मुंबई। मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने सोने के आभूषणों से जुड़ी कथित 15.09 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। ईओडब्ल्यू ने एक ज्वेलरी कंपनी से करोड़ों रुपये के सोने के आभूषण खरीदकर भुगतान नहीं करने के आरोप में कंपनी के दो निदेशकों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान तमिलनाडु निवासी बिंदू सेल्वाकुमार (45) और आनंदमूर्ति नटराजन (40) के रूप में हुई है। दोनों आरोपी संबंधित कंपनी के निदेशक बताए जा रहे हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों को 11 अगस्त 2026 को कर्नाटक के बेंगलुरु स्थित महादेवपुरा पुलिस थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।

10.5 किलो से ज्यादा सोने के आभूषण खरीदने का आरोप

जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपियों पर आरोप है कि उन्होंने मुंबई स्थित एक कंपनी से 10.5 किलोग्राम से अधिक वजन के सोने के आभूषण खरीदे थे। खरीदारी के बाद भुगतान को लेकर कई बार वादा किया गया, लेकिन तय समय पर बकाया राशि का भुगतान नहीं किया गया।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपियों ने बार-बार भुगतान करने का भरोसा दिलाया, लेकिन इसके बावजूद करोड़ों रुपये की राशि लंबित रही। इसके बाद कंपनी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत के बाद दर्ज हुआ मामला

ईओडब्ल्यू के रिमांड आवेदन के अनुसार, इस मामले में संयम प्रेम मेहरा की शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया गया था। शिकायत में बिंदू सेल्वाकुमार, सेल्वाकुमार सुदलाईमणि काशीराजन, आनंदमूर्ति नटराजन, विजयकुमार और अभिस जेमग्लो ज्वैलर्स प्राइवेट लिमिटेड को आरोपी बनाया गया है।

आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(5), 318(4) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए आरोपियों की गतिविधियों और वित्तीय लेन-देन की पड़ताल शुरू की।

बेंगलुरु से हुई गिरफ्तारी

मुंबई ईओडब्ल्यू की टीम ने जांच के दौरान आरोपियों की लोकेशन का पता लगाया। इसके बाद कार्रवाई करते हुए उन्हें बेंगलुरु के महादेवपुरा क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए मुंबई लाया गया। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य आरोपियों और पूरे लेन-देन की जांच कर रही है।

आर्थिक अपराध शाखा कर रही जांच

आर्थिक अपराध शाखा गंभीर आर्थिक अपराधों और बड़े वित्तीय मामलों की जांच करती है। इस मामले में भी ईओडब्ल्यू यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित धोखाधड़ी किस तरह की गई और इसमें कितने लोग शामिल हैं।

जांच एजेंसी आरोपियों के बैंक खातों, कंपनी के वित्तीय रिकॉर्ड और व्यापारिक लेन-देन की जानकारी जुटा रही है। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि खरीदे गए सोने के आभूषणों का इस्तेमाल कहां और किस उद्देश्य से किया गया।

करोड़ों के वित्तीय मामलों पर पुलिस की नजर

मुंबई में आर्थिक अपराधों के मामलों में लगातार कार्रवाई की जा रही है। ज्वेलरी कारोबार में बड़े स्तर पर होने वाले लेन-देन के कारण ऐसे मामलों में जांच एजेंसियां दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की गहन जांच करती हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में भी सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ाई जा रही है। यदि जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

आगे की कार्रवाई जारी

फिलहाल ईओडब्ल्यू गिरफ्तार किए गए दोनों निदेशकों से पूछताछ कर रही है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि भुगतान न करने के पीछे क्या कारण थे और क्या यह पूरी योजना के तहत किया गया था।

जांच पूरी होने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने इसे करोड़ों रुपये की वित्तीय धोखाधड़ी का मामला मानते हुए जांच तेज कर दी है।

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