कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में भारतीय जनता पार्टी के विधायक महेश त्रिवेदी का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो में विधायक व्यापारियों के बीच विवाद सुलझाने के दौरान बेहद आक्रामक अंदाज में चेतावनी देते नजर आ रहे हैं। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि अगर दोबारा किसी ने गाली-गलौज की तो उसके मुंह में जूता घुसेड़ देंगे। इतना ही नहीं, उन्होंने न्याय को दबाने की कोशिश करने वालों को चेतावनी देते हुए 'ऑपरेशन थिएटर चालू हो जाएगा' जैसी टिप्पणी भी की। बताया जा रहा है कि विधायक सोमवार, 26 अक्टूबर को गोविंदनगर स्थित विद्यार्थी मार्केट में व्यापारी संगठन के पूर्व और वर्तमान पदाधिकारियों के बीच चल रहे विवाद को सुलझाने पहुंचे थे। इसी दौरान बातचीत इतनी बढ़ गई कि विधायक अपना आपा खो बैठे। हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

व्यापारी संगठन के दो गुटों में चल रहा था विवाद


जानकारी के अनुसार, कानपुर के गोविंदनगर स्थित विद्यार्थी मार्केट में व्यापारी संगठन के पूर्व और वर्तमान पदाधिकारियों के बीच कुछ समय से विवाद चल रहा था। वर्तमान पदाधिकारियों ने पूर्व पदाधिकारियों पर गाली-गलौज करने और संगठन के कामकाज में बाधा डालने के आरोप लगाए थे।

इस विवाद के कारण बाजार के व्यापारियों के बीच तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी। मामला स्थानीय जनप्रतिनिधि तक पहुंचने के बाद भाजपा विधायक महेश त्रिवेदी ने दोनों पक्षों से बातचीत करने का निर्णय लिया।

सोमवार देर शाम विधायक विद्यार्थी मार्केट पहुंचे। वहां दोनों गुटों के पदाधिकारी और अन्य व्यापारी मौजूद थे।

शुरुआत में विधायक ने दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन बातचीत के दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

पहले समझाया, फिर नाराज हो गए विधायक

प्रत्यक्ष घटनाक्रम से संबंधित प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, महेश त्रिवेदी ने शुरुआत में व्यापारियों को आपसी सौहार्द बनाए रखने की सलाह दी।

उन्होंने हिंदू-मुस्लिम एकता की बात करते हुए कहा कि बाजार में सभी व्यापारियों को मिलजुलकर रहना चाहिए। किसी भी प्रकार के विवाद से व्यापारिक माहौल प्रभावित नहीं होना चाहिए।

लेकिन बातचीत आगे बढ़ने पर विधायक का रवैया सख्त हो गया। पूर्व पदाधिकारियों पर गाली-गलौज करने के आरोपों को लेकर वह नाराज दिखाई दिए।

विधायक ने कहा कि किसी को भी मनमानी करके बाजार का माहौल खराब करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

इसी दौरान उन्होंने कथित तौर पर आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करते हुए चेतावनी दी, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

'मुंह में जूता घुसेड़ देंगे', बयान से मचा बवाल

वायरल वीडियो से संबंधित रिपोर्ट में दावा किया गया है कि विधायक ने दोबारा गाली-गलौज होने पर मुंह में जूता घुसेड़ने की चेतावनी दी।

उन्होंने न्याय को दबाने की कोशिश करने वालों के प्रति भी सख्त रुख अपनाया।

विधायक ने कथित तौर पर कहा कि किसी के प्रभाव में आकर न्याय की आवाज को दबने नहीं दिया जाएगा। यदि कोई ऐसा करने की कोशिश करेगा तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इस दौरान उनके मुंह से 'ऑपरेशन थिएटर चालू हो जाएगा' जैसी टिप्पणी भी सामने आई।

विधायक के इन शब्दों ने पूरे मामले को सामान्य व्यापारी विवाद से आगे बढ़ाकर राजनीतिक चर्चा का विषय बना दिया है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

घटना के बाद विधायक की चेतावनी का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने लगा।

वीडियो में कथित तौर पर विधायक व्यापारियों को संबोधित करते हुए दिखाई दे रहे हैं। उनके सख्त शब्दों और नाराजगी को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं।

कुछ लोग इस तरह की टिप्पणी को जनप्रतिनिधि की गरिमा के अनुरूप नहीं मानते, जबकि विवाद में शामिल पक्षों के लिए विधायक का हस्तक्षेप महत्वपूर्ण हो सकता है।

हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि वायरल वीडियो में पूरी बातचीत मौजूद है या केवल उसका एक हिस्सा प्रसारित किया गया है।

वीडियो की मूल रिकॉर्डिंग और पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि के बिना किसी पक्ष की मंशा को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

व्यापारियों के विवाद में क्यों पहुंचे थे विधायक?

