Chandigarh: जगतार सिंह हवारा ने जेल से जारी किया वीडियो, समर्थकों से शांतिपूर्ण मार्च की अपील
हवारा ने जेल से दिया वीडियो संदेश, सिख युवाओं से की शांतिपूर्ण आयोजन की अपील
चंडीगढ़: पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे जगतार सिंह हवारा का वीडियो संदेश सामने आने के बाद बंदी सिखों की रिहाई का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। हवारा करीब 29 वर्षों से जेल में बंद है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के जुलाई 2026 के आदेश के अनुसार, उसने करीब 29 वर्ष की वास्तविक हिरासत पूरी की है और इस दौरान उसे पैरोल या रिहाई की कोई सुविधा नहीं मिली।हवारा की ओर से सामने आया यह वीडियो संदेश इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि लंबे समय से जेल में बंद रहने के दौरान सार्वजनिक रूप से उसका ऐसा वीडियो संदेश सामने आना असाधारण घटनाक्रम है। हालांकि, इसे आधिकारिक तौर पर “29 साल में पहली बार” वीडियो संदेश जारी होना कहना अभी स्वतंत्र रूप से पुष्ट नहीं है, इसलिए इसे इसी रूप में सावधानी से देखा जाना चाहिए।
हवारा की पैरोल को लेकर पंजाब सरकार की ओर से भी पहल की गई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात कर हवारा को 10 दिन की पैरोल देने की सिफारिश की है। मान ने मानवीय आधार पर उसे अपनी मां से मिलने का अवसर देने की मांग की है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, हवारा की मां से मुलाकात की इच्छा के संदर्भ में यह पैरोल मांग सामने आई है।
हवारा की पैरोल याचिका पहले भी कानूनी प्रक्रिया में रही है। जनवरी 2026 में दिल्ली हाईकोर्ट ने अधिकारियों को उसकी लंबित पैरोल अर्जी पर जवाब देने का निर्देश दिया था।
हवारा का मुद्दा ऐसे समय में सामने आया है जब पंजाब में राजनीतिक दल आगामी चुनावी माहौल को देखते हुए अलग-अलग सामाजिक और धार्मिक मुद्दों पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। बंदी सिखों की रिहाई का मुद्दा पंजाब की सिख राजनीति में लंबे समय से संवेदनशील विषय रहा है।
1995 में बेअंत सिंह की हत्या के मामले में गिरफ्तार हवारा को 2007 में मौत की सजा सुनाई गई थी, जिसे 2010 में उम्रकैद में बदल दिया गया। अब 29 साल से अधिक समय जेल में बिताने के बाद उसके वीडियो संदेश और पैरोल की मांग ने पंजाब में एक बार फिर इस मामले को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।