बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में अवैध कॉलोनियों और बिना अनुमति की जा रही प्लॉटिंग के खिलाफ बुलंदशहर-खुर्जा विकास प्राधिकरण (BKDA) ने बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार, 4 नवंबर को प्राधिकरण ने विकास क्षेत्र के जोन-3 में अभियान चलाते हुए करीब 17.5 बीघा जमीन पर विकसित की जा रही तीन अनधिकृत कॉलोनियों को ध्वस्त कर दिया। यह कार्रवाई गंगेरूवा और जालखेड़ा गांव में की गई। बुलडोजर चलने से अवैध कॉलोनियां विकसित करने वालों में हड़कंप मच गया। प्राधिकरण के इस अभियान को अनियोजित विकास और बिना स्वीकृति की प्लॉटिंग के खिलाफ महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार, गंगेरूवा और जालखेड़ा गांव में अलग-अलग स्थानों पर कॉलोनियां विकसित की जा रही थीं। इन स्थानों पर नियमानुसार अनुमति और स्वीकृत मानचित्र नहीं होने की जानकारी के आधार पर प्राधिकरण ने ध्वस्तीकरण अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान अवैध कॉलोनियों में विकसित किए जा रहे ढांचों और प्लॉटिंग से जुड़े निर्माणों को हटाया गया। हालांकि, प्रत्येक कॉलोनी के क्षेत्रफल और ध्वस्त किए गए निर्माणों का अलग-अलग विवरण अभी स्पष्ट नहीं है।
जोन-3 में तीन अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई
बुलंदशहर-खुर्जा विकास प्राधिकरण के विकास क्षेत्र जोन-3 में अवैध निर्माण और प्लॉटिंग के खिलाफ अभियान चलाया गया। इस दौरान गंगेरूवा और जालखेड़ा गांव में करीब साढ़े सत्रह बीघा जमीन पर विकसित की जा रही तीन कॉलोनियों को कार्रवाई के दायरे में लिया गया।जानकारी के अनुसार, इन कॉलोनियों को बिना आवश्यक स्वीकृति के विकसित किया जा रहा था। प्राधिकरण की टीम ने चिह्नित स्थानों पर बुलडोजर की सहायता से अनधिकृत विकास कार्यों को ध्वस्त किया।प्राधिकरण का उद्देश्य विकास क्षेत्र में बिना अनुमति किए जा रहे निर्माण और अनियोजित आवासीय विस्तार पर रोक लगाना है। अधिकारियों का मानना है कि अवैध प्लॉटिंग को शुरुआती चरण में रोकना जरूरी है, क्योंकि बाद में इन स्थानों पर मकान बनने से कार्रवाई अधिक जटिल हो सकती है।
गंगेरूवा में पहले भी चल चुका है बुलडोजर
गंगेरूवा गांव में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ पहले भी कार्रवाई हो चुकी है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, 15 अक्टूबर 2026 को बुलंदशहर-खुर्जा विकास प्राधिकरण ने जोन-3 के अंतर्गत गंगेरूवा स्थित शिव मंदिर रोड पर करीब 20 बीघा क्षेत्र में विकसित की जा रही अनधिकृत कॉलोनी के खिलाफ ध्वस्तीकरण अभियान चलाया था।इससे स्पष्ट है कि संबंधित क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ प्राधिकरण की कार्रवाई लगातार जारी है।हालांकि, बुधवार को की गई कार्रवाई के दौरान किन व्यक्तियों या फर्मों की कॉलोनियां ध्वस्त की गईं, इसकी पूरी आधिकारिक सूची सामने नहीं आई है।
बिना अनुमति प्लॉटिंग से बढ़ती हैं समस्याएं
अवैध कॉलोनियों का निर्माण शहरी नियोजन के लिए बड़ी चुनौती माना जाता है। कई बार जमीन को छोटे-छोटे भूखंडों में बांटकर बेच दिया जाता है, लेकिन सड़क, जलनिकासी, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जाता।ऐसी कॉलोनियों में भूखंड खरीदने वाले लोगों को भविष्य में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। खासकर जब कॉलोनी का लेआउट विकास प्राधिकरण से स्वीकृत नहीं होता, तो निर्माण संबंधी अनुमति और अन्य प्रक्रियाओं में समस्याएं आ सकती हैं।इसके अतिरिक्त बिना नियोजन विकसित हुई कॉलोनियों में सड़क की चौड़ाई, नालियों की व्यवस्था और सार्वजनिक सुविधाओं के लिए पर्याप्त स्थान नहीं छोड़ा जाता। इससे भविष्य में जलभराव, यातायात और अन्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
जमीन खरीदने वालों को सावधान रहने की जरूरत
प्राधिकरण की कार्रवाई ऐसे लोगों के लिए भी चेतावनी है, जो सस्ती जमीन या आकर्षक किस्तों के प्रस्ताव देखकर भूखंड खरीदने की योजना बना रहे हैं।किसी भी कॉलोनी में जमीन खरीदने से पहले यह देखना आवश्यक है कि संबंधित लेआउट और विकास योजना को सक्षम प्राधिकरण से स्वीकृति मिली है या नहीं।केवल जमीन की रजिस्ट्री होने का अर्थ यह नहीं है कि संबंधित कॉलोनी भी नियमानुसार स्वीकृत है। जमीन का मालिकाना हक और कॉलोनी विकसित करने की अनुमति दो अलग-अलग विषय हैं।खरीदारों को भूखंड खरीदने से पहले स्वीकृत मानचित्र, जमीन के दस्तावेज और लागू निर्माण नियमों की जानकारी प्राप्त करनी चाहिए। इससे भविष्य में आर्थिक नुकसान और कानूनी परेशानियों से बचा जा सकता है।
जिले में लगातार चल रहा अभियान
बुलंदशहर-खुर्जा विकास प्राधिकरण पिछले कुछ समय से अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ लगातार अभियान चला रहा है। अक्टूबर में भी खुर्जा क्षेत्र के अलग-अलग स्थानों पर बड़े पैमाने पर अनधिकृत कॉलोनियों और प्लॉटिंग के खिलाफ कार्रवाई की गई थी।इससे पहले 5 अक्टूबर को विभिन्न स्थानों पर करीब 60 बीघा भूमि में की जा रही अवैध प्लॉटिंग पर कार्रवाई की रिपोर्ट सामने आई थी।वहीं, 7 अक्टूबर को मवईखेड़ा और बल्लूपुरा में लगभग 55 बीघा क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त किए जाने की जानकारी सामने आई थी।इन अभियानों से संकेत मिलता है कि प्राधिकरण विकास क्षेत्र में अनधिकृत कॉलोनियों के विस्तार को रोकने पर विशेष ध्यान दे रहा है।
अवैध कॉलोनी विकसित करने वालों में हड़कंप
गंगेरूवा और जालखेड़ा में बुधवार को हुई कार्रवाई के बाद अवैध प्लॉटिंग से जुड़े लोगों में हलचल बढ़ गई है। प्राधिकरण की लगातार कार्रवाई से बिना अनुमति कॉलोनियां विकसित करने वालों पर दबाव बढ़ने की संभावना है।हालांकि, बुधवार के अभियान के संबंध में किसी कॉलोनाइजर के खिलाफ अलग से मुकदमा दर्ज किए जाने या आर्थिक जुर्माना लगाए जाने की पुष्टि नहीं हुई है।प्राधिकरण की कार्रवाई से यह संदेश गया है कि विकास क्षेत्र में कॉलोनियों का निर्माण निर्धारित नियमों और स्वीकृत योजनाओं के अनुरूप होना चाहिए।