हैदराबाद: तेलंगाना विधानसभा में BRS के उप-नेता टी. हरीश राव ने रविवार को कांग्रेस सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि त्योहारों के मौसम में RTC बस का किराया बढ़ाकर सरकार ने लोगों पर बोझ डाल दिया है।
उन्होंने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से पूछा कि क्या उनकी सरकार की यही नीति है कि जब भी कोई त्योहार आए, तो रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन (RTC) का किराया मनमाने ढंग से बढ़ाकर जनता पर बोझ डाला जाए?
पूर्व मंत्री ने एक बयान में कहा, "बथुकम्मा और दशहरा जैसे त्योहारों के मौके पर लोगों को तोहफे देने के बजाय, टिकट की कीमतें दोगुनी करके उनका शोषण करना शर्मनाक है।"
भारत राष्ट्र समिति (BRS) के नेता ने कहा कि नियमित बस सेवाओं की संख्या कम करना और फिर 'स्पेशल' बसों के नाम पर यात्रियों की जेब काटना बेहद गलत है।
उनके अनुसार, JBS (सिकंदराबाद) से करीमनगर का किराया 230 रुपये से बढ़ाकर 400 रुपये कर दिया गया है। महबूबनगर से MGBS (हैदराबाद) का किराया, जो कुछ समय पहले तक 220 रुपये था, अब 290 रुपये से भी ज्यादा हो गया है।
हरीश राव ने मुख्यमंत्री से कहा, "राज्य के सभी रूटों पर टिकट का किराया दोगुना करके आप लोगों की जेब खाली कर रहे हैं और त्योहारों की खुशियों को छीन रहे हैं।"
उन्होंने आरोप लगाया कि RTC बसों की कुल संख्या बढ़ाए बिना, नियमित बसों पर ही 'फेस्टिवल स्पेशल' का बोर्ड लगाकर इस 'वसूली' को सही ठहराने की कोशिश की जा रही है।
हरीश राव ने कहा कि कांग्रेस सरकार महिलाओं को मुफ्त यात्रा देने का दावा करती है, लेकिन इसके बदले पुरुषों से दोगुना किराया वसूल रही है। उन्होंने सवाल किया, "अगर पत्नी को मुफ्त टिकट मिलता है, तो उसके पति से दोगुना किराया लिया जाता है। क्या इसे सच में महिलाओं के लिए कोई रियायत कहा जा सकता है, या फिर यह बस उसी परिवार पर आर्थिक बोझ वापस डालने का एक तरीका है?"
पूर्व मंत्री ने बताया कि कांग्रेस के तीन साल के शासन में अब तक RTC का किराया पांच बार बढ़ाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि अब त्योहारों के नाम पर किराया दोगुना करके वे आम जनता की कमर तोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा, "रेवंत के नेतृत्व वाली सरकार के रवैये ने ऐसी स्थिति पैदा कर दी है कि अब गरीब और मध्यम वर्ग के लोग त्योहारों पर अपने घर जाने से भी डरने लगे हैं।"
उन्होंने मांग की कि सरकार तुरंत इस पर कदम उठाए और त्योहारों के नाम पर किराए में की गई भारी बढ़ोतरी को वापस ले।
राव ने सरकार से यह भी अपील की कि वह नियमित बस सेवाओं को सामान्य रूप से चालू रखे, ताकि गरीब और मध्यम वर्ग के नागरिकों पर कोई अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।