लाइन और स्टेशन परिसर में मौजूद अन्य संसाधनों को सुरक्षित रखना था। समय रहते कार्रवाई होने से स्थिति को और गंभीर होने से रोकने की कोशिश की गई।

घटना की विस्तृत जांच होगी

जबलपुर मुख्य रेलवे स्टेशन पर जीएम केआरए कोच में लगी आग की घटना के बाद अब रेलवे प्रशासन की ओर से विस्तृत जांच किए जाने की उम्मीद है। जांच में आग लगने के कारण, कोच की तकनीकी स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पहलुओं को शामिल किया जा सकता है।

मंगलवार सुबह हुई इस घटना ने स्टेशन परिसर में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया। कोच से उठती ऊंची लपटों ने यात्रियों और कर्मचारियों को चिंतित कर दिया था। फिलहाल आग की घटना के कारणों का पता लगाने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाना रेलवे प्रशासन के सामने महत्वपूर्ण चुनौती है।

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