ठाणे। महाराष्ट्र के ठाणे शहर में पानी की आपूर्ति करने वाली एक बड़ी भूमिगत पाइपलाइन में लीकेज मिलने से नगर निगम के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई है। ठाणे के तीन हाथ नाका इलाके में ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे के पास मुंबई-III पानी की पाइपलाइन में बड़ा रिसाव पाया गया है। यह पाइपलाइन करीब 3000 मिलीमीटर व्यास की है और शहर की जल आपूर्ति व्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, यह पाइपलाइन जमीन के अंदर बिछाई गई है और इसे सुरक्षा के लिए विशेष कवरिंग से ढका गया है। पाइपलाइन करीब 3 से 4 मीटर की गहराई में मौजूद है। इसी वजह से लीकेज वाले हिस्से तक पहुंचना और उसकी मरम्मत करना एक बड़ी तकनीकी चुनौती बन गया है।
अधिकारियों ने बताया कि पाइपलाइन में रिसाव की जानकारी मिलने के बाद तुरंत निरीक्षण शुरू किया गया। विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुंची और लीकेज की स्थिति का आकलन किया गया। फिलहाल नगर निगम की ओर से ऐसी तकनीकी योजना तैयार की जा रही है, जिससे पाइपलाइन को कम से कम नुकसान पहुंचाते हुए मरम्मत का काम पूरा किया जा सके।
मुंबई-III पानी की पाइपलाइन ठाणे और आसपास के क्षेत्रों में जल आपूर्ति व्यवस्था का एक अहम हिस्सा है। इतनी बड़ी क्षमता वाली पाइपलाइन में लीकेज होने से पानी की बर्बादी के साथ-साथ आपूर्ति व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है। हालांकि नगर निगम का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जल्द से जल्द समाधान निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं।
नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, भूमिगत पाइपलाइन की मरम्मत सामान्य पाइपलाइन की तुलना में अधिक जटिल होती है। पहले लीकेज की सही जगह की पहचान करनी होती है, इसके बाद जमीन की खुदाई और सुरक्षा उपायों के साथ मरम्मत कार्य किया जाता है। चूंकि यह पाइपलाइन काफी गहराई में है और इसके ऊपर सुरक्षात्मक परत मौजूद है, इसलिए काम को सावधानीपूर्वक पूरा करना जरूरी है।
अधिकारियों का कहना है कि मरम्मत के दौरान आसपास के क्षेत्र की सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाएगा। ईस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे के पास होने के कारण यातायात व्यवस्था को प्रभावित किए बिना काम करना भी एक बड़ी चुनौती है। इसके लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय बनाया जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इतनी बड़ी पाइपलाइन में लीकेज कई कारणों से हो सकता है। इनमें पाइपलाइन पर दबाव, लंबे समय तक इस्तेमाल, जमीन के अंदर होने वाले बदलाव या किसी तकनीकी खराबी की संभावना शामिल है। हालांकि लीकेज का वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
ठाणे नगर निगम की टीम लगातार स्थिति की निगरानी कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि पानी की आपूर्ति को सामान्य बनाए रखने के लिए वैकल्पिक उपायों पर भी विचार किया जा रहा है। लोगों को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए जल विभाग की टीम सक्रिय है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, बड़े आकार की पाइपलाइन में लीकेज की घटना को गंभीरता से लिया जाना चाहिए, क्योंकि इससे पानी की भारी बर्बादी हो सकती है। नागरिकों ने मांग की है कि पाइपलाइन की नियमित जांच और रखरखाव की व्यवस्था को और मजबूत किया जाए।
नगर निगम प्रशासन का कहना है कि लीकेज की मरम्मत के लिए आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। जल्द ही तकनीकी प्रक्रिया पूरी कर मरम्मत कार्य शुरू किया जाएगा।
फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती भूमिगत पाइपलाइन तक सुरक्षित तरीके से पहुंचने और बिना किसी बड़े व्यवधान के उसे ठीक करने की है। नगर निगम अधिकारियों को उम्मीद है कि सावधानीपूर्वक योजना के जरिए इस समस्या का समाधान जल्द निकाल लिया जाएगा।