तेंदुए के खौफ के बीच प्रशासन अलर्ट 16 पिंजरे और ट्रैंक्विलाइजिंग टीम तैनात
मुरादाबाद : उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के ठाकुरद्वारा तहसील क्षेत्र में तेंदुए की सक्रियता को देखते हुए प्रशासन और वन विभाग ने रेस्क्यू अभियान तेज कर दिया है। ग्राम लालापुर पीपलसाना क्षेत्र में सक्रिय तेंदुए को सुरक्षित पकड़ने के लिए वन विभाग की ओर से व्यापक तैयारियां की गई हैं। जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान की तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए ठाकुरद्वारा और कांठ तहसील क्षेत्र में कुल 16 रेस्क्यू पिंजरे लगाए हैं। इसके साथ ही तेंदुए की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने के लिए थर्मल ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। आवश्यकता पड़ने पर तेंदुए को सुरक्षित तरीके से नियंत्रित करने के लिए ट्रैंक्विलाइजिंग टीमें भी सक्रिय कर दी गई हैं। प्रशासन का प्रयास है कि तेंदुए को जल्द से जल्द सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया जाए और किसी भी तरह की जनहानि की स्थिति उत्पन्न न हो।
स्थलीय निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने वन विभाग के अधिकारियों से रेस्क्यू अभियान की तैयारियों और तेंदुए की गतिविधियों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जरूरत पड़ने पर रेस्क्यू पिंजरों और टीमों की संख्या तत्काल बढ़ाई जाए। उन्होंने कहा कि तेंदुए को पकड़ने के लिए सभी टीमें आपसी समन्वय के साथ पूरी सतर्कता से काम करें। अभियान के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही न हो और ग्रामीणों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
डीएम ने अधिकारियों से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि रेस्क्यू अभियान के लिए आवश्यक सभी संसाधन मौके पर उपलब्ध रहें। उन्होंने कहा कि तेंदुए को सुरक्षित पकड़ने के लिए वन विभाग की टीमों को जिस भी अतिरिक्त संसाधन या सहयोग की आवश्यकता हो, उसे उपलब्ध कराया जाए। प्रशासन लगातार पूरे अभियान की निगरानी कर रहा है।
निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी और एसएसपी ने ग्रामीणों के साथ चौपाल भी की। इस दौरान जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याएं और चिंताएं सुनीं। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीमें लगातार क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे रेस्क्यू अभियान में लगी टीमों को पूरा सहयोग दें और किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा न करें।
प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को तेंदुए से बचाव के लिए भी जागरूक किया जा रहा है। संवेदनशील इलाकों में लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को सावधानी बरतने की जानकारी दी जा रही है। इसके अलावा वन विभाग की टीमें ग्रामीणों से सीधे संपर्क कर उन्हें तेंदुए की मौजूदगी की स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बता रही हैं। लोगों से विशेष रूप से अकेले खेतों या सुनसान इलाकों में जाने से बचने और तेंदुए की गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत प्रशासन या वन विभाग को सूचना देने की अपील की जा रही है।
मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में पहले भी आबादी के नजदीक तेंदुए दिखाई देने की घटनाएं सामने आती रही हैं। गन्ने के खेतों में भी तेंदुए की मौजूदगी और लोगों पर हमले की घटनाओं के कारण क्षेत्र में मानव-तेंदुआ संघर्ष की स्थिति बनी है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने रेस्क्यू के साथ-साथ जनजागरूकता अभियान पर भी विशेष जोर दिया है।
तेंदुए को पकड़ने के लिए स्थानीय वन विभाग के साथ वाइल्डलाइफ एसओएस, आगरा और मंडल के अन्य वन प्रभागों से भी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। संभल, रामपुर और बिजनौर से वन कर्मियों को भी अभियान में शामिल किया गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में थर्मल ड्रोन से निगरानी की जा रही है, जबकि ट्रैंक्विलाइजिंग टीम आवश्यक उपकरणों के साथ तैयार है।
अधिकारियों के मुताबिक तेंदुआ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 के तहत संरक्षित वन्यजीव है। इसलिए रेस्क्यू अभियान के दौरान उसके साथ किसी तरह की अनावश्यक हिंसा न हो, इसका भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। प्रशासन और वन विभाग की कोशिश है कि तेंदुए को सुरक्षित तरीके से पकड़कर उपयुक्त स्थान पर पहुंचाया जाए।
इस मौके पर प्रभागीय वनाधिकारी, उप जिलाधिकारी ठाकुरद्वारा, क्षेत्राधिकारी ठाकुरद्वारा, वन रेंजर समेत वन विभाग और प्रशासन के अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे सतर्क रहें, रात के समय अकेले बाहर निकलने से बचें और तेंदुए से संबंधित किसी भी सूचना को तुरंत संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाएं।