मॉनसून की बारिश से मुंबई को बड़ी राहत, सातों झीलों में 91 प्रतिशत के करीब पहुंचा पानी का भंडार
मुंबई: लगातार हो रही मॉनसून की बारिश ने मुंबई की जल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत कर दिया है। शहर को पानी सप्लाई करने वाली सात प्रमुख झीलों में जल भंडारण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। गुरुवार सुबह तक इन झीलों में कुल उपयोगी लाइव स्टोरेज क्षमता का 90.96 प्रतिशत पानी जमा हो चुका है। बारिश के कारण जलाशयों में तेजी से पानी की आवक हो रही है, जिससे आने वाले दिनों के लिए मुंबई की जल जरूरतों को लेकर राहत की स्थिति बनी है।
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के हाइड्रोलिक इंजीनियर विभाग की झील-स्तर रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई की सातों झीलों में कुल उपयोगी लाइव स्टोरेज क्षमता 14,47,363 मिलियन लीटर (ML) है। इसके मुकाबले गुरुवार सुबह तक कुल उपयोगी पानी का स्टॉक 13,16,578 ML दर्ज किया गया।
रिपोर्ट के मुताबिक, एक दिन पहले झीलों में पानी का स्तर 90.26 प्रतिशत था, जो 24 घंटे में बढ़कर 90.96 प्रतिशत हो गया। यानी एक दिन के भीतर जल भंडारण में 0.70 प्रतिशत अंक की वृद्धि दर्ज की गई है। लगातार बारिश के कारण झीलों में पानी की आवक बनी हुई है और जल स्तर में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो रही है।
मुंबई की जल आपूर्ति मुख्य रूप से सात झीलों पर निर्भर करती है। इनमें तुलसी, विहार, तानसा, मोडक सागर, मध्य वैतरणा, ऊपरी वैतरणा और भातसा झील शामिल हैं। इन जलाशयों से शहर के लाखों नागरिकों को रोजाना पानी उपलब्ध कराया जाता है। मॉनसून के दौरान इन झीलों में पर्याप्त पानी जमा होना शहर की जल सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
पिछले कुछ समय से मुंबई और आसपास के इलाकों में अच्छी बारिश दर्ज की जा रही है। इसका सीधा असर जलाशयों के जलस्तर पर देखने को मिल रहा है। बारिश की वजह से झीलों में पानी की आवक बढ़ी है और जल भंडारण में लगातार सुधार हुआ है।
बीएमसी हर साल मॉनसून के दौरान झीलों के जलस्तर पर नजर रखती है। शहर में पानी की उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन नियमित रूप से जल भंडारण की समीक्षा करता है। अगर झीलों में पर्याप्त पानी जमा हो जाता है तो गर्मी और अगले मॉनसून से पहले तक जल संकट की संभावना काफी कम हो जाती है।
मुंबई जैसे बड़े महानगर के लिए जल प्रबंधन हमेशा एक बड़ी चुनौती रहा है। शहर की बढ़ती आबादी के कारण पानी की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में झीलों में पर्याप्त जल भंडारण होना प्रशासन के लिए राहत की खबर है।
हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश के दौरान जल भंडारण बढ़ने के बावजूद पानी की बचत जरूरी है। अनियमित बारिश और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को देखते हुए भविष्य में जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करना आवश्यक होगा।
बीएमसी की ओर से नागरिकों से लगातार अपील की जाती है कि वे पानी का उपयोग सोच-समझकर करें और अनावश्यक बर्बादी से बचें। प्रशासन का कहना है कि झीलों में मौजूदा जल स्तर संतोषजनक है, लेकिन पूरे साल पानी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए सावधानी बरतना जरूरी है।
मॉनसून के शुरुआती और मध्य चरण में अच्छी बारिश होने से मुंबई के जलाशयों की स्थिति मजबूत हुई है। अगर आने वाले दिनों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहता है तो झीलों में पानी का भंडार और बढ़ सकता है।
मुंबई के लिए यह स्थिति इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि गर्मियों में अक्सर पानी की मांग बढ़ जाती है और कम बारिश वाले वर्षों में जल कटौती जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। इस बार झीलों में बढ़ते जल स्तर ने प्रशासन और आम लोगों दोनों को राहत दी है।
फिलहाल मुंबई में जल आपूर्ति को लेकर स्थिति संतोषजनक बनी हुई है। सातों झीलों में 90 प्रतिशत से अधिक पानी का भंडारण शहर के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। प्रशासन लगातार झीलों की निगरानी कर रहा है ताकि जरूरत के अनुसार जल प्रबंधन किया जा सके।