भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की कथित टिप्पणी पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। इस मुद्दे को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने खड़गे के बयान पर नाराजगी जताते हुए कांग्रेस नेतृत्व से जवाब मांगा। वहीं, इस विवाद के बाद प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
खड़गे की टिप्पणी को लेकर भाजपा में नाराजगी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता के संबंध में मल्लिकार्जुन खड़गे की कथित टिप्पणी को भाजपा ने आपत्तिजनक बताया है। पार्टी का कहना है कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन किसी नेता के परिवार के सदस्यों को राजनीतिक विवाद में शामिल करना उचित नहीं है।भोपाल में भाजपा कार्यकर्ताओं ने इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेतृत्व की आलोचना की गई और राजनीतिक संवाद में मर्यादा बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
कांग्रेस नेतृत्व से जवाब की मांग
भाजपा ने इस मामले में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की ओर से प्रधानमंत्री और उनके परिवार को लेकर की जाने वाली टिप्पणियां राजनीतिक शिष्टाचार के अनुरूप नहीं हैं।भाजपा का कहना है कि लोकतंत्र में सरकार की नीतियों, निर्णयों और कार्यप्रणाली की आलोचना करना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन व्यक्तिगत और पारिवारिक टिप्पणियों से बचना चाहिए।इस विवाद में खड़गे के कथित बयान का वास्तविक संदर्भ भी महत्वपूर्ण है। टिप्पणी किन परिस्थितियों में की गई और उसका पूरा आशय क्या था, यह स्पष्ट होना जरूरी है।
कांग्रेस कार्यालय का घेराव करने पहुंचे भाजपा कार्यकर्ता
सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को भाजपा के नेता और कार्यकर्ता रेडक्रॉस अस्पताल के सामने एकत्रित हुए। यहां से उन्होंने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय की ओर पैदल मार्च निकाला। प्रदर्शन में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लाल सिंह आर्य, विधायक रामेश्वर शर्मा, भगवानदास सबनानी, भोपाल की महापौर मालती राय और शहर अध्यक्ष रविंद्र यति सहित कई पदाधिकारी शामिल हुए।शिवाजी नगर चौराहे पर पुलिस ने बैरिकेडिंग कर भाजपा कार्यकर्ताओं को रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान कांग्रेस के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए, जिससे दोनों दलों के समर्थक आमने-सामने आ गए।
पुलिस ने वाटर कैनन का किया इस्तेमाल
प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब भाजपा कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग पार करने का प्रयास किया। विधायक रामेश्वर शर्मा और भगवानदास सबनानी भी बैरिकेड पर चढ़ते दिखाई दिए।भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस दौरान एक कांग्रेस कार्यकर्ता के सिर में चोट लगने की सूचना भी सामने आई। हालांकि घायल की स्थिति को लेकर विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं थी।
पटना में दिए गए बयान से शुरू हुआ विवाद
दरअसल, रविवार को पटना में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में मल्लिकार्जुन खड़गे भाषण दे रहे थे। इसी दौरान सभा में मौजूद एक व्यक्ति की टिप्पणी के जवाब में खड़गे ने विवादित शब्दों का इस्तेमाल किया।भाजपा ने इसे प्रधानमंत्री के दिवंगत पिता का अपमान बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई। दूसरी ओर कांग्रेस ने दावा किया कि खड़गे की टिप्पणी को गलत संदर्भ में प्रस्तुत किया गया और उनका आशय प्रधानमंत्री के वैचारिक आधार से था।
मध्य प्रदेश में तेज हुई राजनीतिक बयानबाजी
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मध्य प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी खड़गे की टिप्पणी की आलोचना की है। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस नेतृत्व से जवाब मांगते हुए सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा बनाए रखने की बात कही।भोपाल के अलावा दिल्ली, पटना और अन्य शहरों में भी भाजपा ने इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन किए।भोपाल में हुए प्रदर्शन ने यह स्पष्ट कर दिया कि खड़गे की टिप्पणी को लेकर दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच मतभेद गहरा गए हैं। अब इस विवाद में कांग्रेस नेतृत्व की आगामी प्रतिक्रिया और राजनीतिक दलों के अगले कदमों पर नजर रहेगी।