प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया, जहां 70 वर्षीय बुजुर्ग अचानक 80 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ गए। खास बात यह रही कि बुजुर्ग की न तो कोई मांग थी और न ही किसी व्यक्ति से कोई शिकायत। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से घंटों की मशक्कत के बाद बुजुर्ग को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया।
यह मामला यमुनापार क्षेत्र के जसरा इलाके के तातारगंज गांव का है। सोमवार सुबह ग्रामीणों ने गांव में स्थित लगभग 80 फीट ऊंची पानी की टंकी के ऊपर एक बुजुर्ग व्यक्ति को बैठे देखा। इतनी ऊंचाई पर बुजुर्ग को देखकर गांव में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दी।
सूचना मिलते ही घूरपुर थाना क्षेत्र की गौहनिया चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने स्थिति को समझते हुए ग्रामीणों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। काफी प्रयास के बाद पुलिस ने बुजुर्ग को सुरक्षित तरीके से पानी की टंकी से नीचे उतार लिया। इसके बाद उन्हें उनके परिवार के हवाले कर दिया गया।
पुलिस के अनुसार, बुजुर्ग की पहचान बसहरा गांव निवासी सुनील पटेल के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह पिछले कुछ समय से मानसिक रूप से अस्वस्थ चल रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, वह अक्सर गांव में इधर-उधर घूमते रहते हैं। आशंका जताई जा रही है कि वह रविवार रात या सोमवार सुबह किसी समय पानी की टंकी की सीढ़ियों के सहारे ऊपर चढ़ गए होंगे।
घटना के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए थे। सभी लोग बुजुर्ग की सुरक्षा को लेकर चिंतित थे। पुलिस ने सावधानी बरतते हुए पहले बुजुर्ग से बातचीत करने की कोशिश की और फिर सुरक्षित तरीके से उन्हें नीचे लाने में सफलता हासिल की।
गौहनिया चौकी प्रभारी अनुराग सिंह ने बताया कि पुलिस टीम ने ग्रामीणों के सहयोग से बुजुर्ग को सकुशल रेस्क्यू किया। उन्होंने बताया कि बुजुर्ग मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं और इसी कारण इस तरह की घटना हुई है। पुलिस ने परिवार को बुजुर्ग की देखभाल करने की सलाह दी है।
बताया जा रहा है कि सुनील पटेल के इस तरह के व्यवहार से उनके परिवार के लोग पहले भी परेशान रहे हैं। हालांकि इस घटना में किसी तरह की अनहोनी नहीं हुई और पुलिस की तत्परता से बुजुर्ग की जान बच गई।
स्थानीय लोगों ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना की। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते पुलिस मौके पर नहीं पहुंचती तो बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। करीब 80 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़ना किसी भी व्यक्ति के लिए जोखिम भरा हो सकता है, खासकर जब उम्र 70 वर्ष हो।
इस घटना ने एक बार फिर मानसिक स्वास्थ्य और बुजुर्गों की देखभाल को लेकर सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसिक रूप से परेशान या अस्वस्थ बुजुर्गों पर परिवार और समाज को विशेष ध्यान देना चाहिए, ताकि वह किसी जोखिम भरे कदम की ओर न बढ़ें।
फिलहाल पुलिस ने बुजुर्ग को सुरक्षित उनके परिवार के पास पहुंचा दिया है। घटना के बाद गांव के लोगों ने राहत की सांस ली। पुलिस ने भी अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति के व्यवहार में असामान्य बदलाव दिखाई दे तो परिवार और आसपास के लोगों को तुरंत ध्यान देना चाहिए, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।