पेपर लीक पर सख्ती जरूरी, Cama Hospital के डीन बोले: परीक्षा व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ाने की जरूरत
Maharashtra महाराष्ट्र। परीक्षा पेपर लीक की घटनाओं को लेकर देशभर में उठ रहे सवालों के बीच मुंबई के कामा अस्पताल के डीन डॉ. तुषार पालवे ने परीक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और पारदर्शिता की जरूरत पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि छात्र देश और समाज का भविष्य होते हैं, इसलिए परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना बेहद जरूरी है। डॉ. तुषार पालवे ने कहा कि उन्होंने भी डॉक्टर बनने के लिए प्रवेश परीक्षाओं का सामना किया है और वह जानते हैं कि एक छात्र के लिए परीक्षा कितनी महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि जब कोई विद्यार्थी पूरी मेहनत से परीक्षा देता है और बाद में उसे पता चलता है कि प्रश्नपत्र लीक हो गया है, तो यह उसके लिए बेहद कठिन परिस्थिति होती है। इसका असर सिर्फ छात्र पर नहीं बल्कि उसके पूरे परिवार पर पड़ता है।
उन्होंने कहा कि परीक्षा में किसी भी तरह की अनियमितता को रोकने के लिए जिम्मेदारी तय करना आवश्यक है। डॉ. पालवे ने उम्मीद जताई कि पेपर लीक रोकने से जुड़े नए कानून लागू होने के बाद परीक्षा प्रक्रिया में सुधार आएगा और प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर वितरण तक की व्यवस्था में बदलाव देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि पिछले साल भी ऐसे मामले सामने आए थे, जहां प्रश्नपत्र तैयार होने वाली जगह से ही लीक होने की बात सामने आई थी। ऐसे मामलों से छात्रों के भविष्य पर गंभीर असर पड़ता है और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता प्रभावित होती है।
डॉ. पालवे ने कहा कि परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं को सुरक्षा मानकों को और मजबूत करना होगा। प्रश्नपत्र तैयार करने, उसे सुरक्षित रखने और परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया में गोपनीयता और निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि छात्रों को निष्पक्ष अवसर मिलना उनका अधिकार है और सरकार तथा संबंधित संस्थानों की जिम्मेदारी है कि मेहनत करने वाले विद्यार्थियों के साथ किसी भी तरह का अन्याय न हो। परीक्षा व्यवस्था में सुधार से छात्रों का भरोसा मजबूत होगा और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाई जा सकेगी।