विरोध प्रदर्शन रोकने की तैयारी, वेस्ट यूपी के जिलों में पुलिस ने कसी कमर

Update: 2026-07-22 16:14 GMT

Meerut मेरठ :   दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन, हंगामे और पुलिस कार्रवाई के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दिल्ली प्रकरण को देखते हुए मेरठ, सहारनपुर, आगरा और मुरादाबाद मंडल के पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को लखनऊ से सतर्क रहने के निर्देश जारी किए गए हैं। पुलिस प्रशासन ने किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए निगरानी बढ़ा दी है।

जानकारी के अनुसार, जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प तथा लाठीचार्ज के बाद कई संगठनों और राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों ने दिल्ली कूच करने का ऐलान किया था। कुछ संगठनों ने जिला मुख्यालयों पर धरना और विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी भी शुरू कर दी थी। इसके बाद प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए पश्चिमी यूपी के कई जिलों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी।

मेरठ समेत आसपास के जिलों में पुलिस ने समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और अन्य संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों पर नजर रखनी शुरू कर दी। कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को उनके घरों पर ही नजरबंद कर दिया गया, ताकि वे दिल्ली जाकर प्रदर्शन में शामिल न हो सकें। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।

दिल्ली जाने वाले प्रमुख रास्तों पर भी पुलिस बल तैनात किया गया। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और एनएच-58 पर नाकाबंदी कर वाहनों की जांच की गई। पुलिस ने संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अतिरिक्त फोर्स लगाई। आने-जाने वाले लोगों से पूछताछ भी की गई।

मेरठ में नीट पेपर लीक और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस की ओर से प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज अभियान’ को भी प्रशासन ने अनुमति नहीं दी। पुलिस ने प्रदर्शन को रोकने के लिए कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पहले ही सक्रिय रूप से निगरानी में ले लिया।

प्रशासनिक अधिकारियों ने साफ किया है कि किसी भी व्यक्ति को शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार है, लेकिन कानून व्यवस्था बिगाड़ने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी। पुलिस सोशल मीडिया पर भी नजर बनाए हुए है, ताकि भड़काऊ पोस्ट या अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई की जा सके।

वहीं, राजनीतिक दलों ने पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि छात्रों के मुद्दे पर आवाज उठाने वालों को दबाने की कोशिश की जा रही है। दूसरी ओर, प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और किसी भी तरह की अराजकता को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

जंतर-मंतर प्रकरण के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। सभी जिलों में अधिकारियों को लगातार स्थिति पर नजर रखने और किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। आने वाले दिनों में संभावित विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और सख्त किए जाने की संभावना है।

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