Yogi सरकार का बड़ा कदम, आउटसोर्स कर्मचारियों की व्यवस्था होगी मजबूत

Update: 2026-07-21 10:21 GMT

Lucknow लखनऊ :   उत्तर प्रदेश के लाखों आउटसोर्स और संविदा कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने आउटसोर्सिंग व्यवस्था को बेहतर और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (यूपीकास) की भूमिका को प्रभावी बनाने के लिए 20 करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई।

सरकार की ओर से मंजूर की गई यह राशि सेवा निगम के संचालन और व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए दी जाएगी। खास बात यह है कि यह धनराशि शून्य ब्याज दर पर उपलब्ध कराई जाएगी। निगम को इस राशि की अदायगी तुरंत नहीं करनी होगी, बल्कि पांच साल बाद भुगतान प्रक्रिया शुरू होगी।

प्रस्ताव के अनुसार, पांच साल की अवधि पूरी होने के बाद निगम को अगले 10 वर्षों तक हर साल दो करोड़ रुपये की दर से राशि वापस करनी होगी। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से आउटसोर्स सेवा निगम को शुरुआती स्तर पर आर्थिक मजबूती मिलेगी और वह बेहतर तरीके से काम कर सकेगा।

योगी सरकार ने पिछले दिनों आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया, सेवा शर्तों और पारिश्रमिक व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम को सक्रिय करने की घोषणा की थी। सरकार का उद्देश्य है कि आउटसोर्सिंग व्यवस्था में होने वाली अनियमितताओं को कम किया जाए और कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जून महीने में यूपीकास की कार्यप्रणाली और प्रगति की समीक्षा की थी। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि आउटसोर्स व्यवस्था को तकनीक आधारित, जवाबदेह और कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया जाए।

सरकार का मानना है कि आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति में पारदर्शिता आने से योग्य लोगों को बेहतर अवसर मिलेंगे। इसके अलावा कर्मचारियों के वेतन, सेवा शर्तों और अन्य सुविधाओं से जुड़े मामलों में भी सुधार किया जा सकेगा।

अभी तक कई विभागों में आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति अलग-अलग एजेंसियों के माध्यम से की जाती रही है। इससे कई बार कर्मचारियों को वेतन, अनुबंध और अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ता था। नई व्यवस्था के तहत इन प्रक्रियाओं को एक समान और व्यवस्थित करने का प्रयास किया जा रहा है।

यूपीकास के माध्यम से सरकार आउटसोर्स कर्मचारियों की पूरी व्यवस्था को एक प्लेटफॉर्म पर लाने की तैयारी कर रही है। इसमें कर्मचारियों का डाटा, नियुक्ति प्रक्रिया, भुगतान व्यवस्था और सेवा संबंधी अन्य जानकारियों को अधिक व्यवस्थित तरीके से संचालित करने की योजना है।

सरकार के इस फैसले से प्रदेश के विभिन्न विभागों में काम कर रहे लाखों आउटसोर्स और संविदा कर्मचारियों को उम्मीद है कि उनकी समस्याओं का समाधान तेजी से होगा। कर्मचारियों को समय पर भुगतान, बेहतर सेवा शर्तें और अधिक सुरक्षित रोजगार व्यवस्था मिलने की संभावना जताई जा रही है।

योगी सरकार का कहना है कि प्रदेश के विकास में आउटसोर्स और संविदा कर्मचारियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। इसलिए उनकी व्यवस्था को मजबूत और पारदर्शी बनाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। कैबिनेट के इस फैसले को इसी दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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