Maharashtra महाराष्ट्र। महाराष्ट्र के मंत्री उदय सामंत ने NEET परीक्षा विवाद और छात्रों के आंदोलन को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस पूरे आंदोलन की असली जीत छात्रों की है, किसी राजनीतिक नेता की नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ संगठनों और नेताओं के हस्तक्षेप के कारण छात्र आंदोलन अपनी सही दिशा से भटक गया। रत्नागिरी में मीडिया से बातचीत करते हुए उदय सामंत ने कहा कि कई ऐसे लोग अब इस आंदोलन का श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं, जिन्होंने कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए प्रचार तक नहीं किया। उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलन शुरुआत में सही मुद्दों को लेकर आगे बढ़ रहा था, लेकिन बाद में कुछ समूहों के शामिल होने से इसकी दिशा बदल गई।
मंत्री ने कहा, "जीत छात्रों की है, नेताओं की नहीं। कल मैंने कुछ ऐसे भाषण सुने, जैसे कुछ लोग इस जीत का श्रेय खुद ले रहे हों। लेकिन सभी को केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पत्र भी पढ़ना चाहिए, जिसमें उन्होंने अपने फैसले और परिस्थितियों का विश्लेषण किया है। उदय सामंत ने NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि परीक्षा प्रणाली में किसी भी तरह की गड़बड़ी स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़ी परीक्षाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार और प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने। महाराष्ट्र मंत्री ने विपक्ष और आंदोलन से जुड़े कुछ नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि केवल राजनीतिक लाभ लेने के लिए छात्रों के मुद्दों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता होनी चाहिए, न कि आंदोलन का राजनीतिकरण।
उन्होंने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बयान का भी जिक्र किया और कहा कि उन्होंने इस मुद्दे पर उचित तरीके से अपनी बात रखी है। उदय सामंत ने कहा कि जब किसी मुद्दे पर हार या असहमति होती है तो उसे राजनीतिक तरीके से देखने के बजाय समाधान की दिशा में काम करना चाहिए। NEET विवाद को लेकर देश के कई हिस्सों में छात्रों और संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच हो। सरकार की ओर से भी परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए कदम उठाने की बात कही गई है। उदय सामंत के बयान के बाद NEET आंदोलन को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। जहां कुछ नेता छात्रों के समर्थन में खड़े हैं, वहीं सरकार समर्थक नेता आंदोलन को राजनीतिक रंग देने के आरोप लगा रहे हैं।