गोरखपुर के स्कूलों में रसोइयों का होगा पुनर्निर्धारण, जल्द भेजी जाएगी रिपोर्ट

Update: 2026-07-12 16:27 GMT

गोरखपुर। गोरखपुर के परिषदीय विद्यालयों में प्रधानमंत्री पोषण योजना (पीएम पोषण) के तहत रसोइयों के चयन की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। अब विद्यालयों में रसोइयों की नियुक्ति छात्रों की संख्या के आधार पर की जाएगी। महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को निर्देश जारी कर 15 दिनों के भीतर चयन प्रक्रिया पूरी कर शासन को रिपोर्ट भेजने को कहा है।

वर्ष 2026-27 के लिए रसोइया चयन को मंजूरी मिलने के बाद विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत सबसे पहले जिले के सभी परिषदीय विद्यालयों में छात्र संख्या का सत्यापन कराया जाएगा। सत्यापन के बाद निर्धारित मानकों के अनुसार पात्र विद्यालयों में रसोइयों का चयन किया जाएगा।

विभाग का उद्देश्य पीएम पोषण योजना के तहत भोजन व्यवस्था को बेहतर और सुचारू बनाना है। छात्र संख्या के अनुसार रसोइयों की संख्या तय होने से विद्यालयों में मध्याह्न भोजन तैयार करने और वितरण व्यवस्था में आसानी होगी।

निर्धारित मानकों के अनुसार 25 छात्र संख्या वाले विद्यालयों में दो रसोइयों का चयन किया जाएगा। वहीं 26 से 100 छात्रों वाले विद्यालयों में तीन रसोइये रखे जाएंगे। 101 से 200 छात्रों की संख्या वाले स्कूलों में चार रसोइयों की नियुक्ति होगी।

इसी तरह 201 से 300 छात्रों वाले विद्यालयों में पांच, 301 से 1000 छात्रों वाले विद्यालयों में छह और 1001 से 1500 छात्रों की संख्या वाले विद्यालयों में सात रसोइयों का चयन किया जाएगा। इससे अधिक छात्र संख्या वाले विद्यालयों में रसोइयों की नियुक्ति शासन के निर्धारित नियमों के अनुसार की जाएगी।

महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने निर्देश दिए हैं कि चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी तरीके से पूरी की जाए। विद्यालयवार छात्र संख्या का सही सत्यापन करना जरूरी होगा, ताकि किसी भी विद्यालय में जरूरत से कम या अधिक रसोइयों की नियुक्ति न हो।

बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से सभी संबंधित अधिकारियों को प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। बीएसए को चयन की पूरी जानकारी निर्धारित समय सीमा के अंदर शासन को उपलब्ध करानी होगी।

पीएम पोषण योजना के तहत बच्चों को गर्म और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में रसोइयों की पर्याप्त संख्या होना बेहद जरूरी है। विभाग का मानना है कि छात्र संख्या के आधार पर रसोइयों का चयन होने से भोजन की गुणवत्ता और व्यवस्था दोनों में सुधार आएगा।

इस नई व्यवस्था से जहां अधिक छात्र संख्या वाले विद्यालयों में काम का दबाव कम होगा, वहीं कम छात्र संख्या वाले स्कूलों में आवश्यकता के अनुसार ही रसोइयों की नियुक्ति हो सकेगी। अब सभी की नजर चयन प्रक्रिया पूरी होने और शासन को भेजी जाने वाली रिपोर्ट पर है।

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