मंदसौर में झमाझम बारिश से जनजीवन प्रभावित, चौरसिया कॉलोनी में घरों में घुसा पानी
मध्य प्रदेश : बारिश का दौर लगातार जारी है। मंदसौर जिले में भी मंगलवार दोपहर से शुरू हुई तेज बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। लगातार कई घंटों तक हुई झमाझम बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। मंदसौर में 90 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई। तेज बारिश के चलते निचले इलाकों में पानी भर गया, वहीं गुलाबगंज क्षेत्र की चौरसिया कॉलोनी में बारिश का पानी कई घरों के अंदर तक पहुंच गया। इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बारिश की रफ्तार इतनी तेज रही कि देखते ही देखते शहर की कई सड़कें और गलियां पानी से लबालब हो गईं। जलभराव के कारण लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर सड़क और नालियों का पानी एक-दूसरे में मिल गया, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों के लिए रास्ता पार करना मुश्किल हो गया। लगातार बारिश के कारण लोगों को जरूरी काम से भी घरों से बाहर निकलने में परेशानी हुई।
गुलाबगंज की चौरसिया कॉलोनी में स्थिति अधिक खराब नजर आई। यहां बारिश का पानी घरों के अंदर तक पहुंच गया। घरों में पानी घुसने से लोगों को घरेलू सामान सुरक्षित स्थानों पर रखने की चिंता सताने लगी। कॉलोनी की गलियां भी जलमग्न हो गईं, जिससे स्थानीय रहवासियों की मुश्किलें बढ़ गईं। लोगों ने जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान की जरूरत बताई। उनका कहना है कि तेज बारिश के दौरान जल निकासी व्यवस्था प्रभावित होने से हर बार निचले इलाकों में पानी जमा हो जाता है।
मंगलवार दोपहर से शुरू हुई बारिश के बाद जिले में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया। आसमान में बादल छाए रहे और रुक-रुककर बारिश का सिलसिला चलता रहा। लगातार बारिश के कारण तापमान में भी गिरावट महसूस की गई। हालांकि बारिश से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली, लेकिन अधिक वर्षा ने शहर की जल निकासी व्यवस्था की परीक्षा ले ली।
बारिश का असर केवल शहर तक सीमित नहीं रहा। जिले के नदी-नालों में भी पानी का स्तर तेजी से बढ़ने लगा है। पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के बाद शिवना नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है। नदी में पानी की आवक बढ़ने के कारण आसपास के क्षेत्रों में लोगों की चिंता बढ़ी है। लगातार बारिश जारी रहने की स्थिति में नदी और नालों का जलस्तर और बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
जिले में बारिश के कारण कई छोटे-बड़े जलस्रोत भी सक्रिय हो गए हैं। नालों में पानी का बहाव तेज होने से लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रशासन और स्थानीय स्तर पर लोगों से अपील की जा रही है कि वे नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास अनावश्यक रूप से न जाएं। खासतौर पर बारिश के दौरान तेज बहाव वाले रास्तों को पार करने से बचना जरूरी है।
लगातार बारिश के चलते शहर की यातायात व्यवस्था पर भी असर पड़ा। जलमग्न सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई। दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। कई जगह सड़क पर पानी जमा होने के कारण यह पता लगाना मुश्किल हो गया कि सड़क पर गड्ढे कहां हैं। ऐसे में वाहन चालकों को दुर्घटना की आशंका के बीच सावधानी से गुजरना पड़ा।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बारिश के दौरान शहर के कई हिस्सों में जलभराव की समस्या सामने आती है। निचले इलाकों में पानी की निकासी पर्याप्त तेजी से नहीं होने के कारण बारिश का पानी काफी समय तक जमा रहता है। चौरसिया कॉलोनी में घरों में पानी घुसने की घटना ने जल निकासी व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। रहवासियों ने नालियों की नियमित सफाई और पानी की निकासी के लिए बेहतर व्यवस्था की मांग की है।
बारिश के इस दौर में सबसे बड़ी चुनौती जलभराव वाले क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। लगातार बारिश के कारण नदी और नालों का जलस्तर बढ़ने से प्रशासन को भी अतिरिक्त सतर्कता बरतनी होगी। शिवना नदी के बढ़ते जलस्तर पर नजर रखना जरूरी है, ताकि स्थिति बिगड़ने पर समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
मंदसौर में हुई 90 मिमी से अधिक बारिश ने जिले में मानसून की सक्रियता को साफ तौर पर दिखा दिया है। एक ओर जहां बारिश से किसानों और जलस्रोतों को राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर शहर के निचले इलाकों में जलभराव ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। यदि बारिश का सिलसिला आगे भी जारी रहता है तो नदी-नालों के जलस्तर के साथ-साथ शहरी क्षेत्रों में जलभराव की समस्या भी बढ़ सकती है।
फिलहाल मंदसौर में लोगों की नजर मौसम के अगले दौर पर टिकी है। लगातार बारिश के बीच प्रशासन और नागरिकों को सतर्क रहने की जरूरत है। विशेषकर जलभराव वाले इलाकों तथा नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखते हुए सावधानी बरतनी होगी। मंगलवार की तेज बारिश ने जहां शहर की जल निकासी व्यवस्था की स्थिति सामने रखी, वहीं शिवना नदी के बढ़ते जलस्तर ने आने वाले समय में और सतर्कता की जरूरत का संकेत दे दिया है।