PM E-DRIVE योजना में 6,562 EV चार्जिंग स्टेशन मंजूर, अब तक खर्च नहीं हुआ एक भी रुपया
नई दिल्ली। देश में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार की PM E-DRIVE योजना के तहत बड़ी राशि मंजूर की गई है, लेकिन अभी तक इस योजना के तहत कोई खर्च नहीं किया गया है। केंद्र सरकार ने राज्यसभा में एक लिखित जवाब में यह जानकारी दी है।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्यसभा को बताया कि PM E-DRIVE योजना के तहत देशभर में सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए सरकार ने 2,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इस राशि में से 688.84 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी दी जा चुकी है, लेकिन अब तक इस मद में कोई वास्तविक खर्च दर्ज नहीं हुआ है।
सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, PM E-DRIVE योजना के अंतर्गत 6,562 सार्वजनिक EV चार्जिंग स्टेशन (EVPCS) स्थापित किए जाने हैं। इन चार्जिंग स्टेशनों का उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को आसान बनाना और देश में ई-मोबिलिटी को बढ़ावा देना है। सरकार ने उत्तर प्रदेश को ग्रीन एनर्जी हब बनाने के लिए प्रयासों को तेज कर दिया है।
हालांकि, आंकड़ों से यह स्पष्ट है कि योजना के लिए वित्तीय मंजूरी मिलने के बावजूद जमीनी स्तर पर इसका क्रियान्वयन अभी शुरुआती चरण में है। चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की प्रक्रिया अभी पूरी तरह गति नहीं पकड़ पाई है।
सरकार ने अपने जवाब में पुरानी FAME-II योजना की प्रगति का भी उल्लेख किया। FAME-II योजना के तहत देशभर में, जिसमें राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल हैं, कुल 9,332 सार्वजनिक EV चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया था। इस योजना के लिए सरकार ने 912.50 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की थी।
FAME-II योजना के तहत सरकार अब तक 898.37 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है। इससे पता चलता है कि पुरानी योजना में चार्जिंग नेटवर्क के विकास के लिए काफी वित्तीय प्रगति हुई है।
PM E-DRIVE योजना को इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। केंद्र सरकार का उद्देश्य है कि देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या के अनुरूप पर्याप्त चार्जिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। वर्तमान में चार्जिंग स्टेशन की कमी इलेक्ट्रिक वाहनों के विस्तार में एक बड़ी चुनौती मानी जाती है।
सरकारी सूत्रों का कहना है कि आने वाले महीनों में PM E-DRIVE योजना के तहत खर्च की गति तेज हो सकती है। योजना को लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय किया जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, सरकार देशभर में सार्वजनिक EV चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के काम को तेजी से पूरा करने के लिए कार्यान्वयन एजेंसियों और अन्य हितधारकों के साथ मिलकर काम कर रही है। सरकार को उम्मीद है कि योजना के प्रभावी संचालन से इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की रफ्तार बढ़ेगी।
भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग लगातार बढ़ रही है। दोपहिया, तिपहिया और चार पहिया इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या में वृद्धि के साथ चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार जरूरी हो गया है। सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन बढ़ने से वाहन चालकों को लंबी दूरी की यात्रा में सुविधा मिलेगी और ईंधन आधारित वाहनों पर निर्भरता कम होगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र को मजबूत करने के लिए केवल वाहन निर्माण ही नहीं, बल्कि चार्जिंग ढांचे का विस्तार भी जरूरी है। PM E-DRIVE योजना इसी दिशा में एक बड़ा कदम है। हालांकि, योजना के तहत मंजूर राशि का उपयोग जल्द शुरू करना सरकार के लिए अहम चुनौती होगी।
केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में देश में एक मजबूत और व्यापक EV चार्जिंग नेटवर्क तैयार किया जाए, जिससे इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल आम लोगों के लिए अधिक सुविधाजनक और भरोसेमंद बन सके।