Ram Mandir संचालन को मिलेगा नया ढांचा, धार्मिक समिति करेगी मार्गदर्शन

Update: 2026-07-22 14:39 GMT

Ayodhya अयोध्या :  रामनगरी अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक आयोजित हुई। करीब ढाई घंटे तक चली इस बैठक में राम मंदिर के संचालन, प्रशासनिक व्यवस्था, वित्तीय प्रबंधन और भविष्य की योजनाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक में मंदिर व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए कई बड़े फैसले लिए गए।

बैठक में निर्णय लिया गया कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से अब एक आधिकारिक प्रवक्ता नियुक्त किया जाएगा। प्रवक्ता की नियुक्ति का उद्देश्य मंदिर से जुड़ी जानकारियों को व्यवस्थित तरीके से श्रद्धालुओं और आम लोगों तक पहुंचाना है। ट्रस्ट का मानना है कि मंदिर निर्माण और संचालन से जुड़े विषयों को लेकर सही जानकारी समय-समय पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

बैठक में मंदिर प्रबंधन के लिए एक धार्मिक समिति के गठन का भी फैसला लिया गया। इस धार्मिक समिति की अध्यक्षता गोविंद देवगिरी करेंगे। समिति में कई प्रमुख संतों और धर्माचार्यों को शामिल किया गया है। इनमें वासुदेवानंद सरस्वती, विश्वप्रसन्नतीर्थ, दिनेन्द्र दास, कमलनयनदास, राजकुमारदास, रामानंददास और मिथिलेश नंदनी शरण के नाम शामिल हैं।

ट्रस्ट की बैठक में धार्मिक गतिविधियों और मंदिर की परंपराओं को बेहतर तरीके से संचालित करने को लेकर भी चर्चा हुई। समिति मंदिर में पूजा-पद्धति, धार्मिक कार्यक्रमों और अन्य व्यवस्थाओं से जुड़े मामलों में मार्गदर्शन प्रदान करेगी। ट्रस्ट का उद्देश्य है कि राम मंदिर का संचालन धार्मिक मर्यादाओं और परंपराओं के अनुरूप किया जाए।

बैठक में मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के चयन को लेकर भी चर्चा हुई। हालांकि, सीईओ के नाम पर अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। बताया गया कि सीईओ का चयन करीब एक महीने बाद किया जाएगा। संभावना जताई जा रही है कि 2 सितंबर को होने वाली अगली बैठक में नए महासचिव और सीईओ के नामों की घोषणा की जा सकती है।

वर्तमान में कृष्ण मोहन ही कार्यवाहक महासचिव की जिम्मेदारी संभालते रहेंगे। ट्रस्ट की ओर से प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए फिलहाल मौजूदा व्यवस्था जारी रखने का निर्णय लिया गया है।

बैठक में बैंक की कार्यप्रणाली को लेकर भी नाराजगी जताई गई। ट्रस्ट के सदस्यों ने वित्तीय प्रबंधन से जुड़े कुछ विषयों पर चर्चा की और वित्तीय कमेटी को इसकी समीक्षा करने की जिम्मेदारी दी गई है। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर आगे निर्णय लिया जाएगा।

इसके अलावा बैठक में राम मंदिर में अर्चकों की नियुक्ति और प्रशिक्षण को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। ट्रस्ट ने निर्णय लिया है कि अर्चकों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण केंद्र बनाया जाएगा, जहां उन्हें पूजा विधि, धार्मिक परंपराओं और मंदिर की व्यवस्थाओं से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा।

ट्रस्ट के सदस्यों ने कहा कि राम मंदिर का संचालन सभी के सहयोग और नेतृत्व से किया जाएगा। मंदिर केवल धार्मिक आस्था का केंद्र नहीं बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़ा स्थान है। इसलिए इसकी व्यवस्था को पारदर्शी, व्यवस्थित और श्रद्धालु हितों के अनुरूप बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

बैठक में मंदिर की भविष्य की व्यवस्थाओं, संगठनात्मक ढांचे और प्रशासनिक सुधारों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। ट्रस्ट आने वाले समय में मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहा है।

अयोध्या में राम मंदिर के भव्य निर्माण के बाद अब ट्रस्ट का फोकस मंदिर संचालन की मजबूत व्यवस्था तैयार करने पर है। बैठक में लिए गए फैसलों को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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