भोपाल। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) भोपाल के न्यूरोसर्जरी विभाग ने न्यूरोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया (NSI) के बोर्ड ऑफ एजुकेशन का 19वां फाउंडेशन कोर्स सफलतापूर्वक आयोजित किया। दो दिवसीय इस राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में देशभर से आए न्यूरोसर्जरी विशेषज्ञों और रेजिडेंट डॉक्टरों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य न्यूरोसर्जरी के क्षेत्र में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवा डॉक्टरों को आधुनिक तकनीकों, सर्जिकल प्रक्रियाओं और चिकित्सा के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराना था। इस प्रशिक्षण में देश के कई प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों के विशेषज्ञों ने अपने अनुभव और ज्ञान साझा किए।
देशभर के 50 से अधिक रेजिडेंट्स ने लिया हिस्सा
इस दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में न्यूरोसर्जरी के फर्स्ट ईयर और सेकंड ईयर के 50 से अधिक रेजिडेंट्स के साथ-साथ कई वरिष्ठ न्यूरोसर्जन शामिल हुए।
कार्यक्रम में भाग लेने वाले डॉक्टरों को न्यूरोसर्जरी के क्षेत्र में आवश्यक बुनियादी और उन्नत जानकारियां दी गईं। प्रशिक्षण का फोकस युवा चिकित्सकों की क्लिनिकल समझ को मजबूत करने और सर्जिकल कौशल को बेहतर बनाने पर रहा।
प्रमुख संस्थानों के विशेषज्ञों ने दिए व्याख्यान
कार्यक्रम के दौरान आयोजित वैज्ञानिक सत्रों में देश के कई प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों ने व्याख्यान दिए। इनमें AIIMS भोपाल, AIIMS रायपुर, AIIMS भुवनेश्वर, NIMHANS बेंगलुरु, SCTIMST तिरुवनंतपुरम, गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल, BMHRC भोपाल समेत अन्य प्रमुख संस्थानों के विशेषज्ञ शामिल रहे।
विशेषज्ञों ने न्यूरोसर्जरी के बदलते स्वरूप, नई तकनीकों और मरीजों के बेहतर उपचार के लिए अपनाई जा रही आधुनिक प्रक्रियाओं पर विस्तार से चर्चा की।
न्यूरोसर्जरी के कई महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण
फाउंडेशन कोर्स में न्यूरोसर्जरी से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया। प्रशिक्षण के दौरान क्लिनिकल न्यूरोसर्जरी, न्यूरोएनाटॉमी, न्यूरोरेडियोलॉजी और न्यूरोपैथोलॉजी जैसे विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए गए।
इसके अलावा न्यूरोक्रिटिकल केयर, मेडिकल एथिक्स, मरीजों और परिजनों के साथ बेहतर संवाद, रिसर्च मेथोडोलॉजी जैसे विषयों पर भी विशेषज्ञों ने जानकारी दी।
प्रशिक्षण में एंडोवैस्कुलर न्यूरोसर्जरी, क्रेनियल सर्जरी, स्पाइनल सर्जरी और ऑपरेटिंग थिएटर से जुड़ी प्रक्रियाओं को भी शामिल किया गया। इससे रेजिडेंट डॉक्टरों को सर्जरी के व्यावहारिक पहलुओं को समझने का अवसर मिला।
युवा डॉक्टरों के कौशल विकास पर जोर
न्यूरोसर्जरी एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें लगातार नई तकनीकें और उपचार पद्धतियां विकसित हो रही हैं। ऐसे में शुरुआती स्तर पर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे डॉक्टरों को नवीनतम जानकारी और तकनीकी दक्षता प्रदान करना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
AIIMS भोपाल में आयोजित इस कोर्स का उद्देश्य युवा न्यूरोसर्जनों को मजबूत आधार देना और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना था।
विशेषज्ञों ने कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम डॉक्टरों को न केवल तकनीकी रूप से सक्षम बनाते हैं, बल्कि उन्हें मरीजों की देखभाल, निर्णय लेने की क्षमता और शोध के क्षेत्र में भी आगे बढ़ने में मदद करते हैं।
चिकित्सा शिक्षा को बढ़ावा देने की पहल
AIIMS भोपाल समय-समय पर राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षण कार्यक्रमों और वैज्ञानिक सम्मेलनों का आयोजन करता रहा है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले चिकित्सकों को एक मंच मिलता है, जहां वे अपने अनुभव साझा कर सकते हैं।
न्यूरोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के बोर्ड ऑफ एजुकेशन का यह फाउंडेशन कोर्स भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने अपने लंबे अनुभवों के आधार पर न्यूरोसर्जरी से जुड़े मामलों, उपचार की चुनौतियों और सफल सर्जिकल तकनीकों पर चर्चा की।
रेजिडेंट डॉक्टरों को विशेषज्ञों से सीधे संवाद करने और अपने सवालों के जवाब प्राप्त करने का अवसर मिला। इससे उन्हें अपने प्रशिक्षण और भविष्य के चिकित्सा करियर में मदद मिलने की उम्मीद है।
सफल आयोजन पर AIIMS भोपाल ने जताई खुशी
AIIMS भोपाल के न्यूरोसर्जरी विभाग ने इस राष्ट्रीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल आयोजन पर संतोष व्यक्त किया। संस्थान का कहना है कि ऐसे कार्यक्रम चिकित्सा क्षेत्र में गुणवत्ता बढ़ाने और युवा डॉक्टरों को बेहतर प्रशिक्षण देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
दो दिवसीय इस कार्यक्रम ने देशभर के न्यूरोसर्जरी विशेषज्ञों और प्रशिक्षु डॉक्टरों को एक साझा मंच प्रदान किया, जहां ज्ञान, अनुभव और आधुनिक चिकित्सा तकनीकों का आदान-प्रदान हुआ।