Jalalabad : कार ने स्कूली ई-रिक्शा को मारी टक्कर, 10 छात्र घायल, अस्पताल में भर्ती

Update: 2026-07-11 04:54 GMT

जलालाबाद :  उत्तर प्रदेश के जलालाबाद में शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया, जिसमें स्कूली बच्चों से भरे ई-रिक्शा को एक कार ने टक्कर मार दी। हादसे में 10 छात्र-छात्राएं घायल हो गए। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू करते हुए ई-रिक्शा में फंसे बच्चों को बाहर निकाला और उन्हें इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।

जानकारी के अनुसार, यह हादसा जलालाबाद के बारह पत्थर मोहल्ले में हुआ। शनिवार को सरस्वती शिशु मंदिर और सरस्वती विद्या मंदिर के छात्र-छात्राएं ई-रिक्शा से स्कूल जा रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार कार ने ई-रिक्शा को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि ई-रिक्शा में बैठे बच्चे गिर गए और कई बच्चों को चोटें आईं।

घटना के बाद आसपास मौजूद लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिना देर किए ई-रिक्शा से सभी बच्चों को बाहर निकाला और घायल बच्चों को प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने सभी बच्चों का इलाज शुरू किया।

घायलों में दीपक, शुभम, सौरभ, दिव्यांशी, अर्पित, आयुष, प्रियांशु समेत अन्य छात्र-छात्राएं शामिल हैं। डॉक्टरों ने सभी घायल बच्चों की जांच की और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया। अधिकारियों के अनुसार, सभी बच्चे खतरे से बाहर हैं।

हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने कार चालक को मौके पर ही पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने कार को कब्जे में लेकर थाने में खड़ा करा दिया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

स्थानीय लोगों ने हादसे के बाद स्कूली ई-रिक्शों के संचालन को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि क्षेत्र में कई ई-रिक्शों में क्षमता से अधिक छात्र-छात्राओं को बैठाया जा रहा है। अधिक बच्चों को बैठाने से वाहन का संतुलन बिगड़ने की आशंका रहती है, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।

लोगों ने आरोप लगाया कि परिवहन विभाग और यातायात पुलिस द्वारा स्कूली वाहनों की जांच और नियमों के पालन को लेकर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उनका कहना है कि यदि समय रहते क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने वाले ई-रिक्शों पर कार्रवाई की जाए तो इस तरह की घटनाओं को रोका जा सकता है।

घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी सक्रिय हो गए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और हादसे के कारणों की जांच शुरू की। अधिकारियों का कहना है कि वाहन चालक की लापरवाही समेत सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

क्षेत्राधिकारी (CO) ज्योति यादव ने बताया कि हादसे में घायल सभी बच्चे सुरक्षित हैं। उनका उपचार कराया गया है और किसी की हालत गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दुर्घटना के मामले में वाहन चालक की भूमिका की जांच की जा रही है। हादसे के समय कार की गति, चालक की लापरवाही और अन्य तकनीकी पहलुओं को भी जांच में शामिल किया जाएगा।

सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों को स्कूल ले जाने वाले वाहनों में सुरक्षा नियमों का पालन बेहद जरूरी है। ई-रिक्शा में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाना खतरनाक साबित हो सकता है। इसके अलावा चालकों के लाइसेंस, वाहन की फिटनेस और यातायात नियमों की नियमित जांच आवश्यक है।

अभिभावकों ने भी मांग की है कि स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि स्कूली ई-रिक्शों की जांच अभियान चलाकर यह सुनिश्चित किया जाए कि उनमें क्षमता के अनुसार ही बच्चों को बैठाया जाए।

फिलहाल पुलिस ने कार को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। घायल बच्चों का इलाज जारी है और प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। इस हादसे ने एक बार फिर स्कूली बच्चों की सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Tags:    

Similar News