पुरी रथ यात्रा की सुरक्षा में 13 हजार जवान तैनात, CAPF और NSG कमांडो संभालेंगे मोर्चा
पुरी : ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की आगामी रथ यात्रा को सुरक्षित और सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। देश के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल इस वार्षिक उत्सव के दौरान लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा योजना तैयार की है।
रथ यात्रा की सुरक्षा के लिए सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (CAPF) और एलीट ब्लैक कैट कमांडो यानी नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) की 15 कंपनियां तैनात की जाएंगी। इसके अलावा पुरी शहर और आसपास के क्षेत्रों में कुल 13,000 सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी।
DGP की अध्यक्षता में हुई हाई लेवल बैठक
रथ यात्रा की सुरक्षा तैयारियों को लेकर पुरी में एक हाई लेवल बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता ओडिशा के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP) वाईबी खुरानिया ने की।
बैठक में त्योहार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, ट्रैफिक प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई।
अधिकारियों ने बताया कि इस बार सुरक्षा व्यवस्था को पहले से अधिक मजबूत बनाया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके और श्रद्धालुओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराया जा सके।
13 हजार जवान संभालेंगे सुरक्षा की जिम्मेदारी
रथ यात्रा के दौरान पुरी शहर में भारी भीड़ जुटने की संभावना रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य पुलिस के साथ केंद्रीय सुरक्षा बलों की भी तैनाती की जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, CAPF और NSG की 15 कंपनियों के अलावा राज्य पुलिस के जवान भी बड़ी संख्या में ड्यूटी पर रहेंगे।
सुरक्षा बलों को अलग-अलग क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा, ताकि मंदिर परिसर, ग्रैंड रोड, रथ यात्रा मार्ग और भीड़ वाले इलाकों में लगातार निगरानी रखी जा सके।
बनाए जाएंगे 70 पुलिस सहायता केंद्र
अधिकारियों ने बताया कि श्रद्धालुओं की मदद और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पुरी शहर और आसपास 70 पुलिस सहायता चौकियां स्थापित की जाएंगी।
इन सहायता केंद्रों पर पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे, जो श्रद्धालुओं की समस्याओं का समाधान करेंगे और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराएंगे।
ट्रैफिक प्रबंधन के लिए चार जोन में बांटा जाएगा शहर
रथ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए ट्रैफिक व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि पूरे पुरी शहर को बेहतर ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए चार जोन में बांटा जाएगा। ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस के कम से कम 45 सेक्शन तैनात किए जाएंगे।
इसके अलावा कुंभारपारा और मालतिपटपुर में दो ट्रैफिक कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे, जहां से शहर की यातायात व्यवस्था पर नजर रखी जाएगी।
ड्रोन और CCTV से होगी निगरानी
सुरक्षा व्यवस्था में आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया जाएगा। ओडिशा पुलिस ने बताया कि भीड़ और ट्रैफिक की निगरानी के लिए ड्रोन तैनात किए जाएंगे।
इसके अलावा ग्रैंड रोड और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर 400 से ज्यादा CCTV कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों के जरिए पूरे इलाके की निगरानी की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई के लिए विशेष निगरानी व्यवस्था तैयार की गई है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
प्रशासन का कहना है कि रथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है। लाखों की संख्या में देश-विदेश से भक्त भगवान जगन्नाथ के दर्शन और रथ यात्रा में शामिल होने पुरी पहुंचते हैं।
ऐसे में भीड़ नियंत्रण, आपात सेवाएं, चिकित्सा सहायता और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
किसी भी चुनौती से निपटने की तैयारी
रथ यात्रा जैसे बड़े धार्मिक आयोजन में सुरक्षा को लेकर कई तरह की चुनौतियां सामने आती हैं। भीड़ प्रबंधन, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर और आपात स्थिति से निपटना प्रशासन के लिए बड़ी जिम्मेदारी होती है।
इसी वजह से इस बार सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित किया जा रहा है।
अधिकारियों ने कहा कि रथ यात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी विभाग मिलकर काम कर रहे हैं।
पुरी में होने वाली भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं और प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से व्यापक इंतजाम पूरे करने शुरू कर दिए हैं।