महेश त्रिवेदी कानपुर की किदवई नगर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक हैं। स्थानीय स्तर पर व्यापारी संगठनों और नागरिकों की समस्याओं को लेकर जनप्रतिनिधियों से हस्तक्षेप की मांग की जाती रही है।

विद्यार्थी मार्केट का विवाद भी व्यापारी संगठन के भीतर पदाधिकारियों के बीच पैदा हुए मतभेद से जुड़ा बताया जा रहा है।

मौजूदा पदाधिकारियों ने पूर्व पदाधिकारियों के व्यवहार पर आपत्ति जताई थी। आरोप था कि उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया।

विधायक इसी विवाद को बातचीत के माध्यम से सुलझाने पहुंचे थे।

हालांकि संगठन में विवाद की मूल वजह, संबंधित पदाधिकारियों के नाम और दोनों पक्षों की विस्तृत शिकायत के बारे में अभी पर्याप्त जानकारी सामने नहीं आई है।

न्याय को दबाने की कोशिश नहीं होने देंगे: विधायक

विधायक ने बातचीत के दौरान न्याय और निष्पक्षता की बात भी की।

प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के प्रभाव में आकर न्याय की आवाज को दबने नहीं दिया जाएगा।

उनका कहना था कि बाजार का माहौल बिगाड़ने और व्यापारियों के बीच अनावश्यक विवाद पैदा करने की कोशिश स्वीकार नहीं की जाएगी।

हालांकि विवाद सुलझाने के दौरान इस्तेमाल किए गए उनके कथित शब्दों को लेकर सवाल खड़े हुए हैं।

एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि की भूमिका आमतौर पर विवादित पक्षों के बीच संवाद स्थापित करने और समाधान की दिशा में सहयोग करने की होती है। ऐसी परिस्थितियों में कठोर और धमकीपूर्ण भाषा नए विवाद को जन्म दे सकती है।

राजनीतिक बयानबाजी को लेकर पहले भी चर्चा में रहे विधायक

महेश त्रिवेदी इससे पहले भी अपने बयानों के कारण चर्चाओं में रहे हैं।

सितंबर 2025 में उनका एक कथित वीडियो सामने आया था, जिसमें विधायक निधि और कमीशन से संबंधित टिप्पणी किए जाने की खबर प्रकाशित हुई थी।

उस मामले में भी वीडियो के संदर्भ और बयान को लेकर विवाद हुआ था। हालांकि आरोपों की अंतिम कानूनी स्थिति को लेकर उपलब्ध जानकारी सीमित है।

अब विद्यार्थी मार्केट में व्यापारियों को दी गई कथित चेतावनी के बाद उनका नाम एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।

पुलिस कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं

व्यापारी संगठन के विवाद और विधायक के वायरल वीडियो के संबंध में पुलिस की ओर से किसी नई एफआईआर या औपचारिक कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है।

यह भी स्पष्ट नहीं है कि किसी पक्ष ने विधायक के कथित बयान को लेकर पुलिस से लिखित शिकायत की है या नहीं।

यदि विवाद से संबंधित कोई औपचारिक शिकायत दर्ज होती है, तो संबंधित अधिकारियों द्वारा आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

फिलहाल व्यापारी संगठन के दोनों गुटों के बीच विवाद पूरी तरह समाप्त हुआ है या नहीं, इस बारे में भी स्पष्ट जानकारी नहीं है।

bकानपुर के विद्यार्थी मार्केट में हुई घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक जीवन में राजनीतिक नेताओं की भाषा और व्यवहार को लेकर सवाल खड़े किए हैं।

स्थानीय व्यापारी संगठनों में मतभेद होना असामान्य नहीं है, लेकिन ऐसे मामलों का समाधान संवाद, आपसी सहमति और कानूनी प्रक्रियाओं के माध्यम से किया जाना आवश्यक है।

महेश त्रिवेदी का कथित वीडियो इसलिए चर्चा में है, क्योंकि वह विवाद सुलझाने पहुंचे थे, लेकिन उनके सख्त बयान ने स्वयं एक नया विवाद खड़ा कर दिया।

अब यह देखना होगा कि विधायक, व्यापारी संगठन के संबंधित पदाधिकारी या भाजपा नेतृत्व इस घटनाक्रम पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया देते हैं या नहीं।

फिलहाल सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो के कारण यह मामला कानपुर की स्थानीय राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है।

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