राम मंदिर दान मामला: 50 बैंक खाते जांच के दायरे में

Update: 2026-07-11 05:01 GMT

अयोध्या : अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में दान राशि के कथित गबन मामले की जांच कर रही पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। जांच एजेंसियां अब कथित पैसों के लेन-देन और उनके संभावित डायवर्जन का पता लगाने के लिए गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों के रिश्तेदारों और मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कुछ अन्य लोगों के बैंक खातों की जांच कर रही हैं।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान अब तक 50 से अधिक बैंक खातों की पहचान की गई है। इन खातों में हुए लेन-देन, हाल के निवेश और अन्य वित्तीय गतिविधियों की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कथित रूप से गलत तरीके से प्राप्त धन कहां-कहां गया।

जांच अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य पूरे मामले में मनी ट्रेल को सामने लाना है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यदि दान राशि के दुरुपयोग या गबन की कोई घटना हुई है तो उसमें शामिल लोगों ने धन का इस्तेमाल किस तरह किया और क्या इसे किसी अन्य व्यक्ति या खाते में ट्रांसफर किया गया।

आठ आरोपियों से पूछताछ जारी

इस मामले में पुलिस ने अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर जांच का दायरा बढ़ाया गया है। पुलिस अब आरोपियों के करीबी रिश्तेदारों, परिचितों और उनसे जुड़े वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रही है।

जांच एजेंसी को आशंका है कि कथित तौर पर इस्तेमाल की गई रकम सीधे आरोपियों के खातों में रहने के बजाय अन्य खातों में भेजी गई हो सकती है। इसी संभावना को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों के परिवार के सदस्यों और संबंधित लोगों के बैंक खातों की जानकारी जुटाई है।

बैंक ट्रांजैक्शन और निवेश की जांच

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच टीम बैंक खातों में हुए सभी बड़े लेन-देन की पड़ताल कर रही है। इसमें हाल के समय में जमा हुई रकम, निकासी, ऑनलाइन ट्रांसफर और अन्य वित्तीय गतिविधियों को शामिल किया गया है।

इसके अलावा पुलिस यह भी जांच रही है कि आरोपियों या उनके रिश्तेदारों ने हाल के दिनों में कोई बड़ा निवेश तो नहीं किया। संपत्ति खरीद, बैंक बैलेंस में अचानक बढ़ोतरी और अन्य वित्तीय गतिविधियों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।

अधिकारियों का कहना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी वित्तीय रिकॉर्ड का गहन विश्लेषण किया जाएगा।

मंदिर से जुड़े लोगों की भी जांच

पुलिस ने मामले की जांच केवल गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित नहीं रखी है। मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कुछ अन्य लोगों और उनके वित्तीय लेन-देन की भी जांच की जा रही है। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

जांच एजेंसियां यह सुनिश्चित करना चाहती हैं कि मामले में यदि कोई अन्य व्यक्ति शामिल है तो उसकी भूमिका भी सामने आए और उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके।

डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य जुटाए जा रहे

बैंक खातों की जांच के अलावा पुलिस डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजी साक्ष्यों को भी जुटा रही है। इसमें मोबाइल रिकॉर्ड, वित्तीय दस्तावेज और अन्य संबंधित जानकारी शामिल हो सकती है।

जांच अधिकारियों का मानना है कि वित्तीय मामलों में केवल आरोपों के आधार पर कार्रवाई नहीं की जा सकती। इसलिए पैसों के लेन-देन से जुड़े ठोस सबूत जुटाना बेहद जरूरी है।

श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा मामला

अयोध्या राम मंदिर देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। मंदिर निर्माण और संचालन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दान दिया है। ऐसे में दान राशि से जुड़े किसी भी विवाद को गंभीरता से देखा जा रहा है।

मंदिर प्रशासन और जांच एजेंसियां यह सुनिश्चित करने में जुटी हैं कि श्रद्धालुओं द्वारा दी गई राशि का सही उपयोग हो और किसी भी तरह की वित्तीय अनियमितता की स्थिति में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

जांच आगे बढ़ने की उम्मीद

फिलहाल पुलिस की जांच वित्तीय रिकॉर्ड और बैंक खातों के विश्लेषण पर केंद्रित है। आने वाले दिनों में बैंक जांच से जुड़े नए तथ्य सामने आ सकते हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित गबन की रकम कितनी थी, उसका इस्तेमाल कहां किया गया और क्या इस पूरे मामले में कोई बड़ा नेटवर्क शामिल है। फिलहाल आठों आरोपियों से पूछताछ और बैंक खातों की जांच लगातार जारी है।

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