गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र स्थित वसुंधरा सेक्टर-1 में सोमवार तड़के एक सरकारी कर्मचारी पर घर में घुसकर जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। पोस्टल विभाग में सीनियर अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत शशांक कंथोरिया पर कथित तौर पर चाकू से करीब 12 वार किए गए। गंभीर रूप से घायल शशांक को तत्काल निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। मामले में नया मोड़ तब आया, जब पुलिस ने उनकी पत्नी प्रिया शर्मा और उसके कथित प्रेमी प्रभात सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पुलिस को आशंका है कि हमला सुनियोजित तरीके से किया गया था। हालांकि, मामले में सभी आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
घर में घुसकर किया गया हमला
जानकारी के अनुसार, मूल रूप से झांसी के रहने वाले शशांक कंथोरिया वसुंधरा सेक्टर-1 में अपने परिवार के साथ रहते हैं। वह केंद्र सरकार के अधीन कार्यरत हैं और पोस्टल विभाग में सीनियर अकाउंटेंट के पद पर तैनात हैं।
सोमवार तड़के उनके घर में एक हमलावर के दाखिल होने और उन पर चाकू से हमला करने की बात सामने आई। हमले में शशांक गंभीर रूप से घायल हो गए। बताया गया है कि उनके शरीर पर करीब 12 जगह चाकू के घाव थे।
घटना की जानकारी मिलने के बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। उनकी हालत गंभीर बताई गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हमलावर घर में कैसे दाखिल हुआ और वारदात को अंजाम देने के पीछे क्या वजह थी।
जिम में बढ़ीं नजदीकियां, पत्नी पर साजिश का आरोप
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि शशांक की पत्नी प्रिया शर्मा भी केंद्र सरकार के अधीन सीनियर अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत हैं। आरोप है कि जिम में व्यायाम के दौरान प्रिया की नजदीकियां जिम संचालक प्रभात सिंह से बढ़ीं और दोनों के बीच संबंध विकसित हो गए।पुलिस इस कथित संबंध को हमले के पीछे की संभावित वजह के रूप में जांच रही है। आरोप है कि इसी संबंध के चलते शशांक को रास्ते से हटाने की योजना बनाई गई थी।
हालांकि, किसी संबंध या पारिवारिक विवाद के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। इस मामले में पुलिस की जांच और अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्य ही आरोपों की पुष्टि या खंडन कर सकेंगे।
वारदात से पहले घर से निकली थी पत्नी
पुलिस के मुताबिक, घटनाक्रम में समय के अंतर को लेकर भी जांच की जा रही है। आरोप है कि प्रिया के घर से निकलने के करीब दो मिनट बाद प्रभात फ्लैट में दाखिल हुआ।जांच में यह भी सामने आया है कि हमलावर ने अपनी पहचान छिपाने के लिए चेहरे पर नकाब और हाथों में दस्ताने पहनने की योजना बनाई थी।
पुलिस इन तथ्यों की पुष्टि के लिए सीसीटीवी फुटेज, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और संबंधित लोगों के बयानों की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि वारदात के समय घर में कौन-कौन मौजूद था और हमले से पहले क्या परिस्थितियां बनी थीं।
पत्नी और कथित प्रेमी हिरासत में
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने प्रिया शर्मा और प्रभात सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। पुलिस दोनों की भूमिका और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।अधिकारियों का प्रयास है कि यह पता लगाया जाए कि हमला किस तरह किया गया, क्या इसकी पहले से योजना बनाई गई थी और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।फिलहाल पुलिस की ओर से जांच जारी होने की जानकारी दी गई है। हिरासत में लिए जाने का अर्थ दोष सिद्ध होना नहीं है। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होगी।
गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती
हमले में शशांक को गंभीर चोटें आई हैं। उन्हें तुरंत निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज किया जा रहा है।चाकू से कई वार किए जाने की बात सामने आने के बाद उनकी स्वास्थ्य स्थिति मामले का महत्वपूर्ण पहलू बनी हुई है। पुलिस अस्पताल से चिकित्सकीय जानकारी प्राप्त करने के साथ घटना से जुड़े अन्य साक्ष्य भी जुटा रही है।फिलहाल शशांक की हालत को लेकर विस्तृत मेडिकल अपडेट उपलब्ध नहीं है। उनकी स्थिति और चोटों की गंभीरता के बारे में आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद तस्वीर अधिक स्पष्ट होगी।
पुलिस इन सवालों के जवाब तलाश रही
इस घटना में पुलिस के सामने कई महत्वपूर्ण सवाल हैं। सबसे पहले यह पता लगाना है कि हमलावर घर में किस रास्ते से दाखिल हुआ और घटना को अंजाम देने के बाद क्या हुआ।इसके अलावा पुलिस कथित पारिवारिक विवाद, पत्नी और प्रभात के बीच संबंधों के आरोप, हमले की संभावित योजना और अन्य परिस्थितियों की भी जांच कर रही है।पुलिस के लिए सीसीटीवी फुटेज, घटनास्थल से मिले साक्ष्य और पूछताछ के दौरान सामने आने वाले तथ्यों का मिलान करना महत्वपूर्ण होगा।
वसुंधरा में घटना से सुरक्षा को लेकर चिंता
वसुंधरा सेक्टर-1 में घर के भीतर हुई इस वारदात से क्षेत्र में चिंता का माहौल है। स्थानीय लोगों के लिए यह घटना गंभीर सवाल खड़े करती है कि रिहायशी इलाकों में इस तरह के हमलों को रोकने के लिए सुरक्षा और निगरानी कितनी प्रभावी है।हालांकि, मामले का पूरा घटनाक्रम सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि हमला किन परिस्थितियों में हुआ और इसे रोकने की कोई संभावना थी या नहीं।
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