मुंबई। महाराष्ट्र में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को तेज, आसान और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने अपनी नागरिक-केंद्रित पहल का विस्तार किया है। मुंबई, नवी मुंबई और नागपुर में तीन नए टेक्नोलॉजी आधारित मॉडल सब-रजिस्ट्रार ऑफिस (SRO) शुरू किए गए हैं। इन केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है, ताकि नागरिकों को संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों के रजिस्ट्रेशन के दौरान कम इंतजार करना पड़े और पूरी प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक हो सके।महाराष्ट्र सरकार ने इस पहल को VFS ग्लोबल और WE Excel सॉफ्टवेयर प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से आगे बढ़ाया है। इससे पहले पुणे में राज्य का पहला मॉडल सब-रजिस्ट्रार ऑफिस शुरू किया गया था। वहां मिले अनुभव के बाद अब इस व्यवस्था का विस्तार तीन और प्रमुख शहरों में किया गया है।नए मॉडल SRO में से एक मुंबई के प्रमुख कारोबारी क्षेत्र बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स यानी BKC में बनाया गया है। दूसरा केंद्र नवी मुंबई के महापे में और तीसरा नागपुर के नॉर्थ अंबाजरी रोड पर स्थापित किया गया है।
प्रॉपर्टी से जुड़े कई दस्तावेज होंगे रजिस्टर
नए केंद्रों पर नागरिक प्रॉपर्टी से संबंधित कई प्रकार के दस्तावेजों का रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। इनमें सेल डीड, लीज डीड, गिफ्ट डीड, पावर ऑफ अटॉर्नी और वसीयत जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल हैं।संपत्ति खरीदने और बेचने वाले लोगों के लिए सेल डीड सबसे महत्वपूर्ण कानूनी दस्तावेजों में शामिल होती है। वहीं संपत्ति को लीज पर देने से जुड़े दस्तावेज, गिफ्ट डीड और पावर ऑफ अटॉर्नी जैसे दस्तावेजों के रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी इन मॉडल केंद्रों पर उपलब्ध होगी।सरकार का उद्देश्य इन सेवाओं को एक आधुनिक और व्यवस्थित वातावरण में उपलब्ध कराना है, ताकि नागरिकों को रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी करने के दौरान अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
कम होगा इंतजार का समय
नए मॉडल SRO को इस तरह डिजाइन किया गया है कि रजिस्ट्रेशन कराने आने वाले लोगों का इंतजार का समय कम किया जा सके। टेक्नोलॉजी आधारित व्यवस्था के जरिए अलग-अलग चरणों को अधिक व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया गया है।पारंपरिक सरकारी कार्यालयों में दस्तावेजों की प्रक्रिया के दौरान भीड़ और लंबे इंतजार की समस्या सामने आती रही है। मॉडल SRO की अवधारणा में नागरिकों के अनुभव को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया गया है।इन केंद्रों में पूरी तरह एयर-कंडीशंड और आरामदायक वातावरण उपलब्ध कराया गया है। नागरिकों के बैठने और अपनी बारी का इंतजार करने के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
पुणे के बाद तीन शहरों तक विस्तार
महाराष्ट्र का पहला मॉडल सब-रजिस्ट्रार ऑफिस पुणे में शुरू किया गया था। इस केंद्र की शुरुआत के बाद अब सरकार ने मॉडल को मुंबई, नवी मुंबई और नागपुर तक विस्तारित किया है।मुंबई और नवी मुंबई राज्य के सबसे बड़े रियल एस्टेट बाजारों में शामिल हैं। इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों से जुड़े लेनदेन होते हैं। ऐसे में BKC और महापे में मॉडल SRO शुरू होने से बड़ी संख्या में नागरिकों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।इसी तरह नागपुर महाराष्ट्र के प्रमुख शहरी और व्यावसायिक केंद्रों में शामिल है। नॉर्थ अंबाजरी रोड पर मॉडल SRO शुरू होने से शहर में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन कराने वाले नागरिकों को एक अतिरिक्त आधुनिक सुविधा उपलब्ध होगी।
टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर जोर
