पति की हत्यारन मुस्कान समेत पांच महिलाएं एक ही बैरक में, जेल में कर रहीं भजन-कीर्तन

Update: 2026-07-19 14:37 GMT

मेरठ: चौधरी चरण सिंह जिला कारागार की बैरक नंबर 12ए इन दिनों चर्चा में है। इस बैरक में ऐसी महिला कैदियों को रखा गया है, जिन पर अपने ही परिवार के सदस्यों की हत्या जैसे गंभीर आरोप हैं। इनमें पांच महिलाएं ऐसी हैं, जिन पर अपने पतियों की हत्या का आरोप है, जबकि एक महिला पर अपने ही बेटे की हत्या कराने का आरोप है। जेल की चारदीवारी के अंदर ये महिलाएं अब भजन-कीर्तन, सुंदरकांड पाठ और सिलाई-कढ़ाई जैसे कामों में खुद को व्यस्त रखकर अपने अपराधों के बोझ और पछतावे से जूझ रही हैं।

जेल प्रशासन के अनुसार, महिला बैरक में फिलहाल 67 बंदी हैं, जिन्हें बैरक नंबर 12ए और 12बी में रखा गया है। इनमें से छह महिलाएं ऐसे मामलों में बंद हैं, जिनमें अवैध संबंधों और पारिवारिक विवादों के चलते हत्या के आरोप लगे हैं। जेल प्रशासन ने इन महिलाओं को एक ही बैरक में रखने का फैसला इसलिए लिया है, ताकि वे एक-दूसरे का सहारा बन सकें और मानसिक तनाव से बाहर निकलने का प्रयास कर सकें।

इस बैरक में मेरठ के चर्चित अतुल पंवार हत्याकांड की आरोपी मुस्कान भी बंद है। आरोप है कि मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर पति सौरभ की हत्या कर दी थी। घटना के बाद शव को नीले ड्रम में छिपाने और ऊपर से सीमेंट भरने का मामला सामने आया था। इस केस ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी।

जेल में सुबह का माहौल अन्य बैरकों से अलग नजर आता है। दिन की शुरुआत सुंदरकांड के पाठ और भजन-कीर्तन से होती है। जेल अधिकारियों के अनुसार, ये महिलाएं धार्मिक गतिविधियों के जरिए मानसिक शांति पाने की कोशिश करती हैं। अधिकांश महिलाओं को अपने किए पर पछतावा है और वे मानती हैं कि गुस्से, लालच या गलत फैसलों के कारण उन्होंने अपनी जिंदगी बर्बाद कर ली।

जेल में बंद दामिनी पर आरोप है कि उसने अपने पति की हत्या के लिए सांप का इस्तेमाल किया था। आरोप के मुताबिक, उसने पति को सांप से डसवाकर मरवाने की साजिश रची थी। दामिनी को भी इसी बैरक में मुस्कान, अंजलि, रविता, कोमल और गुरप्रीत कौर के साथ रखा गया है। जेल प्रशासन के अनुसार, दामिनी फिलहाल ज्यादा बातचीत नहीं करती है और उसकी काउंसलिंग की तैयारी की जा रही है।

मुस्कान के अलावा अंजलि पर आरोप है कि उसने प्रेमी अजय के साथ मिलकर पति राहुल की हत्या कराई थी। वहीं रविता पर आरोप है कि उसने प्रेमी अमरदीप के साथ मिलकर पति अमित की हत्या की। बताया जाता है कि हत्या के बाद घटना को छिपाने के लिए सांप से मौत दिखाने की कोशिश की गई थी।

कोमल पर आरोप है कि उसने अपने पति नैन सिंह की हत्या के लिए साजिश रची थी। नैन सिंह बीएसएफ में जवान थे। पुलिस जांच में सामने आया था कि हत्या के लिए सुपारी दी गई थी और इसके लिए कोमल ने अपने आभूषण तक गिरवी रखे थे।

वहीं गुरप्रीत कौर पर अपने सात वर्षीय बेटे की हत्या कराने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, उसने प्रेमी के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम दिया था। यह मामला सामने आने के बाद इलाके में काफी आक्रोश देखने को मिला था।

जेल के वरिष्ठ अधीक्षक वीरेश राज शर्मा का कहना है कि इन महिलाओं को एक साथ रखने का उद्देश्य सिर्फ सुरक्षा नहीं बल्कि मानसिक सहयोग देना भी है। उन्होंने बताया कि जब परिवार के लोग बच्चों के साथ मिलने आते हैं तो कई बार महिलाओं की भावनाएं टूट जाती हैं। ऐसे समय में वे एक-दूसरे को संभालने का प्रयास करती हैं।

जेल में मुस्कान अपनी बेटी के साथ समय बिताती है, जबकि अन्य महिलाएं सिलाई-कढ़ाई जैसे कार्यों में हिस्सा लेती हैं। जेल प्रशासन का कहना है कि सुधार गृह के रूप में जेल में बंदियों को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने की कोशिश की जाती है।

इन महिलाओं की जिंदगी अब पूरी तरह बदल चुकी है। जिन रिश्तों और भावनाओं के कारण उन्होंने अपराध करने का आरोप झेला, उन्हीं घटनाओं की याद अब उनके लिए पछतावे का कारण बन गई है। जेल की बैरक में सुबह भक्ति के स्वर गूंजते हैं और दिन का अंत आत्मचिंतन के साथ होता है।

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