बैंकॉक से ड्रग्स तस्करी के आरोप में दो गिरफ्तार, मुफ्त विदेश यात्रा के लालच में बने कैरियर
मुंबई। मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर कस्टम्स विभाग ने बैंकॉक से ड्रग्स की तस्करी के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। एयर इंटेलिजेंस यूनिट (एआईयू) के अधिकारियों ने खुफिया सूचना के आधार पर दोनों संदिग्ध यात्रियों को रोका था। पूछताछ के दौरान दोनों ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वे बचपन के दोस्त हैं और एक हैंडलर के कहने पर नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए तैयार हुए थे। इसके बदले उन्हें बैंकॉक की मुफ्त विदेश यात्रा का लालच दिया गया था।
कस्टम्स अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी मुंबई के रहने वाले हैं। इनमें सांताक्रूज निवासी ए.एच. मोदीवाला और खार निवासी एम.एम. मंसूरी शामिल हैं। दोनों बैंकॉक से मुंबई पहुंचे थे। अधिकारियों को पहले से सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध यात्री प्रतिबंधित सामान लेकर विदेश से मुंबई पहुंच सकते हैं। इसी सूचना के आधार पर एयरपोर्ट पर निगरानी बढ़ाई गई और दोनों यात्रियों को रोककर उनकी जांच की गई।
खुफिया सूचना के आधार पर रोका गया
कस्टम्स की एयर इंटेलिजेंस यूनिट को जानकारी मिली थी कि बैंकॉक से आने वाली उड़ान में कुछ यात्री प्रतिबंधित सामान लेकर यात्रा कर सकते हैं। सूचना मिलने के बाद अधिकारियों ने यात्रियों की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की। इसी दौरान दोनों संदिग्ध यात्रियों की पहचान कर उन्हें पूछताछ के लिए रोका गया।
अधिकारियों ने दोनों से उनकी यात्रा और सामान के बारे में जानकारी ली। पूछताछ के दौरान दोनों ने पुष्टि की कि वे एक साथ बैंकॉक गए थे और साथ ही मुंबई लौटे हैं। दोनों ने यह भी बताया कि वे बचपन के दोस्त हैं और बैंकॉक की यात्रा के दौरान भी साथ रहे।
संदिग्ध परिस्थितियों को देखते हुए कस्टम्स अधिकारियों ने उनके सामान की विस्तृत तलाशी ली। जांच के दौरान बैग में ऐसी खास जगहों का इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई, जहां नशीले पदार्थों को छिपाकर रखा गया था। इसके बाद दोनों यात्रियों को हिरासत में लेकर आगे की पूछताछ शुरू की गई।
बैग में बनाई गई थी खास जगह
कस्टम्स की जांच में सामने आया कि ड्रग्स को सामान्य तरीके से बैग में रखने के बजाय छिपाने के लिए खास जगहों का इस्तेमाल किया गया था। तस्करी में शामिल लोग अक्सर सुरक्षा जांच से बचने के लिए सामान के भीतर अलग-अलग तरीकों से प्रतिबंधित पदार्थ छिपाने की कोशिश करते हैं।
इस मामले में भी आरोपियों के बैग की तलाशी के दौरान अधिकारियों को संदिग्ध सामग्री मिली। इसके बाद नशीले पदार्थों की बरामदगी और उनकी जांच की प्रक्रिया शुरू की गई। कस्टम्स विभाग ने बरामद सामग्री को जब्त कर लिया है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
मुफ्त विदेश यात्रा का दिया गया लालच
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने कथित तौर पर कस्टम्स अधिकारियों को बताया कि उन्हें उनके हैंडलर की ओर से बैंकॉक की मुफ्त यात्रा का प्रस्ताव दिया गया था। इसी ऑफर के बदले वे नशीले पदार्थों को मुंबई तक पहुंचाने के लिए तैयार हुए।
आरोपियों के अनुसार, यात्रा का खर्च हैंडलर की ओर से उठाया जाना था। विदेश घूमने के लालच में दोनों कथित तौर पर इस काम के लिए राजी हो गए। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि उन्हें ड्रग्स किसने उपलब्ध कराया था और मुंबई पहुंचने के बाद यह खेप किसे सौंपी जानी थी।
बचपन के दोस्त होने की पुष्टि
पूछताछ के दौरान कस्टम्स अधिकारियों ने दोनों से यह भी पूछा कि क्या वे एक-दूसरे को जानते हैं और क्या उन्होंने साथ यात्रा की थी। दोनों ने इसकी पुष्टि की। उन्होंने बताया कि वे बचपन के दोस्त हैं और बैंकॉक यात्रा के दौरान साथ थे।
जांच एजेंसियों के लिए यह तथ्य महत्वपूर्ण है, क्योंकि दोनों आरोपियों के बीच पहले से परिचय होने के कारण यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उन्हें एक साथ इस नेटवर्क में कैसे शामिल किया गया। अधिकारी यह भी जांच रहे हैं कि क्या दोनों पहले से किसी तस्करी नेटवर्क के संपर्क में थे या पहली बार इस तरह की गतिविधि में शामिल हुए।
हैंडलर की तलाश में जुटी जांच एजेंसी
दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब जांच का फोकस उस कथित हैंडलर तक पहुंचने पर है, जिसने उन्हें बैंकॉक की यात्रा का प्रस्ताव दिया था। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि हैंडलर कौन है, उसका नेटवर्क कितना बड़ा है और वह मुंबई में किन लोगों के संपर्क में था।
इसके अलावा बैंकॉक में आरोपियों की गतिविधियों और उनके संपर्कों की भी जांच की जा सकती है। एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश करेंगी कि उन्हें नशीले पदार्थ कहां से मिले और उन्हें मुंबई में किस व्यक्ति तक पहुंचाया जाना था।
एयरपोर्ट पर बढ़ाई जा रही निगरानी
मुंबई अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट देश के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों में शामिल है। यहां विदेश से आने वाले यात्रियों के सामान की जांच के दौरान समय-समय पर तस्करी के मामले सामने आते रहे हैं। ऐसे मामलों को रोकने के लिए कस्टम्स की एयर इंटेलिजेंस यूनिट संदिग्ध यात्रियों और सामान पर विशेष निगरानी रखती है।
बैंकॉक से ड्रग्स तस्करी के इस मामले में भी अधिकारियों को पहले से मिली खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई करने में सफलता मिली। अधिकारियों की सतर्कता के कारण कथित तौर पर नशीले पदार्थों की खेप मुंबई पहुंचने के बाद बाजार तक जाने से पहले ही पकड़ ली गई।
नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश
कस्टम्स विभाग अब केवल बरामद ड्रग्स और दोनों आरोपियों तक सीमित जांच नहीं कर रहा है, बल्कि पूरे तस्करी नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश में जुटा है। जांच एजेंसियां यह जानना चाहती हैं कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं और क्या पहले भी इसी तरह यात्रियों का इस्तेमाल कर ड्रग्स की तस्करी कराई गई है।
मुफ्त विदेश यात्रा के बदले ड्रग्स ले जाने का कथित प्रस्ताव यह संकेत देता है कि तस्करी करने वाले गिरोह यात्रियों को अलग-अलग तरह के लालच देकर अपने नेटवर्क में शामिल करने की कोशिश कर सकते हैं। अब जांच एजेंसियां आरोपियों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की आगे की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।
फिलहाल दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। कस्टम्स अधिकारी बरामद नशीले पदार्थों की प्रकृति और मात्रा से जुड़े विवरणों की जांच के साथ-साथ कथित हैंडलर और पूरे नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं। मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ ड्रग्स तस्करी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी सामने आने की संभावना है।