हिंगोली। भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने महाराष्ट्र के हिंगोली जिले में अपने पैतृक गांव का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने CJP के ‘स्कूल सुधार अभियान’ की शुरुआत की और गांव के सरकारी स्कूल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्कूल की खराब स्थिति सामने आने का दावा किया गया, जिसके बाद उन्होंने शिक्षा व्यवस्था और सरकारी स्कूलों की सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए।

अभिजीत दिपके ने कहा कि स्वतंत्रता के इतने वर्षों बाद भी कई सरकारी स्कूल बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए स्कूलों का बुनियादी ढांचा मजबूत होना जरूरी है।

सरकारी स्कूल की स्थिति का किया निरीक्षण

जानकारी के मुताबिक, अभिजीत दिपके अपने पैतृक गांव पहुंचे और वहां स्थित सरकारी स्कूल का जायजा लिया। उन्होंने स्कूल की कक्षाओं, भवन की स्थिति और उपलब्ध सुविधाओं की जांच की।




निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्कूल की टूटी हुई खिड़कियों और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर चिंता जताई। उनके अनुसार, स्कूल में कई जगह मरम्मत की जरूरत दिखाई दी।

उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल की कुछ टूटी हुई खिड़कियों को बैनरों से ढका गया था, जिन पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की तस्वीरें लगी हुई थीं।

बाथरूम सुविधाओं पर उठाए सवाल

अभिजीत दिपके ने स्कूल में शौचालय और साफ-सफाई की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए पर्याप्त और बेहतर बाथरूम सुविधाएं उपलब्ध होना बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा का अधिकार केवल स्कूल में दाखिले तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों को सुरक्षित और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना भी सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है।

स्वतंत्रता दिवस पर शुरू किया अभियान

CJP की ओर से शुरू किए गए ‘स्कूल सुधार अभियान’ का उद्देश्य सरकारी स्कूलों की स्थिति का जायजा लेना और उनमें सुधार के लिए आवाज उठाना बताया गया है।

अभिजीत दिपके ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस जैसे अवसर पर देश के भविष्य यानी बच्चों की शिक्षा व्यवस्था पर ध्यान देना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि मजबूत शिक्षा व्यवस्था ही विकसित भारत की नींव तैयार कर सकती है।

सरकारी स्कूलों की सुविधाओं पर बहस

महाराष्ट्र समेत देश के कई राज्यों में सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। इनमें स्कूल भवनों की मरम्मत, शौचालय, पेयजल, बिजली और डिजिटल सुविधाएं प्रमुख मुद्दे रहे हैं।

शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर बच्चों की पढ़ाई और उपस्थिति दोनों पर सकारात्मक प्रभाव डालता है।

प्रशासन से सुधार की मांग

अभिजीत दिपके ने स्कूल की स्थिति को लेकर प्रशासन से सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि स्कूलों की नियमित निगरानी होनी चाहिए ताकि बच्चों को बेहतर माहौल मिल सके।

उन्होंने यह भी कहा कि केवल बड़े-बड़े दावों से शिक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं होगी, बल्कि जमीनी स्तर पर काम करने की जरूरत है।

अभियान के जरिए उठाए जाएंगे मुद्दे

CJP संस्थापक ने कहा कि स्कूल सुधार अभियान के तहत ऐसे स्कूलों की स्थिति सामने लाई जाएगी, जहां बुनियादी सुविधाओं की कमी है।

उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ राजनीति करना नहीं बल्कि बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

शिक्षा को बताया देश निर्माण का आधार

अभिजीत दिपके ने कहा कि देश की प्रगति के लिए शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र है। उन्होंने कहा कि अगर बच्चों को अच्छे स्कूल और सुविधाएं मिलेंगी तो वे भविष्य में देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगे।

उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का संकल्प लेने की अपील की।

फिलहाल हिंगोली के सरकारी स्कूल के निरीक्षण को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। अभियान के तहत उठाए गए मुद्दों पर प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर बनी हुई है।

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