गुरु पूर्णिमा पर गोरखनाथ मंदिर में भव्य आयोजन, श्रीरामकथा में जुटेंगे श्रद्धालु
गोरखपुर : गुरु पूर्णिमा सप्ताह के पावन अवसर पर गोरखपुर स्थित प्रसिद्ध श्री गोरखनाथ मंदिर में गुरुवार 23 जुलाई से भव्य श्रीरामकथा का आयोजन शुरू होने जा रहा है। गुरु-शिष्य परंपरा और सनातन संस्कृति के संदेश को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित इस धार्मिक आयोजन में प्रयागराज से पधारे प्रसिद्ध कथाव्यास आचार्य शांतनु जी महाराज श्रद्धालुओं को श्रीरामकथा का रसपान कराएंगे।
श्रीरामकथा के शुभारंभ कार्यक्रम में गोरक्षपीठाधीश्वर एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल होंगे। मंदिर परिसर स्थित महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन में आयोजित होने वाली इस कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। मंदिर प्रशासन की ओर से आयोजन को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं।
श्री गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ ने बताया कि सनातन परंपरा में गुरु और शिष्य का संबंध अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। गुरु ही अपने शिष्यों को ज्ञान, संस्कार और जीवन का सही मार्ग दिखाते हैं। इसी गुरु-शिष्य परंपरा को समर्पित करते हुए श्री गोरक्षपीठ की ओर से प्रत्येक वर्ष गुरु पूर्णिमा के अवसर पर विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष भी गुरु पूर्णिमा सप्ताह के अंतर्गत 23 जुलाई से श्रीरामकथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा का आयोजन प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक होगा। श्रद्धालु मंदिर परिसर में पहुंचकर कथा का आनंद ले सकेंगे। इसके अलावा जो श्रद्धालु किसी कारणवश मंदिर नहीं पहुंच पाएंगे, उनके लिए कथा का सजीव प्रसारण भी किया जाएगा।
श्री गोरखनाथ मंदिर के सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म यूट्यूब, फेसबुक और एक्स के माध्यम से श्रीरामकथा का लाइव प्रसारण किया जाएगा। इससे देश-विदेश में बैठे श्रद्धालु भी इस धार्मिक आयोजन से जुड़ सकेंगे।
आयोजकों के अनुसार श्रीरामकथा का समापन गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व 29 जुलाई को होगा। इस दौरान मंदिर परिसर में विशेष धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा। गुरु पूर्णिमा के दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने की संभावना को देखते हुए व्यवस्था को लेकर तैयारियां की जा रही हैं।
आचार्य शांतनु जी महाराज द्वारा सुनाई जाने वाली श्रीरामकथा में भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, मर्यादा, धर्म, कर्तव्य और मानव मूल्यों का वर्णन किया जाएगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार श्रीराम के जीवन से जुड़े प्रसंग लोगों को सत्य, सेवा, त्याग और संस्कारों का संदेश देते हैं।
श्री गोरखनाथ मंदिर की ओर से आयोजित इस कथा को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। मंदिर प्रशासन ने सभी श्रद्धालुओं से शांतिपूर्ण तरीके से कथा में शामिल होने और धार्मिक आयोजन का लाभ लेने की अपील की है। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर होने वाले इस आयोजन को लेकर मंदिर परिसर में आध्यात्मिक वातावरण बनने की उम्मीद है।