इस पहल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल है। मॉडल SRO में तकनीकी सुविधाओं की मदद से नागरिकों को अधिक व्यवस्थित तरीके से सेवाएं देने की व्यवस्था की गई है।रजिस्ट्रेशन कार्यालय में आने वाले लोगों के लिए प्रक्रिया को सरल बनाने, दस्तावेजों से जुड़े काम को व्यवस्थित करने और प्रतीक्षा समय घटाने पर जोर दिया गया है। इसका उद्देश्य सरकारी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को नागरिकों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाना है।टेक्नोलॉजी आधारित व्यवस्था से रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है। नागरिकों को अलग-अलग चरणों की जानकारी आसानी से उपलब्ध होने और पूरी प्रक्रिया के अधिक व्यवस्थित होने से सेवाओं का अनुभव बेहतर हो सकता है।
VFS ग्लोबल और WE Excel का सहयोग
महाराष्ट्र सरकार ने मॉडल SRO की व्यवस्था को विकसित करने के लिए VFS ग्लोबल और WE Excel सॉफ्टवेयर प्राइवेट लिमिटेड के साथ सहयोग किया है। इस साझेदारी के तहत सरकारी रजिस्ट्रेशन सेवाओं के लिए आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी आधारित सुविधाएं विकसित की गई हैं।हालांकि, संपत्ति दस्तावेजों का रजिस्ट्रेशन और उससे जुड़े वैधानिक अधिकार सरकारी विभाग के पास ही रहते हैं। निजी भागीदारों की भूमिका नागरिक सुविधा, तकनीकी व्यवस्था और सेवा केंद्रों के संचालन से जुड़े पहलुओं में सहयोग की है।इस मॉडल का उद्देश्य सरकारी सेवा की कानूनी प्रक्रिया को बदले बिना नागरिकों के लिए उसका अनुभव बेहतर बनाना है।
नागरिक केंद्रित सेवाओं पर फोकस
मॉडल सब-रजिस्ट्रार ऑफिस की पूरी अवधारणा नागरिक-केंद्रित सेवाओं पर आधारित है। इसमें यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है कि रजिस्ट्रेशन कराने वाले लोगों को कार्यालय में कम समय बिताना पड़े और आवश्यक प्रक्रियाओं को आसानी से पूरा किया जा सके।आरामदायक बैठने की व्यवस्था, एयर-कंडीशंड परिसर और तकनीकी सुविधाओं के जरिए पारंपरिक रजिस्ट्रेशन कार्यालयों की तुलना में अधिक सुविधाजनक वातावरण तैयार किया गया है।इसका फायदा खास तौर पर बुजुर्गों, महिलाओं और उन नागरिकों को मिल सकता है जिन्हें लंबी प्रतीक्षा के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है।
रियल एस्टेट सेक्टर को भी मिलेगा फायदा
प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन किसी भी रियल एस्टेट लेनदेन का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। खरीद-बिक्री की प्रक्रिया में दस्तावेजों का समय पर रजिस्ट्रेशन होने से लेनदेन को कानूनी रूप देने में मदद मिलती है।ऐसे में प्रक्रिया तेज और व्यवस्थित होने से घर खरीदारों, संपत्ति विक्रेताओं, डेवलपर्स और अन्य हितधारकों के लिए भी सुविधा बढ़ सकती है। खास तौर पर मुंबई और नवी मुंबई जैसे बड़े रियल एस्टेट बाजारों में रजिस्ट्रेशन सेवाओं की मांग अधिक रहती है।
दूसरे शहरों में भी बढ़ सकता है नेटवर्क
पुणे के बाद एक साथ तीन शहरों में मॉडल SRO की शुरुआत से महाराष्ट्र में इस व्यवस्था का नेटवर्क बढ़ गया है। यदि इन केंद्रों से नागरिकों को अपेक्षित सुविधा मिलती है तो भविष्य में राज्य के अन्य प्रमुख शहरों में भी इसी तरह की सेवाओं के विस्तार की संभावना बन सकती है।फिलहाल मुंबई के BKC, नवी मुंबई के महापे और नागपुर के नॉर्थ अंबाजरी रोड पर शुरू किए गए केंद्र प्रॉपर्टी से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों के रजिस्ट्रेशन की सुविधा देंगे।महाराष्ट्र सरकार की यह पहल प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन को आधुनिक तकनीक और बेहतर नागरिक सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। नए मॉडल SRO के जरिए सेल डीड से लेकर गिफ्ट डीड, लीज डीड, पावर ऑफ अटॉर्नी और वसीयत तक विभिन्न दस्तावेजों के रजिस्ट्रेशन को अधिक सुविधाजनक बनाने पर जोर दिया गया है। इससे राज्य में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और नागरिकों के लिए अधिक सहज बनाने की कोशिश की जा रही है।