लखनऊ। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच सीएनजी से वाहन चलाने वालों को एक बार फिर झटका लगा है। ग्रीन गैस लिमिटेड ने उत्तर प्रदेश के कई शहरों में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) के दाम बढ़ा दिए हैं। कंपनी की ओर से लखनऊ और आगरा में सीएनजी की कीमत में तीन रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई है। वहीं, अयोध्या, उन्नाव और सुल्तानपुर में सीएनजी के दाम दो रुपये प्रति किलो बढ़ाए गए हैं। नई दरें आठ अगस्त से लागू हो गई हैं।
सीएनजी की कीमतों में हुई इस ताजा बढ़ोतरी का सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा, जो रोजाना आने-जाने के लिए सीएनजी वाहनों का इस्तेमाल करते हैं। इनमें निजी कार चालकों के अलावा ऑटो, टैक्सी और अन्य व्यावसायिक वाहनों के संचालक भी शामिल हैं। ईंधन की कीमत बढ़ने से इन वाहन चालकों का रोजाना का खर्च बढ़ने के साथ ही परिवहन लागत पर भी असर पड़ सकता है।
लखनऊ और आगरा में 3 रुपये की बढ़ोतरी
ग्रीन गैस की ओर से लखनऊ और आगरा में सीएनजी के दाम में तीन रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई है। वहीं अयोध्या, उन्नाव और सुल्तानपुर में उपभोक्ताओं को प्रति किलो दो रुपये अधिक भुगतान करना होगा। नई कीमतें आठ अगस्त से प्रभावी हो चुकी हैं।
शहरों के हिसाब से कीमतों में अलग-अलग बढ़ोतरी किए जाने के कारण प्रत्येक क्षेत्र के उपभोक्ताओं पर इसका असर भी अलग होगा। हालांकि, सभी संबंधित शहरों में सीएनजी इस्तेमाल करने वाले वाहन मालिकों के मासिक बजट पर इस बढ़ोतरी का प्रभाव पड़ना तय माना जा रहा है।
चार महीनों में 8.25 रुपये तक महंगी हुई सीएनजी
सीएनजी की कीमतों में इस साल मई से लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मई से अगस्त के बीच सीएनजी के दाम में कुल 8.25 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हो चुकी है। यानी महज चार महीनों के दौरान सीएनजी इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं पर ईंधन खर्च का बोझ लगातार बढ़ा है।
ताजा बढ़ोतरी को इसी सिलसिले की एक और कड़ी माना जा रहा है। पिछले चार महीनों में कीमतों में हुई 8.25 रुपये प्रति किलो की वृद्धि के बाद सीएनजी वाहन चलाने वालों के लिए ईंधन की लागत पहले के मुकाबले काफी बढ़ गई है। रोजाना लंबी दूरी तय करने वाले वाहन मालिकों पर इसका असर ज्यादा पड़ सकता है।
ऑटो और टैक्सी चालकों की बढ़ सकती है परेशानी
सीएनजी के दाम बढ़ने का असर सिर्फ निजी वाहन मालिकों तक सीमित नहीं रहेगा। लखनऊ, आगरा, अयोध्या, उन्नाव और सुल्तानपुर जैसे शहरों में बड़ी संख्या में ऑटो और टैक्सी चालक सीएनजी वाहनों का इस्तेमाल करते हैं। इन वाहनों के लिए सीएनजी रोजाना के कारोबार का प्रमुख ईंधन है।
कीमत बढ़ने से ऑटो और टैक्सी चालकों की परिचालन लागत बढ़ जाएगी। ऐसे में उनके सामने कमाई और खर्च के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती बढ़ सकती है। यदि ईंधन की लागत लगातार बढ़ती है तो भविष्य में किराए या परिवहन शुल्क पर भी इसका असर पड़ने की संभावना रहती है। हालांकि, किराए में बदलाव को लेकर इस समय कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
निजी वाहन चालकों का बजट भी प्रभावित
सीएनजी को लंबे समय से पेट्रोल और डीजल के मुकाबले किफायती ईंधन विकल्प के तौर पर देखा जाता रहा है। इसी वजह से बड़ी संख्या में लोगों ने अपने वाहनों को सीएनजी में परिवर्तित कराया या सीएनजी कारों को प्राथमिकता दी। लेकिन पिछले कुछ महीनों में लगातार कीमत बढ़ने के कारण इन उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ी है।
एक सामान्य सीएनजी वाहन रोजाना जितनी दूरी तय करता है, उसके आधार पर ईंधन खर्च में मामूली बढ़ोतरी भी महीने के अंत तक बड़ी रकम में बदल सकती है। ऐसे में आठ अगस्त से लागू हुई नई कीमतें नियमित रूप से वाहन चलाने वाले लोगों के मासिक बजट को प्रभावित करेंगी।
लगातार बढ़ोतरी से उपभोक्ताओं में चिंता
मई से अगस्त के बीच सीएनजी की कीमत में 8.25 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी को उपभोक्ता ईंधन खर्च में महत्वपूर्ण इजाफे के तौर पर देख रहे हैं। चार महीने के भीतर कई चरणों में हुई कीमत वृद्धि के बाद सीएनजी वाहन चलाने वालों को अब पहले की तुलना में ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है।
सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी ऐसे समय हुई है जब आम लोगों के लिए रोजमर्रा के खर्चों को नियंत्रित करना पहले से ही चुनौतीपूर्ण है। वाहन से रोजाना काम पर जाने वाले लोगों, व्यापारियों, ऑटो चालकों और टैक्सी संचालकों के लिए ईंधन की कीमत सीधे उनके खर्च और कमाई से जुड़ी होती है।
फिलहाल ग्रीन गैस की ओर से की गई ताजा बढ़ोतरी के बाद लखनऊ और आगरा में सीएनजी तीन रुपये प्रति किलो महंगी हो गई है, जबकि अयोध्या, उन्नाव और सुल्तानपुर में इसकी कीमत दो रुपये प्रति किलो बढ़ी है। नई दरें आठ अगस्त से लागू हैं। मई से अगस्त के बीच कुल 8.25 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी के बाद अब आने वाले दिनों में उपभोक्ताओं की नजर सीएनजी की कीमतों पर बनी रहेगी।