मुजफ्फरनगर :  सावन के पावन महीने और कांवड़ यात्रा के उत्साह के बीच मुजफ्फरनगर से एक भावुक कर देने वाला मामला सामने आया है। हरिद्वार से गंगाजल लेकर भगवान शिव को अर्पित करने जा रही एक महिला कांवड़िया की यात्रा के दौरान ही खुशियां दोगुनी हो गईं। दिल्ली की रहने वाली महिला कांवड़िया ने मुजफ्फरनगर जिला महिला अस्पताल में जुड़वा बेटों को जन्म दिया। इस घटना के बाद अस्पताल में खुशी का माहौल बन गया। वहीं, महिला पुलिस और स्वास्थ्यकर्मियों की मदद से समय पर अस्पताल पहुंच सकी, जिससे मां और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो पाई।

जानकारी के अनुसार, दिल्ली के भलस्वा इलाके की रहने वाली 20 वर्षीय नेहा अपनी कुछ महिला साथियों के साथ कांवड़ लेने के लिए ऋषिकेश से आगे नीलकंठ पहुंची थीं। वहां से उन्होंने पवित्र गंगाजल लेकर कांवड़ यात्रा शुरू की। यात्रा के दौरान नेहा करीब सात माह की गर्भवती थीं, लेकिन आस्था और भक्ति के कारण वह कांवड़ यात्रा में शामिल रहीं।

शनिवार को नीलकंठ से कांवड़ लेकर निकली नेहा सोमवार को मुजफ्फरनगर की सीमा में पहुंची। इसी दौरान अचानक उन्हें प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। बताया जा रहा है कि उस समय उनके साथ चल रही अन्य महिला कांवड़िया आगे निकल चुकी थीं। दर्द बढ़ने पर आसपास मौजूद लोगों और अन्य कांवड़ियों ने उनकी मदद की और पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तत्काल पुलिस वाहन से जिला महिला अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिसकर्मियों की तत्परता के कारण गर्भवती महिला को समय पर इलाज मिल सका। इसके बाद अस्पताल के चिकित्सकों ने महिला की जांच की और डिलीवरी की प्रक्रिया शुरू कराई।

जिला महिला अस्पताल में चिकित्सकों की देखरेख में नेहा ने सामान्य डिलीवरी के जरिए दो जुड़वा बेटों को जन्म दिया। हालांकि, बच्चों का जन्म सातवें महीने में होने के कारण दोनों नवजातों को विशेष निगरानी की जरूरत थी। अस्पताल प्रशासन ने दोनों बच्चों को एसएनसीयू यानी स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट में भर्ती कर दिया। डॉक्टरों की टीम लगातार दोनों बच्चों के स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए है।

अस्पताल प्रशासन ने महिला के पति अनुराग से संपर्क कर उन्हें जुड़वा बेटों के जन्म की जानकारी दी। पति को जैसे ही इस खुशखबरी का पता चला, परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। चिकित्सकों ने बताया कि समय से पहले जन्म होने के कारण बच्चों को विशेष देखभाल की आवश्यकता है और फिलहाल उन्हें एसएनसीयू में रखा गया है।

घटना की जानकारी मिलने के बाद मुजफ्फरनगर के एसएसपी संजय वर्मा भी जिला महिला अस्पताल पहुंचे और महिला कांवड़िया तथा नवजात बच्चों का हाल जाना। उन्होंने अस्पताल के डॉक्टरों से बच्चों के स्वास्थ्य और इलाज की जानकारी ली। एसएसपी ने पुलिसकर्मियों की तत्परता की भी सराहना की, जिन्होंने समय रहते महिला को अस्पताल पहुंचाकर मदद की।

इस पूरे घटनाक्रम के कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। लोग पुलिस और अस्पताल प्रशासन की तत्परता की सराहना कर रहे हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान जहां लाखों श्रद्धालु भगवान शिव की भक्ति में लीन होकर अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं, वहीं नेहा के जीवन में यह यात्रा हमेशा के लिए यादगार बन गई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सावन के महीने में भगवान शिव की भक्ति के बीच जुड़वा बच्चों का जन्म परिवार के लिए किसी आशीर्वाद से कम नहीं है। वहीं, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जिस तरह से समय पर महिला की मदद की, उसकी भी जमकर प्रशंसा हो रही है। फिलहाल मां और दोनों नवजात बच्चे अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में हैं।

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