तीसरी बेटी का जन्म बना मौत की वजह, जयपुर अस्पताल में सनसनीखेज घटना
अस्पताल में नवजात की हत्या से हड़कंप
Jaipur: राजस्थान की राजधानी जयपुर से मानवता को झकझोर देने वाली एक घटना सामने आई है। यहां एक सरकारी अस्पताल में कथित तौर पर एक पिता ने अपनी नवजात बेटी की गला घोंटकर हत्या कर दी। आरोप है कि बच्ची परिवार की तीसरी बेटी थी और इसी बात से नाराज होकर पिता ने यह खौफनाक कदम उठाया। घटना के बाद अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया, जबकि पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, महिला ने अस्पताल में एक बच्ची को जन्म दिया था। परिवार के लोग अस्पताल में मौजूद थे और नवजात की देखभाल चल रही थी। इसी दौरान आरोपी पिता ने बच्ची को दूध पिलाने या बाहर ले जाने का बहाना बनाया और उसे वार्ड से बाहर लेकर चला गया।
वार्ड से बाहर ले जाकर हत्या का आरोप
पुलिस के अनुसार, वार्ड से बाहर ले जाने के बाद आरोपी ने कथित रूप से नवजात का गला घोंट दिया। कुछ देर बाद जब वह बच्ची को लेकर वापस नहीं लौटा तो परिजनों और अस्पताल कर्मियों को संदेह हुआ। तलाश करने पर बच्ची गंभीर हालत में मिली। उसे तत्काल चिकित्सकों के पास ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस अस्पताल पहुंची और मौके का निरीक्षण किया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है तथा मामले से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
पुलिस जांच में जुटी
पुलिस ने आरोपी पिता को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि परिवार में पहले से दो बेटियां थीं और तीसरी बेटी के जन्म से आरोपी नाराज था। हालांकि पुलिस का कहना है कि हत्या के वास्तविक कारणों की पुष्टि विस्तृत जांच और पूछताछ के बाद ही होगी।
अधिकारियों के अनुसार, अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज, कर्मचारियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।
बेटी के प्रति भेदभाव पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने समाज में बेटियों के प्रति भेदभाव और लैंगिक असमानता के मुद्दे को एक बार फिर सामने ला दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि बेटियों और बेटों के बीच भेदभाव न केवल सामाजिक सोच को कमजोर करता है, बल्कि कई बार ऐसी अमानवीय घटनाओं का कारण भी बन जाता है।
सरकार और सामाजिक संस्थाएं लंबे समय से 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' जैसे अभियानों के माध्यम से बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने का प्रयास कर रही हैं। इसके बावजूद समय-समय पर इस तरह की घटनाएं समाज के सामने गंभीर चुनौती पेश करती हैं।
दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि मामले में सभी कानूनी पहलुओं की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था बल्कि समाज की सोच पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि बेटियों के प्रति सम्मान और समानता की भावना को परिवार और समाज दोनों स्तरों पर मजबूत करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।