उग्रसेन पुल पर संकट, यातायात ठप

Update: 2026-07-19 04:51 GMT

देवरिया/गोरखपुर : रामजानकी मार्ग पर राप्ती नदी स्थित उग्रसेन सिंह पुल की जर्जर स्थिति ने स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। पुल पर गड्ढा बनने के करीब 70 घंटे बाद भी मरम्मत कार्य शुरू नहीं हो सका है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने पुल से दोपहिया वाहनों को छोड़कर सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही बंद कर दी है। इसके कारण देवरिया और गोरखपुर जिले के हजारों लोगों को रोजमर्रा के कामों के लिए लंबा चक्कर लगाकर जाना पड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार, रामजानकी मार्ग पर स्थित यह पुल दोनों जिलों के लोगों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इस रास्ते से बड़ी संख्या में लोग रोजाना नौकरी, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य जरूरी कामों के लिए आवागमन करते हैं। पुल पर अचानक गड्ढा बनने के बाद यातायात रोकने का निर्णय लिया गया, ताकि किसी बड़े हादसे को टाला जा सके।

पुल की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने भारी वाहनों और चार पहिया वाहनों सहित अन्य सभी वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी है। हालांकि, दोपहिया वाहनों को सीमित रूप से गुजरने की अनुमति दी गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल बंद होने से उनकी मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं, क्योंकि वैकल्पिक रास्तों से जाने में अधिक समय और अतिरिक्त खर्च दोनों लग रहे हैं।

ग्रामीणों के अराप्ती नदी के उग्रसेन सिंह पुल पर संकट, 70 घंटे बाद भी मरम्मत शुरू नहीं; हजारों लोग परेशाननुसार, पहले जहां कुछ ही दूरी तय कर लोग अपने गंतव्य तक पहुंच जाते थे, वहीं अब उन्हें कई किलोमीटर का अतिरिक्त सफर करना पड़ रहा है। इससे सबसे ज्यादा परेशानी मरीजों, बुजुर्गों, विद्यार्थियों और रोज कमाने वाले लोगों को हो रही है। लोगों का कहना है कि पुल की मरम्मत में देरी से उनकी दैनिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।

स्थानीय लोगों ने बताया कि पुल की खराब स्थिति को लेकर पहले भी चिंता जताई जाती रही है। समय-समय पर इसकी जांच और मरम्मत की जरूरत महसूस की गई, लेकिन अब जब पुल पर समस्या सामने आई है तो तत्काल सुधार कार्य शुरू नहीं हो पाया है। लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द मरम्मत कार्य शुरू कराने की मांग की है।

पुल पर बने गड्ढे के कारण किसी बड़े हादसे की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। अधिकारियों का कहना है कि लोगों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है, इसलिए वाहनों की आवाजाही नियंत्रित की गई है। संबंधित विभाग को पुल की स्थिति की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

हालांकि, मरम्मत कार्य शुरू नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द काम शुरू नहीं हुआ तो समस्या और गंभीर हो सकती है। पुल लंबे समय तक बंद रहने से स्थानीय व्यापार और परिवहन व्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।

व्यापारियों का कहना है कि आवागमन बाधित होने से सामान की ढुलाई प्रभावित हो रही है। कई छोटे दुकानदार और व्यवसायी इस मार्ग पर निर्भर हैं। वहीं, नौकरीपेशा लोगों को भी समय पर अपने कार्यस्थल पहुंचने में परेशानी हो रही है।

शिक्षा के क्षेत्र में भी इसका असर देखने को मिल रहा है। कई छात्र-छात्राएं इस मार्ग से स्कूल और कॉलेज जाते हैं। पुल पर बड़े वाहनों की आवाजाही बंद होने के कारण उन्हें वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे उनका समय अधिक लग रहा है।

स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी लोगों की चिंता बढ़ी हुई है। आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में देरी हो सकती है। ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन जल्द से जल्द पुल को सुरक्षित बनाकर सामान्य यातायात बहाल करे।

अधिकारियों के अनुसार, पुल की तकनीकी जांच के बाद ही मरम्मत की प्रक्रिया पूरी तरह शुरू की जाएगी। विभाग की टीम स्थिति का आकलन कर रही है और पुल को दोबारा सुरक्षित बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। हालांकि, स्थानीय लोग चाहते हैं कि काम में तेजी लाई जाए ताकि उन्हें लंबे समय तक परेशानी न झेलनी पड़े।

उग्रसेन सिंह पुल की समस्या ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत बुनियादी ढांचे की जरूरत को सामने ला दिया है। महत्वपूर्ण संपर्क मार्गों पर समय-समय पर रखरखाव और निगरानी नहीं होने से ऐसी समस्याएं पैदा होती हैं, जिसका सीधा असर आम लोगों के जीवन पर पड़ता है।

फिलहाल पुल पर यातायात प्रतिबंध जारी है और लोग जल्द मरम्मत शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से उठाए जाने वाले अगले कदम पर हजारों लोगों की नजर है, क्योंकि यह पुल देवरिया और गोरखपुर जिले के लोगों के लिए रोजमर्रा की आवाजाही का अहम माध्यम है।

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