फिरोजपुर में 1158 सहायक कंप्यूटर अध्यापकों का प्रदर्शन, सीएम के खिलाफ की नारेबाजी
फिरोजपुर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को पंजाब के फिरोजपुर में 1158 सहायक कंप्यूटर अध्यापकों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री भगवंत मान का घेराव करने के उद्देश्य से बड़ी संख्या में सहायक कंप्यूटर अध्यापक फिरोजपुर छावनी के बस स्टैंड परिसर में एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उन्हें बस स्टैंड परिसर के अंदर ही नजरबंद कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई के बाद कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ गई। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार उनकी आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। कुछ समय तक बस स्टैंड परिसर में रोके जाने के बाद कर्मचारियों ने विरोध जताते हुए गेट खुलवाया और बाहर निकल आए। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन कर रहे सहायक कंप्यूटर अध्यापकों का कहना था कि वे लंबे समय से अपनी सेवाओं को नियमित करने की मांग उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकार की ओर से कई बार आश्वासन दिए गए, लेकिन अब तक उनकी मांग पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इसी वजह से उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
कर्मचारियों ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व के दिन भी उन्हें अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि वे सरकार से केवल अपने रोजगार की स्थिरता और भविष्य की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। लंबे समय से अस्थायी व्यवस्था में काम करने के कारण उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान सरकार ने कर्मचारियों की समस्याओं को हल करने का भरोसा दिलाया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद उनकी मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बार-बार बातचीत और आश्वासन के बावजूद स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है।
सहायक कंप्यूटर अध्यापकों ने कहा कि वे शिक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा को मजबूत करने के लिए वे लगातार सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उनकी नौकरी को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कर्मचारियों के बीच कुछ समय तक तनाव की स्थिति बनी रही। पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने का प्रयास किया। हालांकि, बाद में कर्मचारी बस स्टैंड से बाहर निकलकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन करते रहे।
कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब सरकार से मांग की कि उनकी सेवाओं को जल्द से जल्द नियमित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं लिया गया तो वे अपने आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होंगे।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य सरकार का विरोध करना नहीं, बल्कि अपनी जायज मांगों को सरकार तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि सरकार उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ठोस कदम उठाए।
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर हुए इस प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक हलकों में भी चर्चा शुरू हो गई है। कर्मचारियों का कहना है कि आजादी का असली अर्थ तभी पूरा होगा, जब मेहनतकश लोगों को अपने अधिकार और सम्मानजनक रोजगार की सुरक्षा मिलेगी।
फिलहाल प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था की थी। वहीं, सहायक कंप्यूटर अध्यापक अपनी मांगों को लेकर आगे की रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं।