राज्यसभा सांसद बलबीर सिंह सीचेवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि वे एशियाई और यूरोपीय देशों के साथ व्यापार को बढ़ावा देने के लिए 'सिल्क रूट' (Silk Route) को फिर से बहाल करने की दिशा में कदम उठाएं। अपने पत्र में उन्होंने कहा है कि अमेरिका-ईरान और रूस-यूक्रेन के बीच चल रहे युद्धों ने दुनिया भर के देशों की अर्थव्यवस्थाओं पर बहुत बुरा असर डाला है। फिलहाल, इन युद्धों के जल्द खत्म होने या शांति बहाल होने की कोई निश्चित संभावना नहीं दिख रही है।
युद्ध जैसी मौजूदा स्थिति को देखते हुए, वैकल्पिक व्यवस्थाओं और व्यापार मार्गों की तलाश करना बहुत जरूरी हो गया है। सीचेवाल ने कहा कि भारत जैसे कृषि-प्रधान देश को सिल्क रूट के फिर से शुरू होने से काफी फायदा होगा। इसके बहाल होने से किसान अपनी कृषि उपज को आसानी से यूरोप के बाजारों तक पहुंचा सकेंगे। भारत और यूरोपीय संघ के बीच हाल ही में हुए व्यापार समझौते ने सिल्क रूट के महत्व को और बढ़ा दिया है।
सिल्क रूट के फिर से खुलने से उत्तरी राज्यों, खासकर पंजाब के किसानों को बहुत लाभ होगा। वाघा बॉर्डर के फिर से खुलने से किसान अपने आलू सीधे लाहौर और अन्य एशियाई देशों में बेच सकेंगे। पंजाब के लोगों की यह पुरजोर मांग है कि पाकिस्तान के साथ संबंधों में सुधार किया जाए और वाघा बॉर्डर के साथ-साथ करतारपुर कॉरिडोर को भी बिना किसी देरी के फिर से खोल दिया जाए।
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