बहराइच में घाघरा उफान पर, कटान से मकान नदी में समाया

Update: 2026-07-18 16:04 GMT

बहराइच। जिले में घाघरा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। नदी खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंच गई है, जिसके चलते शिवपुर इलाके में कटान की रफ्तार तेज हो गई है। नदी की तेज धारा ने कई गांवों के लोगों के सामने संकट खड़ा कर दिया है। शिवपुर ब्लॉक के चौकसाहार क्षेत्र के झुंडी गांव में कटान के कारण एक पक्का मकान नदी में समा गया, जबकि कई अन्य मकान भी कटान के मुहाने पर पहुंच गए हैं।

जानकारी के अनुसार, सरयू नदी की तेज धारा से चौकसाहार के झुंडी गांव में राममूरत का पक्का मकान पूरी तरह नदी में विलीन हो गया। अचानक हुए इस नुकसान से परिवार के सामने रहने और सामान बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है। वहीं, राम निवास, राम सूरत, राम सहारे, अवध बिहारी और विनोद के मकान भी नदी के कटान की चपेट में आने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीण लगातार नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर दहशत में हैं।

घाघरा नदी का जलस्तर एल्गिन ब्रिज पर खतरे के लाल निशान के करीब पहुंच गया है। नदी खतरे के निशान से मात्र 1.09 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। जलस्तर में लगातार वृद्धि होने से आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर नदी का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो आने वाले दिनों में कई और मकान और खेत कटान की चपेट में आ सकते हैं।

नदी के बढ़ते प्रभाव का असर कृषि भूमि पर भी दिखाई देने लगा है। बौंडी, तिगड़ा, अंबरपुर और चौकसाहार गांवों में तेज कटान के कारण पांच बीघे से अधिक उपजाऊ कृषि भूमि नदी में समा चुकी है। किसानों को अपनी फसल और जमीन दोनों के नुकसान का डर सता रहा है। कई ग्रामीण अपने घरों को खाली कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की तैयारी में जुट गए हैं।

प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। तहसीलदार शैलेश अवस्थी ने बताया कि कटान प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया जा रहा है और प्रभावित परिवारों को सरकार की ओर से मिलने वाली सभी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने ग्रामीणों से सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

महसी क्षेत्र में गिरजा बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद घाघरा नदी के जलस्तर में और वृद्धि की संभावना जताई जा रही है। शनिवार को गिरजा बैराज से पानी के डिस्चार्ज में बढ़ोतरी दर्ज की गई। सरयू ड्रेनेज खंड प्रथम के सहायक अभियंता विशाल ने बताया कि शारदा, गिरजा और सरयू बैराजों से कुल 110853 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गिरजा बैराज क्षेत्र में 31 मिलीमीटर बारिश भी रिकॉर्ड की गई है।

प्रशासन का कहना है कि फिलहाल बाढ़ जैसी स्थिति नहीं बनी है, लेकिन नदी के जलस्तर और कटान की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। एसडीएम प्रकाश सिंह ने बताया कि अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। प्रभावित गांवों में स्थिति की जानकारी जुटाई जा रही है और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किए जाएंगे।

घाघरा और सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर ने एक बार फिर बहराइच के नदी किनारे बसे गांवों के लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। हर साल बारिश के मौसम में होने वाले कटान से ग्रामीणों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। इस बार भी नदी की तेज धार से कई परिवारों पर संकट मंडरा रहा है। ग्रामीण प्रशासन से स्थायी समाधान और कटान रोकने के लिए मजबूत इंतजाम की मांग कर रहे हैं।

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