आगरा। आगरा में मंगलवार को पुलिस ने ‘ऑल इंडिया हिंदू महासभा’ के सदस्यों को ताजमहल परिसर में प्रवेश करने से रोक दिया। संगठन के सदस्य कांवड़ लेकर ताजमहल की ओर जा रहे थे और उनका दावा था कि ताजमहल वास्तव में भगवान शिव का मंदिर है। पुलिस ने पहले से मिली जानकारी के आधार पर उन्हें रास्ते में ही रोक लिया और बाद में राजेश्वर मंदिर ले जाया गया, जहां उन्होंने शिवलिंग पर पवित्र जल चढ़ाने की रस्म पूरी की।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, संगठन की 11 महिलाएं कांवड़ लेकर ताजमहल की ओर बढ़ रही थीं। उनका उद्देश्य श्रावण महीने के पहले सोमवार के अवसर पर ताजमहल में धार्मिक अनुष्ठान करना था। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस ने उन्हें स्मारक तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि प्रशासन को पहले से सूचना मिली थी कि यह समूह धार्मिक कार्यक्रम के लिए ताजमहल के पश्चिमी गेट की ओर जा रहा है। इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और समूह के सदस्यों को आगे जाने से रोक दिया।

अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने उन्हें राजेश्वर मंदिर पहुंचाया, जहां उन्होंने भगवान शिव को जल अर्पित करने की धार्मिक रस्म पूरी की। इसके बाद स्थिति सामान्य रही और किसी तरह की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।

श्रावण महीने में देशभर से बड़ी संख्या में शिवभक्त कांवड़ यात्रा निकालते हैं और भगवान शिव को जल अर्पित करते हैं। इसी क्रम में कुछ संगठनों और श्रद्धालुओं की ओर से विभिन्न धार्मिक स्थलों पर जलाभिषेक के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

हिंदू महासभा के सदस्यों ने लंबे समय से यह दावा किया है कि ताजमहल के स्थान पर पहले शिव मंदिर था। हालांकि, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और इतिहासकारों के अनुसार ताजमहल मुगल बादशाह शाहजहां द्वारा अपनी पत्नी मुमताज महल की याद में बनवाया गया एक मकबरा है।

ताजमहल एक संरक्षित ऐतिहासिक स्मारक है और इसका प्रबंधन भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधीन है। स्मारक परिसर में किसी भी तरह की धार्मिक गतिविधि की अनुमति नहीं है। सुरक्षा कारणों और नियमों के तहत प्रशासन समय-समय पर ऐसे प्रयासों को रोकता रहा है।

पुलिस प्रशासन का कहना है कि ताजमहल जैसे संवेदनशील और विश्व प्रसिद्ध स्मारक की सुरक्षा को देखते हुए किसी भी प्रकार की ऐसी गतिविधि की अनुमति नहीं दी जा सकती, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति प्रभावित हो।

घटना के दौरान पुलिस ने सावधानी बरतते हुए स्थिति को नियंत्रित किया। अधिकारियों के अनुसार, किसी भी तरह के विवाद या तनाव से बचने के लिए पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।

स्थानीय प्रशासन के लिए ताजमहल की सुरक्षा एक बड़ी जिम्मेदारी है, क्योंकि यह देश के सबसे प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है। यहां हर दिन देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में किसी भी धार्मिक या राजनीतिक गतिविधि को लेकर प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरतता है।

हिंदू महासभा के सदस्यों की ओर से ताजमहल में धार्मिक अनुष्ठान करने की कोशिश को लेकर एक बार फिर ऐतिहासिक स्मारकों और धार्मिक दावों से जुड़े विवाद चर्चा में आ गए हैं। इससे पहले भी कई बार अलग-अलग संगठनों की ओर से ताजमहल को लेकर दावे किए जाते रहे हैं।

पुलिस ने इस पूरे मामले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने को प्राथमिकता दी। अधिकारियों का कहना है कि सभी पक्षों से बातचीत कर स्थिति को शांतिपूर्ण तरीके से संभाला गया।

फिलहाल ताजमहल परिसर में सामान्य गतिविधियां जारी रहीं और पर्यटकों की आवाजाही प्रभावित नहीं हुई। प्रशासन ने साफ किया है कि संरक्षित स्मारक के नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा और किसी भी तरह की अनधिकृत गतिविधि को अनुमति नहीं दी जाएगी।

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