भोपाल : राजधानी भोपाल में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट कोऑर्डिनेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी (DISHA) की बैठक में शहर की व्यवस्थाओं को लेकर जमकर चर्चा हुई। बैठक के दौरान कई विधायकों और जनप्रतिनिधियों ने सिविक कामों में हो रही देरी, खराब सड़कों, गड्ढों और भोपाल नगर निगम (BMC) के कामकाज को लेकर गंभीर नाराजगी जताई। जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों से सवाल किया कि बारिश का मौसम शुरू होने के बावजूद शहर की सड़कों की मरम्मत और पैचवर्क का काम समय पर क्यों पूरा नहीं किया गया।
बैठक में राजधानी के विकास कार्यों की समीक्षा की गई। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। लेकिन शहर की मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों को घेरा और काम की धीमी गति पर सवाल उठाए।
गड्ढों और खराब सड़कों पर विधायकों की नाराजगी
बैठक में सबसे बड़ा मुद्दा शहर की खराब सड़कों और जगह-जगह बने गड्ढों का रहा। विधायकों ने कहा कि बारिश के दौरान सड़कें और अधिक खराब हो जाती हैं, जिससे आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई क्षेत्रों में गड्ढों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।
जनप्रतिनिधियों ने सवाल किया कि जब मानसून आने की संभावना पहले से थी तो सड़कों के सुधार कार्य समय पर क्यों नहीं किए गए। उन्होंने कहा कि पैचवर्क और मरम्मत का काम बारिश से पहले पूरा हो जाना चाहिए था, ताकि नागरिकों को परेशानी न हो।
विधायकों ने अधिकारियों से कहा कि केवल बैठक में योजनाएं बनाने से काम नहीं चलेगा, बल्कि जमीन पर उनका असर दिखाई देना चाहिए। उन्होंने शहर की सड़कों की नियमित निगरानी और खराब हिस्सों की तत्काल मरम्मत की मांग की।
BMC के कामकाज पर उठे सवाल
बैठक में भोपाल नगर निगम के कामकाज को लेकर भी कई सवाल उठाए गए। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि शहर में सफाई व्यवस्था, सड़क मरम्मत, जल निकासी और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े मामलों में सुधार की जरूरत है।
उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि नगर निगम द्वारा किए जा रहे कार्यों की निगरानी किस स्तर पर हो रही है। कई क्षेत्रों में नागरिक लगातार समस्याओं की शिकायत कर रहे हैं, लेकिन समाधान में देरी हो रही है।
विधायकों ने कहा कि नगर निगम को जनता से जुड़ी समस्याओं पर अधिक सक्रियता दिखानी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि वार्ड स्तर पर समस्याओं की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर उनका निराकरण किया जाए।
मानसून की तैयारियों पर चर्चा
बैठक में बारिश से पहले की तैयारियों को लेकर भी चर्चा हुई। नालों की सफाई, जलभराव की समस्या और सड़क मरम्मत जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि भोपाल जैसे बड़े शहर में मानसून के दौरान जलभराव एक बड़ी समस्या बन जाती है, इसलिए पहले से ठोस तैयारी जरूरी है।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बारिश के दौरान किसी भी क्षेत्र में लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए आपात व्यवस्था तैयार रखी जाए। जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने की जरूरत बताई गई।
अधिकारियों से मांगी गई समयबद्ध कार्ययोजना
बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों से काम पूरा करने के लिए स्पष्ट समय सीमा तय करने को कहा। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में देरी का सीधा असर आम जनता पर पड़ता है।
विधायकों ने सुझाव दिया कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें, ताकि योजनाओं को समय पर पूरा किया जा सके। उन्होंने कहा कि सड़क, सफाई और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
जनता की समस्याओं को प्राथमिकता देने पर जोर
DISHA बैठक का उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करना और विकास कार्यों में आने वाली बाधाओं को दूर करना होता है। लेकिन भोपाल में आयोजित बैठक के दौरान स्थानीय समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आईं।
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि राजधानी होने के कारण भोपाल में नागरिक सुविधाओं का स्तर बेहतर होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आम लोगों से जुड़ी समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए और शिकायतों का जल्द समाधान किया जाए।
बैठक के दौरान उठाए गए मुद्दों के बाद अब नगर निगम और संबंधित विभागों पर शहर की सड़कों, गड्ढों और अन्य नागरिक सुविधाओं में सुधार को लेकर दबाव बढ़ गया है। आने वाले दिनों में इन कार्यों की प्रगति की समीक्षा भी की जाएगी।